Corona Virus

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मरीज़ को निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर अस्पताल में भर्ती से इनकार नहीं किया जा सकता: अदालत

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया कि वह दो हफ़्ते के भीतर अस्पताल में मरीज़ों को भर्ती करने की राष्ट्रीय नीति बनाए. इधर, हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोविड-19 संबंधी दवाएं और उपकरण आदि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज़्यादा पर न बेचे जाएं.

कर्नाटक के चामराजनगर जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 24 मरीजों की मौत के बाद अस्पताल के बाहर उनके परिजन. (फोटो: एएनआई)

कर्नाटक: चामराजनगर ज़िला अस्पताल में ऑक्सीजन की कथित कमी से 24 मरीज़ों की मौत

कर्नाटक के चामराजनगर में ज़िला अस्पताल में ये मौतें पिछले 24 घंटे के दौरान हुई हैं. मृतकों में कोविड-19 के 23 मरीज भी हैं. मृतकों के परिवारों ने आरोप लगाया कि यहां ऑक्सीजन की कमी थी. हालांकि चामराजनगर ज़िला प्रभारी मंत्री ने कहा कि ज़रूरी नहीं कि सभी की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई हो.

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केंद्र की कोविड वैक्सीन नीति जैसी बनाई गई है, उससे स्वास्थ्य के अधिकार को क्षति पहुंचेगी: कोर्ट

शीर्ष अदालत ने कहा कि विभिन्न वर्गों के नागरिकों के बीच भेदभाव नहीं किया जा सकता है, जो समान हालात का सामना कर रहे हैं. केंद्र सरकार 45 साल और उससे अधिक उम्र की आबादी के लिए मुफ़्ते कोविड टीके प्रदान करने का भार वहन करेगी, राज्य सरकारें 18 से 44 आयु वर्ग की ज़िम्मेदारी का निर्वहन करेंगी, ऐसी शर्तों पर बातचीत कर सकते हैं. केंद्र को अपनी मौजूदा टीका नीति पर फिर से ग़ौर करना चाहिए.

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ऑक्सीजन आपूर्ति संबंधी अवमानना कार्रवाई आदेश वापस लेने के लिए केंद्र ने अदालत से अनुरोध किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी थी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. केंद्र की ओर से कहा गया है कि उसके अधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं. ऐसे आदेशों से उनके मनोबल पर ग़लत प्रभाव पड़ेगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

13 विपक्षी नेताओं ने केंद्र से बड़े पैमाने पर मुफ़्त टीकाकरण अभियान शुरू करने की मांग की

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत 13 दलों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि केंद्र सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें.

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यूपी में जंगलराज: ऑक्सीजन की कमी के शिकायत करने पर जेल जाते-जाते बचा अमेठी का युवा

वीडियो: उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर के एक युवा द्वारा अपने नाना के लिए ऑक्सीजन की मांग की गई तो उसके ख़िलाफ़ केस दर्ज करा दिया है. इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं.

अदार पूनावाला. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड टीका आपूर्ति का भारी दबाव, ताक़तवर लोग धमका रहे थे: अदार पूनावाला

देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान टीके की बढ़ती मांग के बीच लंदन पहुंचे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि वे दबाव के चलते देश से बाहर गए हैं. उन्होंने कहा कि सब उनके कंधों पर आ पड़ा है, जो उनके वश की बात नहीं है. उन्होंने भारत के बाहर वैक्सीन निर्माण की व्यावसायिक योजनाओं के संकेत दिए हैं.

शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार को लगाई फटकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अख़बारों में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार पिछले दो हफ़्तों में ऐसी तमाम घटनाएं हुई हैं, जिसमें ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा और ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों ने जान गंवा दी. इस बीच राज्य के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि अब प्रदेश में चिकित्सकीय ऑक्सीजन संबंधी कोई दिक्कत नहीं है.

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पानी सिर के ऊपर से गुज़र चुका है, केंद्र दिल्ली को 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति करे: अदालत

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. इस बीच केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली का दैनिक ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 590 मीट्रिक टन कर दिया गया है. वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि रोज़ाना 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है.

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में एक रैली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

कोविड: वैज्ञानिकों ने कहा- केंद्र ने वायरस के वैरिएंट्स से जुड़ी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया

भारत सरकार द्वारा स्थापित वैज्ञानिक सलाहकारों के एक मंच के चार वैज्ञानिकों ने कहा है कि वायरस के नए प्रकारों के विषय में चेतावनी के बाद भी केंद्र द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रमुख प्रतिबंध लगाने के बारे में कुछ नहीं किया गया.

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कोविड टीकाकरण: आम आदमी की ज़िंदगी के प्रति भारत सरकार इतनी बेपरवाह क्यों है

टीकाकरण अगर सफल होना है तो उसे मुफ़्त होना ही होगा, यह हर टीकाकरण अभियान का अनुभव है, तो भारत में ही क्यों लोगों को टीके के लिए पैसा देना पड़ेगा? महामारी की रोकथाम के लिए टीका जीवन रक्षक है, फिर भारत सरकार के लिए एक करदाता के जीवन का महत्त्व इतना कम क्यों है कि वह इसके लिए ख़र्च नहीं करना चाहती?

कोवैक्सीन और कोविशील्ड. (फोटो: रॉयटर्स)

कोर्ट ने केंद्र की टीकाकरण नीति पर सवाल उठाए, कहा- निर्माताओं पर न छोड़ें टीके की क़ीमत-वितरण

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की कोविड-19 टीकाकरण नीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के मॉडल को क्यों नहीं अपनाना चाहिए? केंद्र सौ प्रतिशत का अधिग्रहण क्यों नहीं कर सकता, निर्माताओं की पहचान करें और उनके साथ बातचीत करें और फिर राज्यों को वितरित करें.

ग्राम पंचायत चुनाव में वोट देने के लिए गोरखपुर के एक मतदान केंद्र पर खड़े मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

यूपी पंचायत चुनाव: सुप्रीम कोर्ट का मतगणना पर रोक लगाने से इनकार

कोविड संक्रमण के प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतगणना रोकने से इनकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि पूरे राज्य में इस दौरान सख़्त कर्फ्यू रहेगा, जो मंगलवार सुबह तक लागू होगा. साथ ही सरकारी अधिकारियों, उम्मीदवारों और उनके एजेंट को मतगणना केंद्र में प्रवेश से पहले कोविड की आरटी-पीसीआर जांच में नेगेटिव होने का प्रमाण दिखाना होगा.

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दिल्ली: बत्रा अस्पताल ने कहा, ऑक्सीजन की कमी से डॉक्टर समेत 12 कोविड मरीज़ों की मौत

मृतक डॉक्टर की पहचान 62 वर्षीय डॉ. आरके हिमथानी के रूप में हुई है. वह बत्रा अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेराइटिस विभाग के प्रमुख थे. कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच देश के विभिन्न अस्पतालों में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से मौत होने मामले लगातार सामने आ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

नौकरशाही के ज़रिये कोविड नियंत्रण का मुख्यमंत्री का प्रयोग असफल: भाजपा विधायक

उत्तर प्रदेश में बलिया ज़िले के बैरिया क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह व्यवस्था की कमी ही माना जाएगा कि भाजपा के मंत्री और विधायक कोरोना वायरस का शिकार हो रहे हैं तथा उन्हें समुचित चिकित्सा सुविधा तक नहीं मिल पा रही है. प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण से अब तक तीन भाजपा विधायकों की मौत हो चुकी है.