संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के मंच ने फैसला किया है कि देश के हर ज़िले के श्रमिक और किसान विद्युत संशोधन विधेयक के मसौदे और केंद्रीय श्रम मंत्रालय की श्रम नीति के मसौदे के ख़िलाफ़ राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे. यह अभियान एक महीने तक चलेगा. उनका कहना है कि केंद्र सरकार की ये नीतियां कॉरपोरेट-समर्थक, श्रमिक-विरोधी और किसान-विरोधी हैं.
पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने में 77 फीसदी गिरावट के बावजूद दिल्ली की हवा दीपावली के बाद पांच साल में सबसे ज़्यादा प्रदूषित रही. रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस बार रिकॉर्ड स्तर का प्रदूषण स्थानीय कारणों, ख़ासकर पटाखों और धीमी हवाओं, की वजह से हुआ, न कि बाहर से आए धुएं से.
वकीलों और कार्यकर्ताओं के एक फोरम ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अतुल श्रीधरन के इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादले में सरकार की भूमिका की निंदा की है. संगठन का कहना है कि सरकार के अनुरोध पर उनके स्थानांतरण में बदलाव की परिस्थितियां न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर चिंताजनक प्रश्न उठाती हैं.
मध्य प्रदेश पुलिस ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप झेल रहे एक युवा समूह के संस्थापक के ख़िलाफ़ अपने आरोपपत्र में जिन सबूतों का हवाला दिया है उनमें फासीवाद पर 88 पेज की हिंदी किताब और कम्युनिस्ट आंदोलन व फासीवाद पर 70 पेज की किताब शामिल हैं.
दीपावली की रात दिल्ली के 77% प्रदूषण मॉनिटर बंद हो गए थे. 39 में से 30 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों ने डेटा देना बंद कर दिया था. कई स्टेशनों ने रात भर डेटा नहीं दिया. जहां के डेटा उपलब्ध हैं, उनसे पता चलता है कि उस रात पीएम 2.5 का स्तर 1,700 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया था.
भ्रष्टाचार की निगरानी के लिए बनाए गए देश के लोकपाल द्वारा जारी एक टेंडर में 70 लाख रुपये प्रति कार की कीमत वाली सात लग्जरी बीएमडब्ल्यू कारों की खरीद का प्रस्ताव रखा गया है. बताया गया है कि कार ऑन-रोड कीमत लगभग 70 लाख रुपये है.
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुले खातों की गतिविधियों में मंदी देखी जा रही है. एक रिपोर्ट बताती है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में योजना के तहत खुले निष्क्रिय खातों की संख्या पिछले एक साल में बढ़ी है.
दिवाली के दो दिन बाद भी दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है. बुधवार सुबह एक्यूआई 345 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. कई इलाकों में यह 380 तक पहुंच गया.
फ़्रांचेस्का संभवतः चौथी विद्वान हैं जिन्हें वैध वीज़ा होने के बावजूद भारत में प्रवेश करने नहीं दिया गया. उन्हें भारत में प्रवेश करने से रोकना ज्ञान की अवधारणा तथा संस्कृति का अपमान है. ज्ञान के क्षेत्र में उदारता का महत्त्वपूर्ण स्थान है. उदारता से ही वह वातावरण निर्मित होता है जहां अनेक दिशाओं से नए, श्रेष्ठ और कल्याणकारी विचार हमारे समक्ष आते हैं.
दिवाली की अगली सुबह मंगलवार (21 अक्टूबर) को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से हालात खराब नज़र आए. राजधानी के कई इलाक़ों में सवेरे धुंध देखी गई और हवा प्रदूषित रही. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार यहां की हवा की गुणवत्ता 'बहुत ख़राब' श्रेणी में पहुंच गई है.
एक ग्राफिक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक डाक टिकट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का प्रतीकात्मक चित्र दिखाया गया है. इस ग्राफिक पर लिखा है: ‘100 वर्षों की निस्वार्थ सेवा.’ इसे इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि नीदरलैंड्स सरकार ने आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक एक्स हैंडल ने यह ग्राफिक 10 अक्टूबर को पोस्ट किया और
लंदन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर फ़्रांचेस्का ऑर्सीनी को दिल्ली एयरपोर्ट पर भारत में प्रवेश से रोक दिया गया, जबकि उनके पास पांच साल का वैध ई-वीज़ा था. उन्हें इस बाबत कोई जानकारी नहीं दी गई. विदेशी शोधकर्ताओं को रोके जाने की बढ़ती घटनाओं में एक और मामला जुड़ गया है.
दिवाली की सुबह दिल्ली घने स्मॉग की चपेट में नज़र आई. हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है. कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने जीआरएपी के दूसरे चरण के तहत तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अशोक विहार में एक्यूआई 714 दर्ज हुआ, जबकि औसतन स्तर 354 रहा.
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के फतेहपुर ज़िले में हिंदुओं के ईसाई धर्म में सामूहिक धर्मांतरण के आरोपों पर दर्ज कई एफआईआर रद्द करते हुए कहा कि आपराधिक क़ानून निर्दोष नागरिकों को परेशान करने का औज़ार नहीं बन सकते.
विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ’ करने का संकल्प लिया. उन्होंने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम भी बदलने की घोषणा की, इसे सांस्कृतिक स्वाभिमान की पुनर्स्थापना बताया.