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केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 84,405 पद ख़ाली, दिल्ली पुलिस में क़रीब 12,000 रिक्तियां: केंद्र

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सर्वाधिक 29,985 पद सीआरपीएफ में रिक्त हैं, जबकि बीएसएफ में 19,254 और एसएसबी में 11,402 पद ख़ाली हैं. इसके अलावा सीआईएसएफ में 10,918, असम राइफल्स में 9,659 और आईटीबीपी में 3,187 रिक्तियां हैं.

झारखंड रोपवे हादसा: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 25 अप्रैल तक रिपोर्ट जमा करने को कहा

झारखंड के देवघर ज़िले में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकूट पहाड़ियों पर बीते 10 अप्रैल को 12 रोपवे ट्रॉली आपस में टकरा गई थी. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें दो महिलाएं एवं एक पुरुष शामिल हैं. इनमें से दो लोगों की मौत उन्हें बचाने के दौरान हुई थी.

झारखंड रोपवे हादसा: तीन लोगों की मौत, क़रीब 40 घंटे तक हवा में फंसे 15 लोग भी बचाए गए

झारखंड के देवघर ज़िले में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकूट पहाड़ियों पर बीते 10 अप्रैल को 12 रोपवे ट्रॉली आपस में टकरा गई थी. इस हादसे के बाद ट्रॉली में फंसे कुल 46 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. इसके साथ ही मंगलवार को तीसरे दिन सेना का बचाव अभियान ख़त्म हो गया.

देश में पिछले दस सालों में अर्द्धसैनिक बलों के 1,205 कर्मियों ने ख़ुदकुशी की

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि पिछले एक दशक में अर्द्धसैनिक बलों के 1,205 जवानों ने आत्महत्या की है, जिनमें सर्वाधिक मामले वर्ष 2021 में आए.

आईटीबीपी की चौकी के ख़राब निर्माण पर मंत्रालयों के बीच गतिरोध, सीवीसी ने जांच शुरू की

आईटीबीपी की शिकायत के बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग ने लद्दाख में पैंगोग त्सो नदी के पश्चिमी तट पर उनकी चौकी के ख़राब निर्माण को लेकर गृह और जल संसाधन मंत्रालय के बीच तनातनी पर संज्ञान लिया है. बताया गया है कि राष्ट्रीय परियोजना निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से हुआ यह निर्माण कसौटी पर ख़रा नहीं उतरा है.

हिमाचलः किन्नौर में भूस्खलन से पांच की मौत, 30 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

भूस्खलन हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले के चौरा गांव में दोपहर से ठीक पहले हुआ. किन्नौर के उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन की बस समेत अनेक वाहन भूस्खलन के मलबे में दब गए. बस किन्नौर के रेकॉन्ग प्यो से शिमला जा रही थी. बस में तकरीबन 40 लोग सवार थे. हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

क्या ‘ग्रीन’ शब्द जुड़ जाने मात्र से कोई परियोजना प्रकृति अनुकूल हो जाती है

नदी, पहाड़, जैव-विविधता की अनदेखी कर बनी बड़ी हाइड्रो पावर परियोजनाओं से पैदा ऊर्जा को ‘ग्रीन एनर्जी’ कैसे कह सकते हैं? एक आकलन के अनुसार कई परियोजनाएं तो उनकी क्षमता की 25 प्रतिशत बिजली भी पैदा नहीं कर पा रही हैं. तो अगर ये परियोजनाएं व्यावहारिक नहीं हैं, तो सरकार ज़िद पर क्यों अड़ी है?

उत्तराखंड आपदा: हादसों के ढेर पर बैठे हैं लेकिन सबक कुछ नहीं

भूगर्भ वैज्ञानिक निरंतर चेतावनी दे रहे हैं कि सभी ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में विभिन्न मौसमी बदलाव हो रहे हैं. ऐसे में तरह-तरह के हाइड्रोप्रोजेक्ट बनाने की ज़िद प्राकृतिक हादसों को आमंत्रण दे रही है. सबसे चिंताजनक यह है कि केंद्र या उत्तराखंड सरकार इन क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों से कुछ नहीं सीख रही है.

उत्तराखंड आपदा: एक और शव मिला, मृतक संख्या बढ़कर 62 हुई, 142 लोग अब भी लापता

बीते सात फरवरी को उत्तराखंड के चमोली ज़िले की ऋषिगंगा घाटी में पर ग्लेशियर टूटने से हिमस्खलन हुआ था, जिससे नदी के किनारे 13.2 मेगावाट की एक जलविद्युत परियोजना ध्वस्त हो गई थी, जबकि धौलीगंगा के साथ लगती एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना को व्यापक नुकसान पहुंचा था.

उत्तराखंड में एक बार फ़िर कुदरत ने बरपाया क़हर

वीडियो: उत्तराखंड के जोशीमठ में रविवार नंदादेवी ग्लेशियर के फटने की वजह से धौलीगंगा नदी में विकराल बाढ़ आ गई. रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है. तपोवन विष्णुगाढ़ हाइड्रो पॉवर प्लांट पूरी तरह से तहस-नहस हो गया है. इस विषय पर पर्यावरण के लिए काम करने वाले पत्रकार कबीर अग्रवाल से बातचीत.

अधूरे ज्ञान के आधार पर हिमालय से छेड़छाड़ रोकी जाए: चिपको आंदोलन नेता

चिपको आंदोलन के नेता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित 87 वर्षीय चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि ऋषिगंगा और धौली गंगा में जो हुआ वह प्रकृति से खिलवाड़ करने का परिणाम है. 13 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना की गुपचुप स्वीकृति देना इस तरह की आपदाओं के लिए ज़मीन तैयार करने जैसा है.

उत्तराखंड आपदा ग्लेशियर टूटने से नहीं, लाखों मीट्रिक टन बर्फ फिसलने से आई: मुख्यमंत्री रावत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वहां कोई हिमखंड नहीं टूटा है. इसरो की तस्वीरों में कोई ग्लेशियर नज़र नहीं आ रहा है और पहाड़ साफ दिखाई दे रहा है. वैसे भी हादसे वाली जगह आपदाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है.

उत्तराखंड ग्लेशियर आपदा: मृतक संख्या 31 पर पहुंची, बचाव कार्य जारी

उत्तराखंड राज्य आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार, ग्लेशियर टूटने से आई आपदा में 171 लोगों के लापता होने की सूचना है. लापता लोगों में पनबिजली परियोजनाओं में कार्यरत लोगों के अलावा आसपास के गांवों के स्थानीय लोग भी हैं जिनके घर बाढ़ के पानी में बह गए.

मंत्री रहते हुए गंगा और उसकी मुख्य सहायक नदियों पर पनबिजली परियोजना के ख़िलाफ़ थी: उमा भारती

भाजपा नेता उमा भारती ने कहा है कि उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने के कारण हुई त्रासदी चिंता का विषय होने के साथ-साथ चेतावनी भी है. उन्होंने कहा कि मंत्री रहने के दौरान उन्होंने आग्रह किया था कि हिमालय एक बहुत संवेदनशील स्थान है, इसलिए गंगा और उसकी मुख्य सहायक नदियों पर पनबिजली परियोजनाएं नहीं बननी चाहिए.

उत्तराखंड ग्लेशियर आपदा: अब तक 11 शव बरामद, राहत और बचाव कार्य जारी

उत्तराखंड के चमोली ज़िले की ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर टूटने से रविवार को अचानक आई भीषण बाढ़ से प्रभावित 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा और 480 मेगावाट तपोवन विष्णुगढ़ पनबिजली परियोजनाओं में काम कर रहे तक़रीबन 200 लोग लापता हो गए हैं. उनकी तलाश के लिए सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के जवान जुटे हुए हैं.