उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एस. मुरलीधर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्र पर तीन सदस्यीय स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह आयोग संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा दोनों के समक्ष वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा.
वीडी सावरकर के भतीजे सत्यकी ने राहुल गांधी के जिस भाषण को लेकर मानहानि का केस दायर किया है, उससे संबंधी सीडी ख़ाली निकलने के बाद उन्होंने उक्त भाषण को गांधी के यूट्यूब चैनल से कोर्ट में चलाने की अर्ज़ी दी थी. पुणे की विशेष एमपी/एमएलए अदालत ने इसे ख़ारिज करते हुए कहा है कि यूआरएल भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी के तहत स्वीकार्य नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्यावरण मंत्रालय की 100 मीटर ऊंचाई आधारित अरावली परिभाषा को मंज़ूरी मिलने से विशेषज्ञों में चिंता बढ़ गई है. इस मानक से 90% से अधिक अरावली क्षेत्र बाहर हो जाएगा, जिससे खनन-निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और एनसीआर की पर्यावरणीय सुरक्षा, खासकर हवा की गुणवत्ता, पर गंभीर असर पड़ेगा.
पश्चिम बंगाल के बाद अब गुजरात में मतदाता सूचियों के एसआईआर के दौरान बीएलओ के रूप में कार्यरत लगभग 250 सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने गुरुवार को अहमदाबाद के खोखरा स्थित एक डेटा अपलोडिंग केंद्र पर धरना दिया. उन्होंने अधिक काम का दवाब, अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और सर्वर समेत अन्य समस्याओं का आरोप लगाया है.
उत्तर प्रदेश के गोंडा, फतेहपुर और बरेली में एसआईआर के काम में लगे तीन बीएलओ की कथित तौर पर काम के अत्यधिक दबाव को लेकर मौत की ख़बर सामने आई हैं. स्थानीय प्रशासन ने इन मामलों में किसी भी तरह के दबाव से इनकार किया है, वहीं चुनाव आयोग अब तक इस पर चुप्पी साधे हुए है.
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया में आधार कार्ड की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कोई विदेशी, जो पहले ही सब्सिडी वाले राशन जैसे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आधार का इस्तेमाल कर चुका है, उसे मतदाता सूची में ऑटोमैटिक एंट्री पाने के लिए इसका और इस्तेमाल करने की इजाज़त दी जानी चाहिए?
राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) अधिनियम को ख़ारिज करने के दस साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली की जगह एनजेएसी को बहाल करने की याचिका पर विचार करेगा.
भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे से प्रभावित समुदायों के बीच काम करने वाले संगठनों ने आरोप लगाया कि त्रासदी के पीड़ित लोगों के लिए 272.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे. यह धनराशि 75:25 के अनुपात में मध्य प्रदेश सरकार को सौंपी गई, इसमें से 139 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि ख़र्च ही नहीं की गई है.
जब संविधान के 'बुनियादी ढांचे के सिद्धांत' पर विवाद छिड़ने लगा है, तो ऐसे में ज़रूरी मालूम होता है कि इसकी मूल भावना और उसके उद्देश्य को आम लोगों तक ले जाया जाए क्योंकि जब तक 'गण' हमारे संविधान को नहीं समझेगा हमारा लोकतंत्र सिर्फ एक 'तंत्र' बनकर रह जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उसका इरादा देश में हेट स्पीच के हर मामले पर क़ानून बनाने या उसे निगरानी करने का नहीं है और परेशान लोग थाने और हाईकोर्ट जा सकते हैं. हालांकि पहले की कई सुनवाइयों के दौरान हेट स्पीच की आलोचना की है.
अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) के मुकाबले 4.3% की तेज़ गिरावट के साथ भारतीय रुपया एशिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला मुद्रा बन गया है. विदेशी मुद्रा विश्लेषकों का कहना है कि अगर भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द नहीं होता है, तब रुपया और गिरकर 1 डॉलर के मुकाबले 90 रुपए तक पहुंच सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने एक ईसाई सैन्य अधिकारी की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सेना से अपनी बर्ख़ास्तगी को चुनौती दी थी. अधिकारी ने अपनी रेजिमेंट की साप्ताहिक धार्मिक परेड में भाग लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद भारतीय सेना से उन्हें बर्ख़ास्त कर दिया गया था.
दिल्ली के इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन में पुलिस पर हमले के आरोप के बाद 22 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस की जांच दो समूहों- द हिमखंड और भगत सिंह छात्र एकता मंच पर केंद्रित है, जिन पर माड़वी हिड़मा के पोस्टर लाने और नक्सली समर्थन के नारे लगाने का संदेह है. पुलिस ने एफआईआर में बीएनएस की धारा 197 भी जोड़ी है, जो राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप या दावे से
डॉ. आंबेडकर का कहना था कि हिंदू राज इस देश के लिए सबसे बड़ी आपदा होगी क्योंकि हिंदू राष्ट्र का सपना आज़ादी, बराबरी और भाईचारे के ख़िलाफ़ है, और यह लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों से मेल नहीं खाता. आज संविधान दिवस पर हमें इन शब्दों को फिर से याद करने की ज़रूरत है.
चुनाव आयोग के मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच इस प्रक्रिया में लगाए गए बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) बेहद तनाव से जूझ रहे हैं. देशभर में कई बीएलओ की आत्महत्या या अन्य कारणों से मौत की ख़बरें सामने आई हैं. वहीं, कई जगह इसके विरोध को लेकर भी आवाज़ें तेज़ हो गई हैं.