COVID-19 Deaths

राप्ती पुल की रेलिंग पर लगा बैनर. (साभार: सोशल मीडिया)

यूपी: विरोध के बाद गायब हुए गोरखपुर के श्मशान घाट पर फोटो-वीडियो लेने की पाबंदी के बैनर

30 अप्रैल को गोरखपुर के राजघाट अंत्येष्टि स्थल के पास एक पुल की जालियों को फ्लैक्स से ढकते हुए नगर निगम ने आदेश दिया कि अंत्येष्टि की फोटो और वीडियो लेना क़ानूनन ठीक नहीं है और ऐसा करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी. मुखर विरोध के बाद अगले दिन ये फ्लैक्स फटे हुए मिले और नगर निगम की ओर से इस बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया.

एक शवदाह गृह के बाहर शवों के साथ उनके परिजन. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: दिल्ली के श्मशानों में दाह संस्कार के लिए करना पड़ रहा है 16 से 20 घंटे का इंतज़ार

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप की वजह से दिल्ली में मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. एक शवदाह गृह पर पिता के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे व्यक्ति ने कहा कि अगर अस्पताल में आप मरीज़ को ऑक्सीजन नहीं दे पा रहे हैं, तब कम से कम श्मशान घाट पर कुछ जगह उपलब्ध करा दीजिए, ताकि लोग आराम से दुनिया छोड़ सके.

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कोविड-19: महाराष्ट्र में तीन दिनों के भीतर दो हादसे, लोगों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

वीडियो: कोरोना वायरस के भीषण संक्रमण से जूझ रहे महाराष्ट्र में बीते 23 अप्रैल को एक और बड़ा हादसा हो गया. पालघर जिले में विरार के विजय वल्लभ कोविड अस्पताल में आग लग गई, जिसमें 14 मरीजों की मौत हो गई. इससे दो दिन पहले 21 अप्रैल को नासिक के कोविड-19 अस्पताल में ऑक्सीजन लीक हो जाने के बाद 24 लोगों जान चली गई थी.

नासिक अस्पताल में स्टोरेज यूनिट से लीक होती गैस. (फोटो: पीटीआई)

नासिक ऑक्सीजन हादसे पर कोर्ट ने कहा, सभ्य समाज में ऐसा कैसे हो सकता है

बीते 21 अप्रैल को नासिक में एक सरकारी कोविड-19 अस्पताल में भंडारण संयंत्र से ऑक्सीजन के रिसाव के बाद इस गैस की आपूर्ति बाधित होने से 22 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई थी. मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए थे.

नासिक अस्पताल में ऑक्सीजन टैंक रिसाव (फोटोः एएनआई)

महाराष्ट्रः अस्पताल में ऑक्सीजन रिसाव के बाद आपूर्ति बाधित होने से 22 कोरोना मरीज़ों की मौत

महाराष्ट्र के नासिक शहर स्थित डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल में हुआ भीषण हादसा. ऑक्सीजन का मेन स्टोरेज टैंक लीक होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई थी, जिससे ये मौतें हुईं. मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: गुजरात में शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को घंटों करना पड़ रहा इंतज़ार

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से गुजरात में मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. शवों की संख्या बढ़ने से लगातार इस्तेमाल के कारण गुजरात के सूरत शहर में कुछ शवदाह गृह में धातु की भट्ठियां पिघल रही हैं या उनमें दरार आ गई है. राज्य के अन्य शहरों में स्थित अंतिम संस्कार स्थल भी शवों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव महसूस कर रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पताल में एक माली ले रहा है कोविड-19 जांच के नमूने

मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले के सांची शासकीय सिविल अस्पताल का मामला. यह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है. दूसरी ओर राज्य के कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित ज़िले इंदौर में लोगों की मौत होने से अस्पतालों के साथ अंतिम संस्कार स्थलों पर भी भारी दबाव बढ़ गया है.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य और पश्चिम रेलवे के 872 कर्मचारी कोरोना संक्रमित अब तक 88 लोगों की मौत: रेलवे

अधिकारियों ने बताया कि 872 संक्रमित कर्मचारियों में से 559 मध्य रेलवे और 313 पश्चिमी रेलवे से हैं. कुछ रेल यूनियनों का दावा है कि 15 जून के बाद लोकल ट्रेन सेवाओं के परिचालन बहाल होने के बाद से रेलकर्मियों के संक्रमित होने की संख्या बढ़ी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई

कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण क्यों ज़रूरी है?

स्पेन में प्रति 1,000 व्यक्तियों के लिए 3 अस्पताल बेड और 4.1 डॉक्टर हैं. भारत में यह आंकड़ा प्रति 1,000 व्यक्तियों के लिए 0.7 अस्पताल बेड और 0.8 डॉक्टर का है. बावजूद इसके स्पेन को कोरोना महामारी के चलते सभी निजी अस्पतालों का राष्ट्रीयकरण करना पड़ा. भारत सरकार इस संकट का जवाब कैसे देगी, यह देखने वाली बात है.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: जान जाने के बाद भी ख़त्म नहीं हो रहा संक्रमितों का संघर्ष

देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की अंतिम क्रिया को लेकर सरकार द्वारा स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, इनके बावजूद कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां संक्रमण के डर से मृतकों को दफ़नाने या जलाने विरोध किया गया या फिर मृतक के परिजनों के इनकार के बाद प्रशासन ने यह ज़िम्मेदारी उठाई.