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क्या केंद्र की सहमति के बिना चलने वाली कोई भी कल्याणकारी योजना ‘फ्रीबीज़’ कही जाएगी

भारतीय मध्यवर्ग अक्सर ग़रीबों को दी जाने वाली मुफ़्त सुविधाओं/कल्याणकारी योजनाओं की आलोचना करता है, लेकिन मुफ़्त सुविधा या फ्रीबी और कल्याणकारी योजनाओं के बीच अंतर तब जटिल हो जाता है जब राजनीतिक दल अपने-अपने हित के हिसाब से व्याख्याएं पेश करते हैं.

नरेंद्र मोदी की ‘रेवड़ीनॉमिक्स’ अर्थव्यवस्था से नहीं, शुद्ध राजनीति से संबंधित है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मुफ़्त की रेवड़ी’ वाले बयान के बाद जहां हर तरह के अर्थशास्त्री सब्सिडी के गुण-दोषों की जटिल बारीकियों को समझने के लिए मजबूर हो गए हैं, वहीं मोदी के लिए इस मुद्दे को खड़ा कर पाना ही उनकी कामयाबी है.

केरल सरकार ने मनरेगा योजना में नए प्रतिबंध की आलोचना की

केरल सरकार ने केंद्र से मनरेगा योजना के तहत होने वाले समानांतर कार्यों को सीमित करने के फैसले को रद्द करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी, जो पहले ही कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण उत्पन्न संकट से उबरने की कोशिश कर रही है.

देश में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर बढ़ रहे हमलों के बीच जवाबदेही क़ानूनों की ज़रूरत है

21 दिसंबर को किसान और आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम गोदारा का बाड़मेर से अपहरण किया गया और  बेरहमी से पीटने के बाद लगभग मरणासन्न हालत में उनके घर के पास फेंक दिया गया. लगातार आरटीआई एवं अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमले जवाबदेही क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करते हैं.

सदन में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, आरटीआई अप्रभावी, मनरेगा से भ्रष्टाचार बढ़ रहा

झारखंड से  भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि आरटीआई से हर ब्लॉक में सिर्फ़ बिचौलिये पैदा हुए हैं. चर्चा के दौरान एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि मनरेगा योजना को और सशक्त करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर बेहतर तरीके से काम करने की ज़रूरत है. बेरोज़गारी की वजह से इस योजना की स्पष्ट ज़रूरत है.

कोरोना से निपटने के सरकार के कदम ग़रीब-विरोधी हैं

सरकार द्वारा ग़रीबों की मदद के नाम पर स्वास्थ्य संबंधी मामूली घोषणाएं की गई हैं. हमें नहीं पता अगर कोई ग़रीब कोरोना से संक्रमित हुआ तो उसे उचित स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी. अगर अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आई तो बेड और वेंटिलिटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी?

कोरोना लॉकडाउन: ग़रीब और कमज़ोर तबके की मदद के लिए क्या उपाय किया जा सकते हैं

देशभर में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन से उत्पन्न आर्थिक स्थितियां उन लोगों को बुरी तरह प्रभावित करेंगी, जो इस महामारी से तो शायद बच जाएंगे, लेकिन रोज़मर्रा की आवश्यक ज़रूरतों का पूरा न होना उनके लिए अलग मुश्किलें खड़ी करेगा.

हम भी भारत, एपिसोड 50: मोदी सरकार से क्यों नाराज़ हैं किसान

हम भी भारत की 50वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी हालिया किसान आंदोलन और कृषि संकट से जुड़े मुद्दों पर पूर्व कृषि सचिव सिराज हुसैन और किसान शक्ति संघ के पुष्पेंद्र सिंह से चर्चा कर रही हैं.