स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में सुंदर पिचाई के संबोधन के दौरान छात्रों का वॉकआउट, लहराए फिलिस्तीनी झंडे

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के दौरान सुंदर पिचाई के संबोधन का विरोध करते हुए कई छात्रों ने कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट किया. छात्रों ने बैनर लहराए और फ़िलिस्तीनी झंडा दिखाया. कई बैनरों में गूगल के प्रोजेक्ट निम्बस क्लाउड अनुबंध का उल्लेख था, जो इज़रायल सरकार के साथ किया गया है और जिसके तहत इज़रायली रक्षा मंत्रालय तथा अन्य सरकारी एजेंसियों को सेवाएं प्रदान की जाती हैं.

पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते की घोषणा की, 19 जून को स्विट्जरलैंड में हो सकते हैं दस्तख़त

पश्चिम एशिया संकट के बीच सोमवार सुबह अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने की ख़बरें सामने आई हैं. इस बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. उधर,अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद एशिया में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की क़ीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशियाई शेयर बाज़ारों में तेज़ी देखी गई है.

भारत से ‘पुशबैक घटनाओं’ के बीच बांग्लादेश ने सीमा पर हथियारों से लैस वॉलंटियर तैनात किए

पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में 'घुसपैठियों को वापस भेजना' प्रचार का एक अहम मुद्दा था. केंद्र सरकार ने ऐसी आबादी के आंकड़ों की जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई है. इस बीच बंगाल और त्रिपुरा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक दर्जन से ज़्यादा जगहों पर बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स ने हथियारबंद ग्रामीण सुरक्षा स्वयंसेवकों (वॉलंटियर) को तैनात किया है.

अमेरिकी कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत: सरकार की सुस्त प्रतिक्रिया, ‘मोदी के मज़बूत नेतृत्व’ के दावे ध्वस्त

अमेरिका एक रणनीतिक साझेदार है, लेकिन जब किसी रणनीतिक साझेदार की सेना आपके नागरिकों की जान लेती है, तो रणनीतिक संप्रभुता का तकाज़ा है कि उसकी सार्वजनिक रूप से निंदा की जाए. नई दिल्ली का ऐसा न कर पाना भारत के 'रणनीतिक स्वायत्तता' के दावे को कमज़ोर करता है.

युद्धविराम के दो महीने बाद फिर आमने-सामने इज़रायल और ईरान, मिसाइल और हवाई हमलों से बढ़ा तनाव

दो महीने पहले हुए युद्धविराम के बाद इज़रायल और ईरान ने एक-दूसरे के क्षेत्रों पर सीधे हमले किए हैं. बेरूत पर इज़रायली हमले के बाद ईरान ने मिसाइलें दागीं, वहीं इज़रायल ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया.

गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की पाकिस्तान की योजना पर भारत ने जताया कड़ा विरोध

भारत ने शनिवार को पाकिस्तान द्वारा 7 जून को ‘गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा’ के चुनाव कराने की योजना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये चुनाव ‘भारत के उन क्षेत्रों में कराए जा रहे हैं, जिन पर पाकिस्तान ने अवैध और जबरन क़ब्ज़ा कर रखा है’. साथ ही यह भी दोहराया कि यह क्षेत्र भारत का हिस्सा है.

बांग्लादेश के नए ‘पुश-इन’ आरोपों के बीच भारत ने द्विपक्षीय निर्वासन तंत्र का हवाला दिया

बांग्लादेश ने आरोप लगाया कि भारतीय अधिकारी लोगों को सीमा पार बांग्लादेश में पुश-इन (लोगों को जबरन सीमा पार भेजने) की कोशिश कर रहे हैं. इस पर भारत सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों, जिनमें बांग्लादेशी भी शामिल हैं, से निपटने के लिए क़ानून मौजूद हैं.

हिंद रजब फाउंडेशन की मांग- हिमाचल में छुट्टी मना रहे इज़रायली सैनिक को ‘युद्ध अपराधों’ के लिए गिरफ़्तार करे भारत

हिंद रजब फाउंडेशन ने भारत सरकार से हिमाचल प्रदेश में छुट्टी मन रहे इज़रायली नागरिक ईतान गिलबोआ गिरफ़्तारी की मांग करते हुए कहा कि गिलबोआ इज़रायली सेना में एक रिज़र्व सैनिक है और फ़िलिस्तीन में रिहायशी इमारतों पर बमबारी और बड़े पैमाने पर उन्हें गिराने की घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल रहा है. उनके यह कृत्य जिनेवा कन्वेंशन एक्ट, 1960 के तहत 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आते हैं.

नेपाल के पीएम का दावा- नेपाल ने भी भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया, मध्यस्थता में ब्रिटेन की भागीदारी की मांग

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि न सिर्फ भारत ने नेपाल की ज़मीन पर कब्ज़ा किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की ज़मीन पर कब्ज़ा किया है. दोनों पक्षों को बैठकर इस मामले पर गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए. उन्होंने सीमा विवाद के सुलह प्रक्रिया में ब्रिटेन की भागीदारी की भी वकालत की.

चीन-पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के ज़िक्र को भारत ने ख़ारिज किया

पाकिस्तान और चीन के संयुक्त बयान में कहा गया था कि पाकिस्तानी पक्ष ने अपने चीनी समकक्षों को ‘जम्मू-कश्मीर की स्थिति में हालिया घटनाक्रमों’ की जानकारी दी. भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के ‘अभिन्न और अटूट हिस्सा’ थे, हैं और रहेंगे. यह भारत का स्थायी और सर्वविदित रुख़ है और किसी अन्य देश को इस विषय पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है.

ईरान दूतावास ने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की टिप्पणियों को खारिज किया

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता और उसे अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम को सौंप देना चाहिए. इसके जवाब में ईरान ने कहा कि ईरान परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग को अपने लोगों का वैध और अविभाज्य अधिकार मानता है और इस बात पर जोर देता है कि वह इस कानूनी तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अधिकार को कभी नहीं छोड़ेगा.

रुबियो से बातचीत में जयशंकर ने रखा भारत का पांच सूत्रीय रुख, संवाद और निर्बाध समुद्री व्यापार पर जोर

भारत-अमेरिका वार्ता के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का पांच सूत्रीय वैश्विक दृष्टिकोण सामने रखा. उन्होंने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति, निर्बाध समुद्री व्यापार, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर जोर दिया. वहीं, मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों के और मजबूत होने की बात कही.

पाकिस्तान: लाहौर के इलाकों के नाम बदलेगी पंजाब सरकार, विभाजन-पूर्व नामों को मंज़ूरी

ख़बरों के अनुसार, लाहौर के मोहल्लों के नाम उनके विभाजन-पूर्व नामों पर दोबारा रखने की इस पहल का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक पहचान को बहाल करना और उसके बहुसांस्कृतिक अतीत को मान्यता देना है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.

अडानी ने अमेरिका से 27.5 करोड़ डॉलर का समझौता किया, आपराधिक रिश्वत केस वापसी की तैयारी

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अडानी एंटरप्राइजेज की एलपीजी खेपों में ईरान से जुड़े कई ‘रेड फ्लैग’ संकेत मिले थे. अमेरिकी ट्रेजरी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने प्रतिबंधित शिपमेंट्स की जानकारी स्वेच्छा से साझा नहीं की और इन सौदों से अमेरिकी प्रतिबंध नीति को 'गंभीर नुकसान' पहुंचा, जिसके बाद 27.5 करोड़ डॉलर का समझौता किया गया.

‘दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवाल क्यों नहीं लेते?’ नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी से पत्रकार का सवाल

नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वहां की एक पत्रकार ने मीडिया के सवाल लेने को लेकर सवाल किया, लेकिन वे बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए. बाद में भारतीय दूतावास की प्रेस ब्रीफिंग में भी मानवाधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल पूछे गए.