दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा सैलानियों पर हमले के बाद गृह मंत्री द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा और शांति क़ायम होने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं. इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार संजय के. झा और द वायर की नेशनल अफेयर्स एडिटर संगीता बरुआ पिशारोती के साथ चर्चा कर रही हैं मीनाक्षी तिवारी.
भारत में सेंसर बोर्ड ने दुनियाभर में सराही गई फिल्मकार संध्या सूरी की ‘संतोष’ फिल्म की रिलीज़ रोक दी क्योंकि उसे लगा कि यह पुलिस की नकारात्मक छवि दिखाती है. फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री शहाना गोस्वामी हैं, जिनके काम को काफ़ी तारीफ मिली है. उनसे अंकित राज की बातचीत.
मणिपुर में जातीय संघर्ष चलते हुए दो साल पूरे होने को हैं लेकिन आज भी क्षेत्र में शांति एक सपना ही है. राष्ट्रपति शासन के बाद राज्य के क्या हालात हैं, इस बारे में मणिपुर से लौटे पत्रकार याक़ूत अली और द वायर की नेशनल अफेयर्स एडिटर संगीता बरुआ पिशारोती से चर्चा कर रही हैं मीनाक्षी तिवारी.
बीते दिनों नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने कहा है कि अगर सरकार नक्सलियों के ख़िलाफ़ चल रहे अभियानों को रोक देती है, तो वे बिना शर्त शांति वार्ता के लिए तैयार हैं. छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार के युद्ध, उसके सामाजिक नुकसान पर द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजॉय आशीर्वाद से चर्चा कर रहे हैं द वायर हिंदी के संपादक आशुतोष भारद्वाज.
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा विधेयक और सरकारी आदेश रोकने को अवैध और मनमाना कहा है. सरकार बनाम राज्यपाल की खींचतान कई अन्य प्रदेशों में भी जारी है, क्या यह निर्णय उनके लिए एक सबक होगा. द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजॉय आशीर्वाद और सुप्रीम कोर्ट की वकील वर्तिका मणि के साथ चर्चा कर रही हैं मीनाक्षी तिवारी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर भारी टैरिफ लगा दिया है. इसका असर न केवल वैश्विक व्यापार पर बल्कि कई तरह की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है. भारत की अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रहे हैं द वायर के हिंदी संपादक आशुतोष भारद्वाज.
भारत सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट से सूचना का अधिकार अधिनियम को कमज़ोर करने की आशंका जताई जा रही है. इस नए कानून की एक धारा सीधे आरटीआई एक्ट में बदलाव करती है, जिससे सरकारी एजेंसियों को सूचना छिपाने की अधिक छूट मिल सकती है. इस बारे में ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज से बातचीत.
वक़्फ़ संशोधन विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई हैं लेकिन विपक्षी दलों और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के सवाल अब भी बाक़ी हैं. इस बिल को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. एसक्यूआर इलयास और वरिष्ठ पत्रकार उमर राशिद के साथ चर्चा कर रही हैं मीनाक्षी तिवारी.
ऐसा माना जाता है कि शहरी झुग्गियों में रहने वाले राजनीति को कम समझते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. पलायन और शहरी झुग्गियों पर किताब लिखने वाले स्कॉलर तारिक थैचिल कहते हैं कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले नेताओं के मोहरे भर नहीं हैं. उनसे वायर हिंदी के संपादक आशुतोष भारद्वाज की बातचीत.
संघ भाजपा के रिश्तों ने पिछले एक साल में उतार-चढ़ाव देखा है. 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद से भाजपा संघ की खुलकर प्रशंसा करती नज़र आ रही है. हाल ही नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार संघ मुख्यालय पहुंचे. क्या संघ बदल रहा है? संघ भाजपा की समीकरण पर वरिष्ठ पत्रकारों- राहुल देव और धीरेंद्र झा से आशुतोष भारद्वाज का संवाद.
वीडियो: कुणाल कामरा के वीडियो को लेकर उठे राजनीतिक विवाद और नेताओं द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की 'सीमा' तय करने के बारे में द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.
हालिया रिलीज़ फिल्म 'इन गलियों में' लखनऊ की पृष्ठभूमि में एक छोटे से शहर में अंतरधार्मिक प्रेम की बारीकियों को दर्ज करते हुए समाज की इस पर प्रतिक्रिया दिखाती है. प्रोपगैंडा फिल्मों की भीड़ में बदलाव जैसी इस फिल्म के निर्देशक अविनाश दास से द वायर की संपादक सीमा चिश्ती की बातचीत.
वीडियो: क्या नरेंद्र मोदी के डोनाल्ड ट्रंप से दोस्ती के दावे देश के हित में काम कर रहे हैं? ट्रंप कहते हैं दोस्ती अपनी जगह, पर भारत पर टैरिफ लगाएंगे ही, तो क्या ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर डालेंगे? द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से मीनाक्षी तिवारी की बातचीत.
वरुण ग्रोवर को गीतकार, पटकथा लेखक और स्टैंडअप कॉमिक के बतौर जाना जाता है. हालांकि बीते दिनों उन्होंने डायरेक्टर के तौर पर अपनी नई पहचान बनाई है. इसके अलावा वह बाल साहित्य भी लिखते हैं. उनसे द वायर हिंदी के संपादक आशुतोष भारद्वाज का संवाद.
संभल में शाही जामा मस्जिद के बहाने सांप्रदायिकता और अविश्वास की खाई को और गहरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं. सत्ता और प्रशासन अपने ज़हर बुझे बयानों से इस आग को हवा दे रहे हैं. इस बारे में द वायर की संपादक सीमा चिश्ती और द वायर की रिपोर्टर श्रुति शर्मा के साथ चर्चा कर रही हैं मीनाक्षी तिवारी.