Mob Violence

भीड़ हिंसा: सुरक्षा न मिल पाने के कारण मोहम्मद अख़लाक़ की बेटी की अदालत में गवाही टली

उत्तर प्रदेश में गौतम बौद्ध नगर ज़िले के दादरी क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव निवासी 52 वर्षीय मोहम्मद अख़लाक़ की 28 सितंबर 2015 को भीड़ द्वारा गोकशी का आरोप लगाकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना में उनके बेटे भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. अख़लाक़ की बेटी शाइस्ता मामले में चश्मदीद गवाह हैं.

सरकार मॉब लिंचिंग का आंकड़ा क्यों सामने नहीं लाना चाहती?

वीडियो: बीते दिनों संसद में केंद्र सरकार ने कहा कि उनके पास अलग से मॉब लिंचिंग का कोई आंकड़ा नहीं है. इस मुद्दे पर विशेषज्ञों से बातचीत कि सरकार को क्यों मॉब लिंचिंग के आंकड़े अन्य अपराधों से अलग सामने रखना चाहिए.

झारखंड: राज्यपाल ने दो आपत्तियों के साथ मॉब लिंचिंग बिल सरकार को वापस भेजा

झारखंड में भीड़ हिंसा का मामला 2019 में उस समय सुर्ख़ियों में आया था, जब 24 साल के तबरेज़ अंसारी को चोरी के संदेह में सरायकेला खरसावां जिले के धतकीडीह गांव में कथित तौर पर पोल से बांधकर भीड़ ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इस घटना के वीडियो में भीड़ अंसारी से कथित तौर पर ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे लगाने को मजबूर करती दिख रही थी.

2012-2019 के बीच उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की संख्या में क़रीब 2 लाख की वृद्धि: केंद्र सरकार

एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय लोकसभा में बताया कि उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की संख्या 2012 में 10,09,436 थी, जो 2019 में बढ़कर 11,84,494 हो गई. राज्य के चित्रकूट ज़िले में इनकी संख्या सबसे अधिक है. इसके बाद क्रमश: महोबा, गोंडा, हरदोई और बांदा का नंबर आता है.

उत्तराखंड: धर्म संसद जैसी नफ़रत वाली राजनीति और भीड़ हिंसा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

उत्तराखंड के विभिन्न ज़िलों में भीड़ हिंसा और नफ़रत की राजनीति के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन करते हुए राज्य में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताई है. कोरोना की पहली लहर में सरकार ने ताली-थाली बजवाई थी, उसी तर्ज पर इस दौरान कनस्तर बजाकर नारे लगाए गए और हिंसा ख़त्म करने की अपील की गई. साथ में नारे लिखे पोस्टर दिखाकर सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त किया गया.

झारखंड: सिमडेगा में भीड़ द्वारा की गई पीट-पीट कर हत्या मामले में ग्राम प्रधान गिरफ़्तार

बीते चार जनवरी को सिमडेगा ज़िले के एक गांव में भीड़ ने पेड़ काटने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर शव को जला दिया था. पांच जनवरी को पुलिस ने 13 नाम ज़द समेत कुल 38 लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की थी. इस मामले अब तक आठ आरोपियों को पुलिस गिरफ़्तार कर चुकी है. 

झारखंड: मुस्लिम शख़्स को कथित तौर पर थूक चाटने और ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के ख़िलाफ़ धनबाद में प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से प्रधानमंत्री एवं भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष को ‘अपशब्द’ कहने के आरोप में मानसिक बीमारी से पीड़ित एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी. मुख्यमंत्री ने मामले दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

झारखंड: मॉब लिंचिंग क़ानून आने के बाद भीड़ ने ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या कर शव जलाया

मामला सिमडेगा ज़िले के कोलेबिरा थाना क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों का आरोप था कि 32 वर्षीय संजू प्रधान वन क्षेत्र से लकड़ी की तस्करी करते थे. इससे नाराज़ ग्रामीण उन्हें बात करने के लिए घर से बुलाकर ले गए, जहां भीड़ ने पत्थर-लाठियों से उन्हें मारने के बाद शव को आग लगा दी. 

केंद्र में ‘रावण’ पार्टी की सरकार आने के बाद भीड़ हिंसा विरोधी क़ानून लाने को मजबूर हुए: सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है. मॉब लिंचिग रोधी अधिनियम हिंदू, मुस्लिम या आदिवासी अधिनियम नहीं है, क्योंकि भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता. भाजपा के केंद्र की सत्ता में आने और देश के सामाजिक तानाबाने को नष्ट करने वाला माहौल बनाने के बाद हम यह क़ानून लाने को मजबूर हुए.

असम: संशोधित मवेशी संरक्षण अधिनियम के तहत पुलिस की शक्तियां बढ़ाई गईं

अगस्त में पारित किए गए असम मवेशी संरक्षण अधिनियम, 2021 में हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्यक मंदिर या वैष्णव मठों के पांच किलोमीटर के दायरे में मवेशियों के वध और गोमांस की बिक्री पर रोक लगाई गई थी. अब हुए संशोधन के तहत पुलिस आरोपी के घर में प्रवेश कर जांच कर सकती है और अवैध पशु कारोबार के ज़रिये अर्जित संपत्ति को ज़ब्त करने की कार्रवाई भी कर सकती है.

झारखंडः भाजपा के विरोध के बीच भीड़ हिंसा के ख़िलाफ़ विधेयक पारित, दोषी पाए जाने पर होगी उम्रक़ैद

झारखंड में मॉब वायलेंस और मॉब लिंचिंग बिल, 2021 के क़ानून बनने पर भीड़ हिंसा के दोषी पाए जाने वालों के लिए जुर्माने और संपत्तियों की कुर्की के अलावा तीन साल से लेकर उम्रक़ैद तक की सज़ा का प्रावधान है. पश्चिम बंगाल और राजस्थान के बाद इस तरह के विधेयक को पारित करने वाला तीसरा राज्य बन गया है.

भीड़ हिंसा में मारे गए या घायल हुए लोगों के संबंध में अलग से कोई आंकड़ा नहीं: सरकार

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने पूछा गया था कि देश में भीड़ द्वारा पिछले पांच वर्षों में कितने मुस्लिमों और दलितों पर सार्वजनिक रूप से हमला किया गया या गंभीर रूप से घायल किया गया है, जिनकी इसकी वजह से मौत हो गई. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि पुलिस और लोक व्यव्यवस्था राज्य के विषय हैं.

झारखंड: मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ विधेयक लाने का प्रस्ताव, आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान

मॉब वायलेंस और मॉब लिंचिंग बिल, 2021 को झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की संभावना है, जो 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है. इसके तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माना और संपत्ति ज़ब्त किए जाने के अलावा तीन साल से आजीवन कारावास तक की सज़ा का प्रावधान है. इसके अलावा पीड़ितों के लिए प्रतिकूल माहौल बनाने के लिए जुर्माने और तीन साल तक की सज़ा का भी प्रावधान है.

दिल्ली: द्वारका के चर्च में तोड़फोड़, ईसाइयों ने लगाया बजरंग दल पर आरोप

वीडियो: राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में बने एक चर्च में बीते दिनों कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की. बताया जा रहा है कि ये लोग कथित तौर पर बजरंग दल से जुड़े हुए हैं. पिछले 11 महीनों में हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े लोगों द्वारा ईसाई समुदाय के खिलाफ 300 से अधिक हमले हुए हैं. द वायर ने इन हमलों और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के बारे में ईसाई समुदाय और दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों के सदस्यों से बातचीत की.

2021 के शुरुआती नौ महीनों में ईसाइयों के ख़िलाफ़ हिंसा के 300 से अधिक मामले दर्जः रिपोर्ट

देश में ईसाइयों पर अत्याचार की घटनाओं पर निगरानी रखने वाले मानवाधिकार संगठनों ने हिंदुत्व समूहों द्वारा ईसाइयों पर की गई हिंसा का दस्तावेज़ीकरण करते हुए एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी की है. इसमें कहा गया है कि 21 राज्यों, विशेष रूप से उत्तर भारत में 2021 के शुरुआती नौ महीनों में इस तरह के तीन सौ से अधिक मामले दर्ज हुए हैं.