Modi Government

प्रकाश जावड़ेकर. (फोटो साभार: फेसबुक/PrakashJavadekarOfficial)

सरकार के बारे में बेहतर धारणा बनाने संबंधी कार्यशाला में शामिल हुए केंद्रीय कर्मचारी: रिपोर्ट

यह कार्यशाला ऐसे समय आयोजित की गई है, जब कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण संक्रमण और मौत के मामलों बेतहाशा वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसे लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. इसका आयोजन सरकारी मंच माईजीओवी (MyGov) की ओर से किया गया, जिसमें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: #रिज़ाइनमोदी को अस्थायी तौर पर ब्लॉक करने के बाद फेसबुक ने फ़िर बहाल किया

फेसबुक ने बृहस्पतिवार की सुबह एक बयान जारी करते हुए कहा कि उसने ग़लती से उस हैशटैग को बाधित किया, जिसमें प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े (#ResignModi) की मांग की जा रही है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह मोदी सरकार के आदेश पर नहीं किया गया.

दिल्ली के खेलगांव का कोविड केयर सेंटर. (फोटोः पीटीआई)

कोरोना: महामारी की दूसरी लहर से पहले कई राज्यों ने बंद किए थे अपने विशेष कोविड सेंटर

कोरोना महामारी की दूसरी लहर आने से पहले देश के कई राज्यों ने अपने स्पेशल कोविड सेंटर बंद कर दिए थे, जिससे स्पष्ट है कि सरकारें कोरोना की अगली लहर की क्षमता का आकलन करने में पूरी तरह नाकाम रहीं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आईटी मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों से कोविड संबंधी और अधिक पोस्ट हटाने के लिए कहा: रिपोर्ट

केंद्र की मोदी सरकार के अनुरोध पर ट्विटर पहले ही भारत में ऐसे क़रीब 50 ट्वीट्स पर रोक लगा चुका है, जो कोविड-19 महामारी की स्थिति को संभालने में सरकार के तरीकों की आलोचना कर रहे थे. अब इन ट्वीट्स को भारत में नहीं देखा जा सकता.

(फोटो: रॉयटर्स)

सरकार के अनुरोध पर ट्विटर ने कोविड-19 प्रबंधन की आलोचना करने वाले कुछ ट्वीट्स प्रतिबंधित किए

ट्विटर ने भारत में ऐसे क़रीब 50 ट्वीट्स पर रोक लगा दी है जो कोविड-19 महामारी की स्थिति को संभालने में नरेंद्र मोदी सरकार के तरीकों की आलोचना कर रहे थे. अब इन ट्वीट्स को भारत में नहीं देखा जा सकता.

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ऑक्सीजन के बिना दम तोड़ता भारत: क्या इस तबाही को रोका जा सकता था?

वीडियो: देश में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ने की वजह से ऑक्सीजन की कमी के चलते विभिन्न राज्यों में मौत के मामले सामने आ रहे हैं. बीते कुछ दिनों में सैड़कों कोरोना संक्रमित लोगों की मौत इस वजह से हो चुकी है.

(इलस्ट्रेशन: द वायर)

केंद्र सरकार ने विवादित डिजिटल मीडिया नियमों से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने से इनकार किया

विशेष रिपोर्ट: केंद्र द्वारा लाए गए डिजिटल मीडिया के नए नियमों को लेकर हो रहे विरोध में एक मुद्दा इस बारे में हितधारकों के साथ समुचित चर्चा न होने का है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इन्हें बनाने से पहले हुए विचार-विमर्श के नाम पर दो सेमिनार और एक मीटिंग का हवाला दिया है, हालांकि इसमें से किसी के भी मिनट्स तैयार नहीं किए गए हैं.

दक्षिण कोलकाता में पार्टी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करते भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय. (फोटो: पीटीआई)

बंगाल में सीएए लागू किया जाएगा, एनआरसी लाने की कोई योजना नहीं: कैलाश विजयवर्गीय

पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने टीएमसी के इस दावे को ख़ारिज किया कि अगर भाजपा बंगाल में सत्ता में आई तो एनआरसी लागू करेगी. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एनआरसी लाने की कोई योजना नहीं है, पर सीएए ज़रूर लागू होगा.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: ट्विटर)

पिछड़ा वर्ग आयोग ने सरकार को लिखा पत्र, जनगणना में ओबीसी की गणना करने की मांग

मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया था. सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी की अध्यक्षता में ओबीसी समुदाय के उप-वर्गीकरण के लिए एक आयोग का गठन किया गया है, ताकि कमजोर वर्गों तक आरक्षण की पहुंच बढ़ाई जा सके.

A flock of birds flying over India Gate during a nationwide lockdown, in New Delhi, Saturday, April 11, 2020. Photo: PTI/Manvender Vashist

दिल्ली में ‘सरकार’ का मतलब उपराज्यपाल संबंधी विधेयक राज्यसभा में पास, आप ने काला दिन बताया

दिल्ली में उपराज्यपाल की शक्तियों को बढ़ाने वाले राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक बुधवार को राज्यसभा से पास हो गया. इस विधेयक में दिल्ली विधानसभा में पारित विधान के परिप्रेक्ष्य में ‘सरकार’ का आशय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल से होगा. राज्यसभा में कम से कम 12 दलों ने इस विधेयक का विरोध किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

एडिटर्स गिल्ड ने प्रधानमंत्री से नए डिजिटल मीडिया नियमों को स्थगित करने की अपील की

सोशल मीडिया मंचों के दुरुपयोग रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए नियमों को लेकर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि ये नियम दमनकारी और प्रेस की आज़ादी के प्रतिकूल हैं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपराज्यपाल अनिल बैजल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: उपराज्यपाल, केंद्र को सरकार से अधिक शक्तियां देने वाला विधेयक लोकसभा में पारित

दिल्ली में उपराज्यपाल की शक्तियों को बढ़ाने वाले राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक को लोकसभा में मिली मंज़ूरी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे ‘जनता का अपमान’ कहा, वहीं विपक्ष ने केंद्र पर दिल्ली में पिछले दरवाजे से शासन चलाने का आरोप लगाया है.

New Delhi: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal  during 'Assocham Dilli ki Soch', a discussion of stakeholders on governance and development, in New Delhi, Wednesday, Oct. 16, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI10_16_2019_000039B)

क्या अब अरविंद केजरीवाल की सरकार उप-राज्यपाल चलाएंगे?

वीडियो: साल 2020 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज कर ये साबित कर दिया था कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से कोई नहीं जीत सकता, लेकिन 16 मार्च, 2021 को भाजपा ने राजधानी क्षेत्र संशोधन विधेयक, 2021 लाकर केजरीवाल सरकार को सत्ता में होकर भी सत्ता से दूर कर दिया है.

**EDS PLEASE NOTE: BEST OF THE WEEK, SET OF 13 PICTURES** New Delhi: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal addresses AAP workers at the party's Pradesh Mahasammelan on the issue of full statehood to Delhi, in New Delhi on Sunday, July 1, 2018. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_1_2018_000158B)(PTI7_8_2018_000125B)

दिल्ली में ‘सरकार’ का मतलब उपराज्यपाल, केंद्र ने लोकसभा में पेश किया विधेयक

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधेयक को संविधान पीठ के फैसले के विपरीत बताते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह उनकी चुनी हुई सरकार की शक्तियों को बहुत कम करना चाहती है. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली चुनाव में बुरी तरह हराने के बाद भाजपा अब पिछले दरवाज़े से दिल्ली पर शासन करने की कोशिश कर रही है.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली, मुंबई समेत चार हवाई अड्डों में अपनी बची हुई हिस्सेदारी बेचेगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने अपनी संपत्तियों की बिक्री कर ढाई लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना तैयार की है, जिसके तहत वह पहले से निजीकृत इन हवाई अड्डों में अपनी शेष हिस्सेदारी भी बेचना चाह रही है. इसके अलावा 13 अन्य हवाई अड्डों के निजीकरण की भी तैयारी है.