Border Dispute

सुप्रीम कोर्ट ने असम-मेघालय सीमा समझौते को स्थगित करने के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने दोनों राज्यों के बीच अक्सर तनाव उत्पन्न करने वाले 12 विवादित क्षेत्रों में से छह के सीमांकन के लिए 29 मार्च 2022 को एक समझौते पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए थे. 

लद्दाख सीमा विवाद: हालिया चरण की बातचीत के बाद भी भारत-चीन कुछ मुद्दों पर बंटे हुए हैं

भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र की 25वीं बैठक के बाद भारत और चीन ने अपनी-अपनी प्रेस विज्ञप्ति जारी की हैं, जिनमें वास्तविक सीमा नियंत्रण के साथ-साथ शेष मुद्दों के समाधान पर दोनों ही देशों के कथनों में अंतर देखा जा सकता है.

मेघालय के तीन गांवों को लोगों की इच्छा के विरुद्ध असम को दिया गया: एचएसपीडीपी प्रमुख

मेघालय के हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) प्रमुख केपी पांगियांग ने आरोप लगाया है कि तीन गांव – जॉयपुर, सलबाड़ी और हुवापाड़ा – लोगों की इच्छा के विरुद्ध असम को दे दिया गया. बीते मार्च में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा और असम के उनके समकक्ष हिमंता बिस्वा शर्मा ने सीमा विवादों के हल के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

मेघालय-असम सीमा पर 36 विवादित गांवों में से तीस मेघालय में रहेंगे: कोनराड संगमा

1972 में मेघालय को असम से अलग कर राज्य बनाया गया था. दोनों राज्यों के बीच समस्या तब शुरू हुई जब मेघालय ने 1971 के असम पुनर्गठन अधिनियम को चुनौती दी, जिसने मिकिर हिल्स या वर्तमान कार्बी आंगलोंग क्षेत्र के ब्लॉक एक-दो को असम को दे दिया. वर्तमान में 733 किलोमीटर लंबी सीमा पर विवाद के 12 बिंदु हैं.

लिम्पियाधुरा, लिपुलेख, कालापानी देश के अभिन्न अंग, भारत क्षेत्र में निर्माण रोके: नेपाल

बीते दिसंबर महीने में उत्तराखंड में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई उस घोषणा के बाद भारत और नेपाल के बीच सीमा का मुद्दा गर्मा गया है, जिसमें उन्होंने लिपुलेख क्षेत्र में सड़क विस्तार करने की बात कही थी. नेपाल लिपुलेख को अपना हिस्सा बताता रहा है.

भारत ने पैंगोंग झील के पास चीन के पुल बनाने पर कहा, इलाका 60 वर्षों से चीन के अवैध क़ब्ज़े में

एक रिपोर्ट से हवाले से पता चला था कि चीन द्वारा एलएसी पर पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास पुल का निर्माण किया जा रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि पुल उन क्षेत्रों में बनाया जा रहा है, जो लगभग 60 वर्ष से चीन के अवैध क़ब्ज़े में हैं और भारत ने इस तरह के अवैध क़ब्ज़े को कभी स्वीकार नहीं किया है. भारत ने चीनी दूतावास द्वारा सांसदों को पत्र लिखे जाने की भी आलोचना की है.

चीन द्वारा एलएसी पर पैंगोंग झील पर नए पुल के निर्माण की ख़बर, पीएम मोदी पर विपक्ष हमलावर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन इस पुल का निर्माण पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर आठ से 20 किलोमीटर पूर्व में कर रहा है. कांग्रेस ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चीन चाहे उकसाए, पुल बनाए, सैन्य गांव बसाए… पर मोदी जी चुप हैं! यही है चीन को लाल आंख दिखाने की नीति?

नॉर्थ ईस्ट डायरी: सीमा विवाद के बाद मेघालय के डीएसपी बोले- असम पुलिस ने भीड़ को उकसाया होगा

इस हफ़्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम और असम के प्रमुख समाचार.

मिज़ोरम के बाद असम-मेघालय सीमा पर विवाद, दोनों राज्यों की पुलिस और लोग आमने-सामने आए

असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग ज़िले और मेघालय के री-भोई ज़िले के बीच का क्षेत्र 24 अगस्त से तनावपूर्ण है और बीते 25 अगस्त को स्थिति तब गंभीर हो गई, जब मेघालय के कुछ लोगों ने स्थानीय पुलिस के साथ पश्चिम कार्बी आंगलोंग के उमलाफेर इलाके के पास कथित रूप से असम सीमा के अंदर घुसने की कोशिश की.

China's President Xi Jinping prepares to deliver his opening speech at the Boao Forum for Asia Annual Conference in Boao in south China's Hainan province, Tuesday, April 10, 2018. Xi promised to cut auto import taxes, open China's markets further and improve conditions for foreign companies in a speech Tuesday that called for international cooperation against a backdrop of a spiraling dispute with Washington over trade and technology.AP/PTI Photo(AP4_10_2018_000032B)

भारत के लिए एक ख़तरा है चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग का तिब्बत दौरा: अमेरिकी सांसद

रिपब्लिकन सांसद डेविड नुनेस ने कहा है कि चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले सप्ताह भारत की सीमा के पास तिब्बत का दौरा किया है. भारत के लिए यह ख़तरे की बात है कि वह एक बड़ी जल परियोजना विकसित करने वाले हैं, जिससे भारत की जलापूर्ति बाधित हो सकती है.

पूर्वी लद्दाख के डेमचोक में चीन ने भारतीय हिस्से में टेंट लगाए: रिपोर्ट

डेमचोक में पहले भी भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हो चुका है. 1990 के दशक में भारत-चीन संयुक्त कार्य समूहों (जेडब्ल्यूजी) की बैठकों के दौरान दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए थे कि डेमचोक और ट्रिग हाइट्स वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवादित बिंदु थे.

रिपोर्ट का दावा- गलवान में फिर हुई भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प, सेना का इनकार

बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में कहा गया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने पैंगोंग के दक्षिणी किनारे पर स्थित कई स्थानों पर फिर से कब्ज़ा कर लिया है, जिसे उन्होंने पहले पीछे हटने संबंधी समझौते के अनुसार खाली कर दिया था. रिपोर्ट के दावे को भारतीय सेना ने ख़ारिज किया है.

मिज़ोरम-असम ने एक-दूसरे की ज़मीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया, सीमा को लेकर बढ़ा विवाद

मिज़ोरम ने असम पर सीमा से लगे कोलासिब ज़िले में उसकी ज़मीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है, तो दूसरी ओर असम के अधिकारियों और विधायकों ने मिजोरम पर असम में हैलाकांडी के अंदर कथित तौर पर दस किलोमीटर की दूरी पर संरचनाओं के निर्माण और सुपारी तथा केले के पौधे लगाने के आरोप लगाए हैं.

भारत-चीन ने साझा बयान में कहा- पैंगोंग झील क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया पूरी

भारतीय सैनिकों द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी घुसपैठ का पता लगाए जाने के बाद पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई की शुरुआत से ही भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई बार झड़प हुई थीं.

चीन ने पहली बार माना, गलवान घाटी में मारे गए थे उसके चार सैन्यकर्मी

बीते साल 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. झड़प में चीनी सेना को नुकसान होने की बात भी कही गई थी, लेकिन चीन ने आधिकारिक तौर पर शुक्रवार से पहले ये स्वीकार नहीं किया था कि इस घटना में उसके भी सैनिक मारे गए थे.