ईरान पर अमेरिका व इज़रायल के हमले के बाद पश्चिम एशियाई संकट का असर भारत में दिख रहा है. यह संकट कच्चे तेल में कमी या एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत के कई उद्योगों, जैसे हैंडलूम, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी आदि पर भी साफ़ दिखने लगा है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों के 34वें दिन ट्रंप ने हमले तेज़ करने की बात कही और युद्ध को ‘निवेश’ बताया है. युद्धविराम के उनके दावे को ईरान ने ख़ारिज किया है. वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ अब भी ठप पड़ा है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और क़ीमतों पर असर पड़ रहा है.
पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जहां ट्रंप के ईरान से बातचीत के दावे को तेहरान ने ख़ारिज कर दिया है. इज़रायल की लेबनान में सैन्य कार्रवाई, अमेरिका की धमकियां और कूटनीतिक अविश्वास ने हालात को और जटिल बना दिया है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों के 31वें दिन संघर्ष और व्यापक हो गया है. खाड़ी देशों तक हमले फैलने के बीच कुवैत में एक भारतीय की मौत हुई है. ट्रंप के तेल क़ब्ज़े वाले बयान से विवाद बढ़ा है, जबकि युद्ध का असर भारत में ईंधन संकट के रूप में स्पष्ट दिखने लगा है जहां घरेलू ज़रूरतों के लिए केरोसीन की अस्थायी वापसी हुई है.
रूस 1 अप्रैल से पेट्रोल निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है. सरकार का कहना है कि वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने की जरूरत के चलते यह कदम उठाया जा रहा है. प्रस्तावित रोक 31 जुलाई तक लागू रह सकती है.
अमेरिका में ‘नो किंग्स’ आंदोलन के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. 50 राज्यों में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे. मिनेसोटा में मुख्य कार्यक्रम हुआ, जहां पुलिस कार्रवाई में मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई. प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र और अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई.
नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ लेने के अगले ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ़्तार कर लिया गया है. ये गिरफ्तारियां बीते साल सितंबर में हुए ज़ेन-जी विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्जनों लोगों की मौत से संबंधित मामले से जुड़ी हुई हैं.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों का 29वां दिन जारी है. परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद ईरान ने 'भारी क़ीमत' चुकाने की चेतावनी दी है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यक्रम में नाटो को 'कागज़ी शेर' बताते हुए उसके रुख़ पर नाराज़गी जताई है.
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का यह निर्णय बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी उस कार्यकारी आदेश के अनुरूप है, जिसमें 'महिलाओं के खेलों से पुरुषों को बाहर रखने' की बात कही गई थी. इस आदेश में कहा गया था कि लॉस एंजेलिस ओलंपिक्स में हिस्सा लेने की कोशिश करने वाले ट्रांसजेडर एथलीट्स को वीज़ा नहीं दिया जाएगा.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों का 28वां दिन भी बमबारी के साथ जारी है. ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले 10 दिन टालने की बात कही है, जबकि शांति वार्ता के दावे जारी हैं. ईरान ने अमेरिकी 'शांति प्रस्ताव' को 'एकतरफा और अनुचित' बताया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि ईरान के लोग उन्हें अपना सर्वोच्च नेता बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इस पद में कोई दिलचस्पी नहीं है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों का 27वां दिन भी हिंसा के साथ जारी है, इस्फहान में भारी हमलों की ख़बर है. इस बीच भारत सरकार ने पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. कहा गया है कि जहां पाइप्ड गैस उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होना होगा. ऐसा नहीं करने पर एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों का ज़िक्र करते हुए ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि युद्धों को सही ठहराने के लिए झूठ गढ़े जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हम ऐसे झूठ के दौर में नहीं रह सकते, जहां दुश्मन गढ़े जाते हैं और उनकी नकारात्मक छवि बनाकर तबाही को जायज़ ठहराया जाता है.' उन्होंने इराक युद्ध का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया, 'सद्दाम हुसैन के रासायनिक हथियार कहां हैं? किसे मिले?'
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों का 26वां दिन भी जारी है और हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. तेहरान में ताजा हमलों में 12 लोगों की मौत हुई है, वहीं ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है. इस बीच कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें कमजोर पड़ती दिख रही हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी संकट गहराता जा रहा है.
ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों के 25वें दिन तनाव और बढ़ गया है. ट्रंप के शांति वार्ता के दावे को ईरान ने फेक न्यूज बताया है. दोनों पक्षों के हमले जारी हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता, तेल बाजार और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं.