अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले सभी हवाई हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है. इसके पीछे उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में हुई ‘सकारात्मक बातचीत’ को ज़िम्मेदार बताया है. हालांकि ईरानी टीवी ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ‘पीछे हट गए' हैं.
ईरान पर अमेरिकी-इज़रायली हमलों के बाद शुरू हुआ युद्ध चौथे हफ्ते में पहुंच गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने लगा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (समुद्री मार्ग) पर बढ़े तनाव के बीच भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है और सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर ज़ोर दे रही है.
पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के बीच शनिवार को दूसरी सीधी बातचीत हुई. पीएम मोदी ने जहां बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों की निंदा की, वहीं ईरान की ओर से ब्रिक्स देशों से आक्रामकता रोकने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति एवं स्थिरता की रक्षा में 'स्वतंत्र भूमिका' निभाने का आह्वान किया गया.
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इज़रायल हमलों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका अतिरिक्त सैन्य बल भेज रहा है, जबकि ट्रंप ‘ऑपरेशन खत्म’ करने की बात भी कर रहे हैं. ईरान-लेबनान में भारी जनहानि हुई है और लाखों लोग विस्थापित हैं. संघर्ष का असर भारत समेत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है.
अमेरिका और इज़रायल के हमलों से शुरू हुआ ईरान संघर्ष 21वें दिन और गंभीर हो गया है. जवाबी हमलों, ऊर्जा ठिकानों पर हमलों और कुवैत तक फैले असर के बीच जर्मनी ने इज़रायल से दूरी बनाई है, जबकि अमेरिका युद्ध के लिए भारी अतिरिक्त फंड की तैयारी में है.
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की हालिया वार्षिक थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते साल भारत-पाकिस्तान तनाव को कम करने में मदद की थी. इससे पहले ट्रंप ने इस दावे 70 से अधिक बार दोहराया है कि उन्होंने 10 मई को 200% टैरिफ लगाने की धमकी देकर दोनों देशों के बीच युद्धविराम करवाया और संभावित परमाणु युद्ध को टाल दिया था.
अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद जारी युद्ध में, संबंधित देशों के अधिकारियों के अनुसार, ईरान में कम से कम 1,300 लोगों की मौत हो चुकी है, लेबनान में 960 से अधिक और इज़रायल में 14 लोगों की जान गई है. वहीं, अमेरिकी सेना का कहना है कि इस युद्ध में उसके 13 सैनिक मारे गए हैं और लगभग 200 घायल हुए हैं.
भारत ने काबुल स्थित अस्पताल में पाकिस्तान के हवाई हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान की यह घिनौनी आक्रामक कार्रवाई अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए ख़तरा है. उधर अफ़ग़ान सरकार ने बताया है कि मृतकों की संख्या 408 और घायलों की संख्या 265 हो गई है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमले का 19वां दिन: तेल अवीव में दो की मौत, वैश्विक सप्लाई और खाद संकट गहराया
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमले के 19 दिन पूरे हो चुके हैं और संघर्ष खाड़ी देशों तक फैल गया है. तेहरान के जवाबी हमलों, लेबनान में कार्रवाई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर से ऊर्जा व सप्लाई चेन प्रभावित हैं. खाद की कीमतें बढ़ने से वैश्विक कृषि संकट गहराता दिख रहा है.
अफ़ग़ानिस्तान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान द्वारा सोमवार देर रात राजधानी काबुल में एक अस्पताल पर किए गए हवाई हमले में 400 लोगों की जान गई. वहीं, पाकिस्तान ने अस्पताल पर हमले के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि उसके हमले, जो पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में भी किए गए, में किसी भी नागरिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमले के 18 दिन हो चुके हैं. इस बीच मंगलवार (17 मार्च) को इज़रायली सेना ने तेहरान पर हमले तेज करने की घोषणा की. संघर्ष का असर खाड़ी देशों में भी साफ दिख रहा है. मंगलवार सुबह अबू धाबी में एक मिसाइल हमले के दौरान एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई.
धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग ने अपनी 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ और आरएसएस पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघनों में कथित भूमिका के लिए लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश की है. साथ ही लगातार सातवें वर्ष भारत को 'विशेष चिंता वाला देश' घोषित करने की मांग भी दोहराई. भारत ने रिपोर्ट को 'मनगढ़ंत और पक्षपातपूर्ण' बताया है.
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमले के बीच तेल की क़ीमतें बढ़ने के बावजूद होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए जिन सात देशों से डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धपोत भेजने की मांग की है, उनमें से किसी ने भी अब तक इसके लिए सहमति नहीं दी है.
ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों की निंदा को लेकर ब्रिक्स की संयुक्त प्रतिक्रिया पर सहमति बनाना मुश्किल हो गया है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, समूह के कुछ सदस्य देश पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष में सीधे शामिल हैं. हालांकि, भारत ने कहा है कि वह ब्रिक्स देशों के साथ बातचीत जारी रखेगा.
ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों को 16 दिन हो चुके हैं, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सहयोगी देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की 'सुरक्षा' के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है, जबकि ईरान के विदेश मंत्री ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए क्षेत्र के देशों से ‘विदेशी हमलावरों को बाहर निकालने’ का आह्वान किया है.