मीडिया

Muraleedharan twitter

केंद्रीय मंत्री ने एशियानेट चैनल को प्रेस वार्ता से बाहर किया, कहा- पार्टी लाइन पर कायम हूं

केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि भले ही वे केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन वे ऐसा ही करेंगे. अपने इस क़दम को सही ठहराने के लिए उन्होंने महात्मा गांधी का हवाला देते हुए कहा कि वे ‘असहयोग सिद्धांतों’ पर चल रहे हैं. केरल भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई कवरेज को लेकर मलयालम समाचार चैनल एशियानेट का बहिष्कार करने की घोषणा की थी.

भाजपा द्वारा पत्रकार अभ्रो बनर्जी को मृत पार्टी कार्यकर्ता मानिक मोइत्रो बताने वाले वीडियो का स्क्रीनशॉट. (फोटो: फेसबुक)

बंगाल: भाजपा ने पत्रकार की फोटो को हिंसा में मृत पार्टी कार्यकर्ता बताया, आपत्ति के बाद दी सफाई

भाजपा ने इंडिया टुडे के पत्रकार अभ्रो बनर्जी के फोटो का इस्तेमाल करते हुए दावा किया वह पश्चिम बंगाल के सीतलकुची में मारे गए उनके पार्टी कार्यकर्ता मानिक मोइत्रा हैं. बाद में भाजपा ने अपनी सफाई में कहा कि पत्रकार की तस्वीर गलती से वीडियो में शामिल हो गई.

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: दूसरे ज़िले में ऑक्सीजन भेजने की ख़बर लिखने वाले तीन पत्रकारों को प्रशासन का नोटिस

घटना रायबरेली की है, जहां कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया था कि ज़िले में स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान 20 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन पड़ोसी ज़िले कानपुर भेजी गई. ज़िला प्रशासन ने तीन स्थानीय पत्रकारों को नोटिस जारी कर उन जानकारियों का स्रोत पूछा है, जिसके आधार पर ख़बरें लिखी गई थीं.

Chennai: Odisha Chief Minister Naveen Patnaik addresses during the 'Odisha Investors' meet, in Chennai, Wednesday, Sept. 26, 2018. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI9_26_2018_000060B)

ओडिशा ने पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड योद्धा घोषित किया

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओडिशा ने अपनी ड्यूटी करते हुए कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को 15 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा. वैश्विक महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक ओडिशा में 11 पत्रकारों की जान जा चुकी है.

फेस मास्क लगाकर रिपोर्टिंग करते पत्रकार. (प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

पूरे विश्व में कोविड संक्रमण से हुई पत्रकारों की मौतों के मामले में भारत तीसरे स्थान पर: रिपोर्ट

जिनेवा के एक मीडिया अधिकार निकाय द प्रेस एंब्लेम कैंपेन की रिपोर्ट बताती है कि 26 अप्रैल तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना संक्रमण से कम से कम 107 पत्रकारों की मौत हुई है और इस तरह से भारत केवल ब्राज़ील (181 मौतें) और पेरू (140 मौतें) से पीछे है. रिपोर्ट के मुताबिक़ बीते दो हफ़्तों में भारत के 45 पत्रकारों की मौत हुई है.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को आदेश, केरल के पत्रकार को इलाज के लिए बाहर भेजा जाए

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को यूएपीए के आरोपों के तहत गिरफ़्तार केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश देते हुए कहा कि एक विचाराधीन क़ैदी को भी जीने का अधिकार है.

राधाकृष्ण मुरलीधर. (1958-26 अप्रैल 2021)

द वायर के मैनेजर राधाकृष्ण मुरलीधर का जाना…

स्मृति शेष: दुनिया के हर देश के किसी भी सामान्य मीडिया संस्थान में मुरली जैसे लोग होते हैं. ये स्वतंत्र प्रेस के अनदेखे-अनसुने नायक होते हैं, जिनकी मेहनत के चलते पत्रकार वो कर पाते हैं, जो वो करते हैं. उनके लिए कोई अवॉर्ड, कोई सराहना नहीं होती पर रिपोर्टर द्वारा संस्थान को मिल रहे सम्मान को वे अपना समझकर संजोते हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों से कोविड संबंधी और अधिक पोस्ट हटाने के लिए कहा: रिपोर्ट

केंद्र की मोदी सरकार के अनुरोध पर ट्विटर पहले ही भारत में ऐसे क़रीब 50 ट्वीट्स पर रोक लगा चुका है, जो कोविड-19 महामारी की स्थिति को संभालने में सरकार के तरीकों की आलोचना कर रहे थे. अब इन ट्वीट्स को भारत में नहीं देखा जा सकता.

सुमित्रा महाजन. (फोटो: पीटीआई)

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के निधन की अफ़वाह फै़लाने पर मामला दर्ज

सोशल मीडिया पर सुमित्रा महाजन के निधन की अफ़वाह के संबंध में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अज्ञात आरोपी के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी महाजन के निधन की ग़लत ख़बर अपने ट्विटर खाते पर साझा कर दी थी. बाद में उन्होंने ये ट्वीट डिलीट कर माफ़ी मांगी है.

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय. (फोटो: पीटीआई)

मीडिया के लाशों के ढेर दिखाने से लोगों में फैल रही महामारी की दहशत: कैलाश विजयवर्गीय

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महामारी के मुश्किल दौर में ऐसी ख़बरें भी दिखाई जानी चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक माहौल बन सके. हर 100 साल में एक बार महामारी आती है. ऐसे समय में आप यह भी दिखाएं कि डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ किस तरह लगातार काम कर रहे हैं.

(फोटो: द वायर)

प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत लगातार 142वें स्थान पर, पत्रकारों के लिए बेहद ख़तरनाक देश बताया

रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स की ओर से जारी विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 180 देशों में 142वें स्थान पर है. रिपोर्ट में देश में कम होती प्रेस की आज़ादी के लिए भाजपा समर्थकों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा गया है कि पार्टी समर्थकों ने पत्रकारों को डराने-धमकाने का माहौल बनाया है. साथ ही पत्रकारों की ख़बरों को ‘राष्ट्र विरोधी’ क़रार दिया है.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एनकाउंटर स्थलों से रिपोर्टिंग पर रोक अलोकतांत्रिक: एडिटर्स गिल्ड

पुलिस का दावा है कि ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि हिंसा को फैसले से रोका जा सके, क्योंकि एनकाउंटर वाले स्थान से रिपोर्टिंग करने पर ‘देशविरोधी भावना’ भड़कती है. हालांकि एडिटर्स गिल्ड ने कहा है कि सत्य बताने में कुछ भी ग़लत नहीं है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

हार्वर्ड की स्टडी में नहीं हुई यूपी सरकार के प्रवासी संकट प्रबंधन की तारीफ़, मीडिया का दावा ग़लत

फैक्ट चेक: अप्रैल के पहले हफ़्ते में मीडिया द्वारा एक अध्ययन के हवाले से दावा किया गया कि हार्वर्ड स्टडी ने अन्य राज्यों की तुलना में प्रवासी संकट को अधिक प्रभावी ढंग से संभालने के लिए यूपी सरकार की सराहना की है. पड़ताल बताती है कि हार्वर्ड ने ऐसा कोई अध्ययन नहीं किया.

(फोटो साभार: ट्विटर)

सुशांत मामले में फेक ट्वीट्स दिखाने के लिए 23 अप्रैल को माफ़ीनामा जारी करे आज तक: एनबीएसए

अक्तूबर 2020 में न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी ने आज तक को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके कुछ ट्वीट को लेकर की गई ग़लत रिपोर्टिंग का दोषी मानते हुए माफ़ीनामा और जुर्माना देने को कहा था. चैनल ने इसे लेकर समीक्षा याचिका दायर की थी, जिसे खारिज़ करते हुए अथॉरिटी ने इस आदेश को बरक़रार रखा है.

(फोटो: पीटीआई)

पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें, प्राथमिकता के आधार पर हो टीकाकरण: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि समाचार संगठन लगातार महामारी, चुनाव आदि मामलों को कवर कर रहे हैं जिससे पाठकों तक ख़बरों व सूचनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो. समाचार मीडिया आवश्यक सेवाओं में शामिल है, इसलिए यह उचित होगा कि पत्रकारों को संरक्षण के दायरे में लाया जाए.