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भुगतान में देरी को लेकर मनरेगा मज़दूरों का दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना के 15 राज्यों के सैकड़ों मज़दूर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जब वे समय पर मज़दूरी की मांग करते हैं तो उन्हें काम नहीं मिलता. साथ ही कार्यस्थल पर किसी मज़दूर के घायल हो जाने या उसकी मृत्यु हो जाने पर मुआवज़ा तक नहीं दिया जाता.

म्यांमार में लोकतंत्र समर्थकों की फांसी के ख़िलाफ़ दिल्ली में प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई

बीते 25 जुलाई को म्यांमार के सैन्य शासन ने चार लोकतंत्र समर्थकों को फांसी दे दी थी, जिसके विरोध में भारत में निर्वासन में रह रहे वहां के लोगों के एक समूह ने 30 जुलाई को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी थी, जिससे पुलिस ने इनकार कर दिया था.

भारतीय कॉलेजों में दाख़िले की मांग को लेकर यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों ने भूख हड़ताल की

युद्धग्रस्त यूक्रेन से लौटे इन भारतीय मेडिकल छात्रों ने दाख़िले की मांग पर राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में भूख हड़ताल कर कहा कि एमबीबीएस अंतिम वर्ष में छात्रों को छोड़कर उनकी संख्या लगभग 12,000 है और देश में कम से कम 600 मेडिकल कॉलेज हैं, इसलिए प्रत्येक संस्थान को केवल 20 छात्रों को अपने यहां समायोजित करने की ज़रूरत है. इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है.

शाहीन बाग़ आंदोलन के दो साल: कब निरस्त होगा सीएए?

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग़ में हुए आंदोलन को दो साल हो गए हैं. इस क़ानून को निरस्त करने की मांगों के साथ ताज़ा विरोध प्रदर्शन तेज होने लगे हैं. इस आंदोलन आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

शाहीन बाग़ आंदोलन के 2 साल: तेज़ हुई राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई की मांग

वीडियो: सीएए विरोध के तहत हुए शाहीन बाग़ आंदोलन के दो साल पूरे होने पर प्रगतिशील महिला संगठन, राष्ट्रीय महिला संघ और कमीशन ऑन द स्टेटस ऑफ वुमेन की ओर से दिल्ली के जंतर मंतर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस आंदोलन में भाग लेने के लिए क़ैद किए गए लोगों की रिहाई की मांग के लिए छात्रों, नागरिक समाज के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने धरना भी दिया.

जंतर मंतर पर हड़ताल पर बैठे यूपीएससी प्रतिभागी

वीडियो: कोरोना वायरस महामारी ने देश के हर वर्ग को प्रभावित किया है. प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागी भी इससे अछूते नहीं रहे हैं. इन्हीं में से एक यूपीएससी के प्रतिभागी सरकार से परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका देने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि कोविड-19 के कारण वो परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाए और उनको सरकार द्वारा न्याय मिलना चाहिए.

त्रिपुराः अलग राज्य की मांग को लेकर तिपरा मोथा के साथ चर्चा में भाजपा की सहयोगी आईपीएफटी

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अलग राज्य की मांग को लेकर बना प्रद्योत किशोर देबबर्मन की अगुवाई वाला तिपरा मोथा गठबंधन तेज़ी से अपना आधार बढ़ा रहा है. बीते कुछ समय में भाजपा सरकार की सहयोगी इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के विधायकों सहित कई नेता और समर्थक इसमें शामिल हुए हैं. 

जंतर मंतर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी मामले के मुख्य आरोपी को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार

दिल्ली के जंतर मंतर पर भड़काऊ तथा मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी करने के मुख्य आरोपी हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष भूपिंदर तोमर उर्फ़ पिंकी चौधरी की याचिका को ख़ारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने कहा कि हम तालिबान राज्य नहीं हैं. कानून का राज, हमारे बहुसांस्कृतिक और बहुलतावादी समुदाय के शासन का पवित्र सिद्धांत है.

जंतर मंतर नारेबाज़ी: भाजपा नेता और अन्य आरोपी के बीच संबंध के साक्ष्य मौजूद- पुलिस

बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हिंसा का आह्वान किया गया था. आरोप है कि भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय और गजेंद्र चौहान की उपस्थिति वाले कार्यक्रम में भड़काऊ और मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी की गई थी. पुलिस ने अश्विनी उपाध्याय सहित छह लोगों को गिरफ़्तार किया था.

मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी: केस दर्ज कराने पहुंचे युवक ने दिल्ली पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया

जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र अरबाब अली ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के जंतर मंतर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी के संबंध में भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय और हिंदुत्व कार्यकर्ता उत्तम उपाध्याय के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश करने पर उन्हें हिरासत में लिया गया और धमकाया गया. आरोप है कि अश्विनी उपाध्याय के नेतृत्व में बीते आठ अगस्त को जंतर मंतर पर एक कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ और मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी की गई थी.

जंतर मंतर पर ख़ूनी नारे लगा रहे शख़्स के पिता ने कहा, सरेंडर करे बेटा

वीडियो: बीते 8 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम विरोधी हिंसक नारे लगे थे. उत्तम उपाध्याय उन लोगों में से एक हैं, जिन्हें वीडियो में ये नारे लगाते हुए देखा जा सकता है. इस कार्यक्रम के बाद से वह घर नहीं लौटे हैं. दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह वीडियो में किसी की पहचान नहीं कर पाई है, लेकिन द वायर ने उत्तम कुमार की पहचान की और उनके परिवार से बातचीत भी की.

जंतर मंतर पर सांप्रदायिक नारेबाजी: अदालत ने तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया

आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था. अदालत ने सांप्रदायिक नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार तीन लोगों को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि इन लोगों को अलोकतांत्रिक टिप्पणी करते हुए देखा जा सकता है.

खूनी नारों पर ख़ामोश और पेगासस के सवालों से बचती मोदी सरकार

वीडियो: दिल्ली की अदालत ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाजी के आरोप में गिरफ़्तार किए गए भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय को जमानत दे दी है. वहीं, पेगासस जासूसी विवाद के बीच सरकार ने बीते सोमवार को कहा कि उसने एनएसओ समूह के साथ कोई लेन-देन नहीं किया है. इन मुद्दों पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

जंतर मंतर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी: दिल्ली की अदालत ने भाजपा नेता को दी ज़मानत

बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था. इस दौरान भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय और गजेंद्र चौहान थे. अश्विनी उपाध्याय ने आयोजन में अपनी भूमिका से इनकार किया है. हालांकि भारत जोड़ो अभियान की प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शन उनके ही नेतृत्व में हुआ था.

जंतर मंतर पर मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी: ‘हिंदुत्व नायकों’ पर कार्रवाई कब?

वीडियो: बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम विरोधी नारेबाज़ी की घटना को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद और अधिवक्ता राहुल नारायण से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.