Hindu Deities

गुड़गांव में शो रद्द होने के बाद कुणाल कामरा ने विहिप से कहा- सारा सिस्टम ही तुम्हारा है

दक्षिणपंथी संगठनों की धमकियों के बाद गुड़गांव में शो रद्द होने के बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने विश्व हिंदू परिषद को एक पत्र लिखकर चुनौती दी कि वे गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की निंदा करे. साथ ही कामरा ने विहिप को उनके शो में हिंदू देवी-देवताओं का मज़ाक उड़ाने के दावे का सबूत देने को भी कहा.

हरियाणा: विहिप और बजरंग दल की धमकी के बाद गुड़गांव में होने वाला कुणाल कामरा का शो रद्द

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा का शो  17 और 18 सितंबर को गुड़गांव के सेक्टर 29 के स्टूडियो एक्सओ बार में होना था. बार के जनरल मैनेजर ने बताया कि बजरंग दल के लोगों ने शो बाधित करने की धमकी दी थी, जिसके बाद इसे रद्द करने का निर्णय लिया गया.

क़ुतुब मीनार परिसर की मस्जिद में नमाज़ की अनुमति दी जाए: दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड

क़ुतुब मीनार परिसर में हिंदू और जैन देवताओं की मूर्तियों की पुन: स्थापना करने की मांग के बीच दिल्ली वक्फ बोर्ड ने यह मांग की है. उसका दावा है कि परिसर की मस्जिद में नमाज़ पहले से होती रही है, लेकिन भारतीय पुरतत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इसे रुकवा दिया था. इससे पहले एएसआई ने अदालत में उस याचिका का विरोध किया था, जिसमें देवताओं की मूर्तियों की परिसर में फिर से स्थापना की मांग की गई थी.

देवताओं के अनादर के आरोप में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर से एबीवीपी सदस्यों ने बदसलूकी की

एक ऑनलाइन बहस के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर रविकांत चंदन ने काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद पर एक की किताब का हवाला दिया था, जिसमें उन कथित परिस्थितियों का वर्णन किया गया है जिसके तहत विवादित स्थान पर मंदिर नष्ट कर उसके स्थान पर एक मस्जिद बनाई गई थी. इस संबंध में पुलिस ने प्रोफेसर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.

दिल्ली: क़ुतुबमीनार के अंदर देवताओं की पूजा करने की मांग वाली याचिका ख़ारिज

एक याचिका में कहा गया था कि मुहम्मद ग़ोरी के सेनापति क़ुतुबद्दीन ऐबक ने विष्णु हरि मंदिर और 27 जैन मंदिरों को नष्ट कर परिसर के भीतर एक आंतरिक निर्माण कराया था और परिसर का नाम बदलकर ‘कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद’ कर दिया था. इसे ख़ारिज करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि पिछली ग़लतियों के आधार पर वर्तमान और भविष्य की शांति को भंग नहीं किया जा सकता.