Calcutta High Court

बंगाल: स्कूलों में भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई ने पांच अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की

सीबीआई ने एफ़आईआर में समिति के पूर्व अध्यक्ष शांति प्रसाद सिन्हा, स्कूल सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष सौमित्र सरकार, आयोग के पूर्व सचिव अशोक कुमार साहा और इसके पूर्व कार्यक्रम अधिकारी समरजीत आचार्य को नामजद किया है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली के नाम का भी उल्लेख है.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल के शिक्षा मंत्री की बेटी की बहाली रद्द की, वेतन लौटाने को कहा

कलकत्ता हाईकोर्ट एक अभ्यर्थी द्वारा दायर उस याचिका की सुनवाई कर रहा था, जिसमें दावा किया गया था कि भर्ती परीक्षा में शिक्षा राज्य मंत्री परेश चंद्र अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी के मुक़ाबले ज़्यादा अंक लाने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं दी गई. अदालत ने उनकी शिक्षक नियुक्ति को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि वह नवंबर 2018 से अभी तक प्राप्त वेतन की पूरी राशि दो किस्तों में रजिस्ट्रार के पास जमा कराएं.

बंगाल: हाईकोर्ट ने हंसखली बलात्कार मामले को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया

एक टीएमसी नेता के 21 वर्षीय बेटे पर नदिया ज़िले के हंसखली में कक्षा 9 की छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और हत्या का आरोप है. हाईकोर्ट ने मामले की जांच तत्काल सीबीआई को सौंपते हुए कहा कि वह इस सच से आंखें नहीं मूंद सकते कि आरोपी सत्तारूढ़ पार्टी के एक प्रभावशाली नेता का बेटा है और केस डायरी से संकेत मिला है कि पीड़ित परिवार को धमकाया गया है.

हिंसा पूरे भारत में है, लेकिन बंगाल का राजनीतिक स्वभाव ही हिंसक है

पश्चिम बंगाल में पहले वाम हिंसा का बोलबाला था, वही संस्कृति तृणमूल ने अपनाई. तृणमूल ने वाम हिंसा का सामना किया था, पर उसकी जगह अब उसने तृणमूल हिंसा स्थापित कर दी. दल भले बदल गए, लेकिन हिंसा बनी हुई है.

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस परीक्षा में ट्रांसजेडर को बैठने की अनुमति दी

इस मामले को लेकर कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने बीते 14 सितंबर को फैसला किया कि पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए ट्रांसजेंडर भी आवेदन कर सकते हैं. एक याचिका में कहा गया था कि सब-इंस्पेक्टर और सार्जेंट पदों के लिए निकाले गए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में ट्रांसजेंडर व्यक्ति के लिए कोई कॉलम नहीं है.

विश्व भारती के कुलपति का शिक्षकों से सख़्ती से बात करने संबंधी कथित वीडियो पर विवाद

पश्चिम बंगाल स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती शनिवार को उस समय विवादों में आ गए जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर उन्हें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त क़दम न उठाने के लिए शिक्षकों के एक वर्ग को ज़िम्मेदार ठहराते हुए देखा गया.

विश्व भारती: क्यों कुलपति के पद संभालने के बाद शिक्षक और छात्र आए दिन प्रदर्शन कर रहे हैं

पश्चिम बंगाल स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में विद्युत चक्रवर्ती के अक्टूबर 2018 से पदभार संभालने के बाद से यहां शिक्षक और छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके पद संभालने के बाद नवंबर 2019 से 22 स्टाफकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जिनमें 11 फैकल्टी के सदस्य और 11 ग़ैर-शिक्षण कर्मचारी हैं. वहीं, 150 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं.

बंगाल चुनाव बाद हिंसा: हाईकोर्ट ने कहा- एनएचआरसी समिति के ख़िलाफ़ पक्षपात के आरोप बेबुनियाद

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की समिति की जांच रिपोर्ट के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है. बताया जा रहा है कि आयोग की समिति के कुछ सदस्यों के भाजपा से संबंध थे. सीबीआई जांच करने का फ़ैसला देने वाली कलकत्ता हाईकोर्ट की पीठ में शामिल जस्टिस सौमेन सेन ने कहा है कि इनकी पृष्ठभूमियों को देखते हुए उन्हें समिति में शामिल करने से बचा जा सकता था.

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा: हत्या और रेप के मामलों की सीबीआई करेगी जांच, एसआईटी का भी गठन

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुवाई वाली कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने चुनाव के बाद कथित हिंसा के संबंध में अन्य आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन का भी आदेश दिया है. पीठ ने कहा कि सीबीआई और एसआईटी जांच अदालत की निगरानी में की जाएंगी. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस आरोप को ख़ारिज कर दिया कि एनएचआरसी द्वारा की गई जांच पक्षपातपूर्ण थी.

बंगाल चुनाव बाद हिंसा: राज्य सरकार ने एनएचआरसी की रिपोर्ट को पूर्वाग्रहों से भरा बताया

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर ममता बनर्जी सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में हलफ़नामा दायर कर आरोप लगाया गया है कि एनएचआरसी जांच समिति के सदस्यों के भाजपा नेताओं या केंद्र सरकार के साथ क़रीबी संबंध हैं. एनएचआरसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि बंगाल में क़ानून का शासन नहीं, बल्कि शासक का क़ानून चल रहा है. बंगाल में हिंसक घटनाएं पीड़ितों की दशा के प्रति राज्य सरकार की उदासनीता को दर्शाती है.

संपत्ति पर बुज़ुर्गों का असली हक़, बच्चे इसके सिर्फ़ ‘लाइसेंसधारक’ होते हैंः कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि एक वरिष्ठ नागरिक के अपने घर में रहने के अधिकार को विशेष रूप से भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के चश्मे से देखा जाना चाहिए. अब यह अच्छी तरह से तय हो चुका है कि वरिष्ठ नागरिक के घर में रहने वाले बच्चे और उनके जीवनसाथी ज़्यादा से ज़्यादा ‘लाइसेंसधारक’ होते हैं. यदि वरिष्ठ नागरिक अपने बच्चों और परिवार के साथ खुश नहीं हैं, तो इस लाइसेंस को समाप्त भी किया जा सकता है.

बंगाल चुनाव बाद हिंसा: बनर्जी ने कहा- एनएचआरसी ने रिपोर्ट लीक कर अदालत का अपमान किया

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जांच करने वाली राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की समिति ने अपनी रिपोर्ट में ममता बनर्जी सरकार पर टिप्पणी करते हुए हत्या एवं बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों की जांच सीबीआई से कराने और इन मामलों में मुक़दमा राज्य से बाहर चलाने की सिफ़ारिश की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अब हमारे राज्य की छवि ख़राब करने और राजनीतिक बदला लेने के लिए निष्पक्ष एजेंसियों का सहारा ले रही है. उसे अभी भी विधानसभा चुनाव में अपनी हार पच नहीं रही है.

नंदीग्राम मामला: सुनवाई से अलग हुए जस्टिस चंदा, ममता बनर्जी पर पांच लाख का जुर्माना

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी की जीत को लेकर चुनाव आयोग के फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी है. उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस कौशिक चंदा द्वारा राजनीतिक पक्षपात की आशंका जताते हुए उन्हें इस केस से हटाने की मांग उठाई थी.

साथ रह रहे दो वयस्क व्यक्तियों के जीवन में कोई भी दख़ल नहीं दे सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को अंतरधार्मिक विवाह करने वाले युवक-युवती के संबंध में कहा कि इस अदालत ने कई बार यह व्यवस्था दी है कि जब दो बालिग व्यक्ति एक साथ रह रहे हों, तो किसी को भी उनके शांतिपूर्ण जीवन में दख़ल देने का अधिकार नहीं है.

अंतरधार्मिक विवाह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, युवती को अपनी मर्ज़ी से जीने का अधिकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरधार्मिक विवाह करने वाले युवक-युवती को एक साथ रहने की मंज़ूरी देते हुए कहा कि महिला अपने पति के साथ रहना चाहती है. वह किसी भी तीसरे पक्ष के दख़ल के बिना अपनी इच्छा के अनुसार रहने के लिए स्वतंत्र है.