कांग्रेस की बढ़त: मजबूत गठबंधन, सयाना तालमेल

लोकसभा चुनावों के नतीजे कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित हुए हैं. पार्टी के प्रदर्शन में सर्वाधिक योगदान महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, हरियाणा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश ने दिया है. इन 6 राज्यों में पार्टी को 2019 की अपेक्षा 43 सीटें अधिक मिली हैं.

नरेंद्र मोदी ने नफ़रती भाषण देकर प्रधानमंत्री पद की गरिमा को कम किया है: डॉ. मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान से पहले जारी एक पत्र में कहा कि नरेंद्र मोदी पहले पीएम हैं जिन्होंने सार्वजनिक चर्चा की गरिमा को कम किया है. इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने किसी ख़ास वर्ग या विपक्ष को निशाना बनाने के लिए इतने नफ़रत भरे और असभ्य शब्द नहीं कहे.

अग्निपथ योजना पर उठ रहे सवालों के मद्देनजर सेना करेगी इसके प्रभाव का आकलन

अग्निपथ योजना पर जारी द वायर की श्रृंखला के बीच सामने आया है कि सेना इस योजना पर एक आंतरिक सर्वेक्षण कर रही है, जिसका मक़सद सेना की भर्ती प्रक्रिया पर इस योजना के प्रभाव का आकलन करना है. सेना के इस सर्वे में सभी हितधारकों से टिप्पणियां मांगी गई हैं.

अग्निपथ योजना: बिहार में चयन हो जाने के बाद भी नौकरी छोड़ रहे हैं अग्निवीर

अन्य ख़बरें भी बतलाती हैं कि अग्निपथ योजना के तहत चयनित बहुत सारे युवकों ने ट्रेनिंग के बीच में ही नौकरी छोड़ दी थी. ये युवक सेना की नौकरी में जाना तो चाहते हैं, लेकिन अग्निपथ ने उनका जज़्बा ख़त्म कर दिया है.

अग्निपथ योजना: उत्तराखंड की शानदार सैन्य परंपरा और आर्थिकी पर गहरी चोट

उत्तराखंड के कई गांव सैनिकों के गांव कहे जाते हैं. राज्य की अर्थ और सामाजिक व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा सेना से जुड़ा हुआ है. अग्निपथ योजना के आने के बाद यह व्यवस्था संकट में नज़र आ रही है.

‘अग्निवीरों’ का नया निशान: लोहा, लकड़ी और किराने की दुकान

मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में सेना में जाने की लम्बी परम्परा रही है. मसलन, अब तक हर भर्ती में मुरैना के काजी बसई गांव के 4-5 युवक सेना में चुने जाते थे. अग्निपथ योजना आने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि गांव से कोई नहीं चुना गया. सेना की भर्ती पर निर्भर रहते आये ये युवक अब अनजाने काम खोज रहे हैं.

अग्निपथ योजना के बाद फौजियों के गांव में सेना से दूरी, वीज़ा न मिलने पर डंकी मारने से नहीं चूकते

इस योजना ने इन गांवों और युवाओं का जीवन किस तरह प्रभावित किया है? क्या अब ये फौजियों के गांव नहीं कहलाए जाएंगे? जीवन का एकमात्र सपना बिखर जाने के बाद ये युवक अब क्या कर रहे हैं? क्या सेना को इस योजना की आवश्यकता है? क्या सेना के आधुनिकीकरण के लिए यह एक अनिवार्य कदम है?

इन प्रश्नों की पड़ताल के लिए द वायर ने देश के ऐसे कई इलाकों की यात्रा की. इस सिलसिले में पहली क़िस्त हरियाणा

उत्तराखंड: चुनाव प्रचार में अग्निवीर, बेरोज़गारी व अंकिता भंडारी के हत्यारों पर क्यों मौन रही भाजपा

23 बरस पहले उत्तराखंड जिस मकसद के लिए बनाया गया, उसे लेकर आज लगता है कि लोगों की आकांक्षाओं को अनदेखा किया गया और बुनियादी मुद्दों से भटकाने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर धकेल दिया गया.

मोदी सरकार को ख़ामियों वाली अग्निवीर योजना के लिए युवाओं से माफ़ी मांगनी चाहिए: कांग्रेस अध्यक्ष

हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार ज़रूरत पड़ने पर अग्निवीर योजना में बदलाव करने के लिए तैयार है. इस पर प्रतिक्रिया देते हए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इससे पता चलता है कि मोदी सरकार द्वारा लाखों देशभक्त युवाओं पर थोपी गई अग्निवीर योजना अब काम नहीं कर रही है.

पूर्व सेना प्रमुख की किताब के ऑर्डर अमेज़ॉन ने रद्द किए, मई से पहले नहीं होगी प्रकाशित

पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ 15 जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन अब अमेज़ॉन वेबसाइट पर इसकी रिलीज़ की तारीख़ 30 अप्रैल के आसपास दिखाई दे रही है. ‘द वायर’ को पता चला है कि इस किताब में कई ख़ुलासे शामिल हैं, इसलिए इसकी समीक्षा रक्षा और विदेश मंत्रालय द्वारा की जा रही है.

अग्निपथ योजना को बिना सार्थक विचार विमर्श के लाया गया: कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की नई किताब का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सशस्त्र बलों में अल्पकालिक भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना को उन लोगों के साथ कोई ‘सार्थक विचार-विमर्श किए बिना’ लाया गया जो इस ‘विनाशकारी नीति’ से सीधे प्रभावित होने वाले थे.

महिला सैनिकों को महिला अधिकारियों के समान मातृत्व अवकाश मिलेगा: रक्षा मंत्रालय

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि रक्षा मंत्री ने उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है, जो महिला सैनिकों, नाविकों (सेलर) और वायु सैनिकों को महिला अधिकारियों के समान मातृत्व और शिशु देखभाल अवकाश का अधिकार देगा.

अग्निवीर गावते अक्षय लक्ष्मण सियाचिन पर ड्यूटी के दौरान शहीद

सबसे ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात गावते अक्षय लक्ष्मण पहले अग्निवीर हैं, जिनकी ड्यूटी के दौरान मौत हुई है. अक्षय लक्ष्मण की मृत्यु अग्निवीर अमृतपाल सिंह की जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आत्महत्या से मृत्यु के कुछ दिनों बाद हुई है. सिंह ने ड्यूटी के दौरान ख़ुद को गोली मार ली थी.

अग्निवीरों के बीच में ही ट्रेनिंग छोड़ने की ख़बरों पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा

अग्निपथ योजना की घोषणा जून 2022 में की गई थी, जिसमें साढ़े 17 से 23 साल के बीच के युवाओं को केवल चार वर्ष के लिए सेना में भर्ती करने का प्रावधान है. चार साल बाद इनमें से केवल 25 प्रतिशत युवाओं की सेवा नियमित करने की बात कही गई थी. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि युवा बीच में ही प्रशिक्षण छोड़ दे रहे हैं.

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