असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा लगातार बांग्ला भाषी मुसलमानों को निशाना बनाते रहे हैं. अब उन्होंने महात्मा गांधी के सविनय अवज्ञा और असहयोग का हवाला देते हुए कहा कि 'उनके लिए ऐसा माहौल बनाया जाए कि वे असम में रह न सकें. उन्हें ज़मीन मत दो, उन्हें वाहन मत दो, उन्हें रिक्शा मत दो, उन्हें ठेले मत दो. तब बांग्लादेशी खुद ही चले जाएंगे.'
बुधवार को मणिपुर के लोक भवन में युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री और नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक लोसी दीखो ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. वहीं, दिल्ली के मणिपुर भवन में कुकी समुदाय की नेमचा किपगेन ने ऑनलाइन उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. इसके बाद क़रीब 50 कुकी-ज़ो नागरिकों ने मणिपुर भवन के बाहर एकत्रहोकर प्रदर्शन करते हुए किपगेन के तत्काल इस्तीफ़े की मांग की.
मणिपुर में विधायक दल के नेता चुने गए वरिष्ठ भाजपा नेता युमनाम खेमचंद, जो बीरेन सिंह की कैबिनेट में विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री रह चुके हैं, मेईतेई समुदाय से आते हैं, जबकि संभावित उपमुख्यमंत्री मानी जा रही नेमचा किपगेन कुकी समुदाय से हैं.
सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने असम सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा के ‘मिया मुस्लिमों’ – यानी बांग्ला भाषी मुसलमानों – पर की गई विवादास्पद टिप्पणियों के लिए दिल्ली के हौज़ खास थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. इसके जवाब में शर्मा ने मंदर के ख़िलाफ़ सौ केस दर्ज कराने की बात कही है. इस पर मंदर ने कहा कि इन धमकियों का उनके काम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. वह बुलंदी से काम करेंगे.
विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले 'घुसपैठियों' को लेकर चेताने की कड़ी में अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि अगर भाजपा तीसरी बार सत्ता में आई, तो हर अवैध प्रवासी को राज्य से बाहर निकाला जाएगा. इससे पहले उन्होंने बिहार और झारखंड चुनावों से पहले भी 'घुसपैठियों' के मुद्दे को उठाया था.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा है कि 'अवैध विदेशियों को लेकर हमारा रुख़ बिल्कुल साफ़ है, इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग में 5 लाख से ज़्यादा शिकायतें दर्ज करवाई हैं नहीं तो वे सभी ‘स्वदेशी’ (नागरिक) बन जाते.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि मिया समुदाय- जिस शब्द का इस्तेमाल असम में आमतौर पर बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए अपमानजनक अर्थ में किया जाता है- के लिए परेशानियां पैदा करना उनकी ज़िम्मेदारी है. उन्होंने दावा किया कि वह और भाजपा सीधे तौर पर मिया समुदाय के ख़िलाफ़ हैं.
मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में नगा और कुकी-ज़ो समूहों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है. 26 जनवरी को यह तब और भड़क गया, जब कुकी-ज़ो के कुछ घरों को जला दिया गया. एक नगा उग्रवादी संगठन के धड़े - ज़ेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट - ने इसकी ज़िम्मेदारी ली. दोनों समुदायों के संगठनों ने एक संयुक्त बयान जारी कर शांति बनाए रखने और समुदायों के बीच किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की है.
मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में सोमवार को कुकी-ज़ो समुदाय के कुछ घरों में आग लगा दी गई. नगा उग्रवादी संगठन जेडयूएफ के एक गुट ने इस घटना की ज़िम्मेदारी ली है. वहीं, एक कुकी-ज़ो संगठन ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर राष्ट्रीय राजमार्गों को बंद कर दिया जाएगा.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने रविवार को दावा किया कि राज्य में केवल ‘मिया’ (बांग्ला भाषी मुसलमानों) को ही बेदख़ल किया जा रहा है. उन्होंने मीडिया पर अफ़वाह फैलाने और विपक्षी दलों पर ‘मिया’ तुष्टीकरण करने का आरोप लगाया.
मई 2023 से हिंसा से जूझ रहे मणिपुर में एक मेइतेई समुदाय के व्यक्ति का अपहरण कर गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने शव बरामद कर लिया है और स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया गया है.
मई 2023 में मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के चरम के दौरान अपहरण कर सामूहिक बलात्कार की शिकार बनाई गई मणिपुर की एक कुकी महिला की बीते दिनों बीमारी के कारण मौत हो गई. आरोप है कि हिंसा के दौरान लगी चोटों के कारण उनकी बीमारी और गंभीर हो गई थी. घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 वर्ष थी.
गुवाहाटी के दिसपुर थाने में दर्ज शिकायत में विपक्षी दलों ने दावा किया कि असम भाजपा अध्यक्ष और सांसद दिलीप सैकिया 'वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने' की कथित साज़िश का नेतृत्व कर रहे हैं. उनका दावा है कि भाजपा विधायकों को निर्देश दिया गया है कि वे राज्य की 126 विधानसभा सीटों में से कम से कम 60 सीटों पर भाजपा-विरोधी वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटवाना सुनिश्चित करें.
सुप्रीम कोर्ट ने ने 2023 की जातीय हिंसा में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की भूमिका की ओर इशारा करने वाली लीक हुई पूरी ऑडियो क्लिप को गुजरात स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजने का आदेश दिया है. याचिकाकर्ताओं में से एक कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट ने आरोप लगाया था कि मणिपुर पुलिस ने फॉरेंसिक लैब को केवल छोटे और एडिटेड क्लिप ही जांच के लिए भेजे थे.
हिंसाग्रस्त मणिपुर में कुकी-ज़ो-बहुल चूड़ाचांदपुर ज़िले की सीमा से लगे फौगाकचाओ थाने के पास एक सुनसान घर में धमाके हुए. जिस घर में धमाके हुए, उसके मालिक मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद से राहत शिविर में रह रहे हैं. मेईतेई और कुकी संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे शांति प्रक्रिया के लिए गंभीर ख़तरा बताया है.