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बिहार: आरटीआई कार्यकर्ता हत्या मामले में कार्रवाई न होने पर बेटे ने कथित तौर पर जान दी

मोतीहारी के आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल की बीते वर्ष सितंबर में हत्या कर दी गई थी. उनके 14 वर्षीय बेटे की शुक्रवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. पुलिस इसे दुर्घटना बता रही है, लेकिन परिवार का आरोप है कि पिता की हत्या की जांच में देरी के चलते रोहित ने आत्महत्या की है. अब पुलिस ने पिता के हत्या मामले की जांच सीआईडी को दे दी है.

बिहार: चंपारण सत्याग्रह स्थल के पास गांधी जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया

पुलिस के अनुसार, मोतीहारी शहर के चरखा पार्क में महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष को चिह्नित करने के लिए स्थापित की गई प्रतिमा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है. सोशल मीडिया पर सामने आईं ख़बरों में आरोप लगाए गए हैं कि रविवार रात को इलाके में धार्मिक नारे सुने गए थे, जिससे संकेत मिलता है कि इसमें मुख्यधारा से अलग दक्षिणपंथी समूहों की संलिप्तता हो सकती है.

बिहार: मुस्लिम युवक का आरोप, जय श्री राम का नारा न लगाने पर बेरहमी से पीटा गया

पूर्वी चंपारण ज़िले के मेहसी थाना क्षेत्र के एक युवक मोहम्मद इजराइल का आरोप है कि दो जून को पड़ोस के एक गांव में अपने दोस्त से मिलने जाने के दौरान एक समूह ने उन्हें रोककर जय श्री राम का नारा लगाने को कहा. ऐसा न करने पर गाली-गलौज करते हुए बुरी तरह मारपीट की गई. उनका कहना है कि हमलावर बजरंग दल से संबद्ध हैं.

बिहार: दुरुस्त स्वास्थ्य सेवा के सरकारी दावों के बीच समय पर एम्बुलेंस न मिलने से वृद्धा की मौत

घटना पूर्वी चंपारण ज़िले की है. ग्रामीणों का कहना है कि एक साठ वर्षीय महिला के अचानक बेहोश हो जाने पर पांच घंटों तक लगातार फोन करने और अधिकारियों का चक्कर लगाने के बावजूद जिला मुख्यालय से मात्र 2 किलोमीटर दूर उनके गांव में एम्बुलेंस नहीं पहुंची. कुछ घंटों बाद महिला ने दम तोड़ दिया.

अटल बिहारी वाजपेयी पर फेसबुक पोस्ट को लेकर पीटे गए बिहार के प्रोफेसर के ख़िलाफ़ एफआईआर

भाजपा नेता ने दर्ज कराया केस. बिहार के मोतीहारी ज़िले में स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजय कुमार पर भीड़ ने किया था हमला. विश्वविद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद. कुलपति की पीएचडी को लेकर बवाल, निलंबित करने की मांग. गंभीर रूप से घायल प्रोफेसर नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती.

जॉर्ज ऑरवेल को पता था कि आने वाला वक़्त ‘बिग ब्रदर’ का है

जन्मतिथि पर विशेष: जॉर्ज ऑरवेल ने 1948 में एक किताब लिखी जिसका शीर्षक था- 1984. इसमें समय से आगे एक समय की कल्पना की गई है, जिसमें राज सत्ता अपने नागरिकों पर नज़र रखती है और उन्हें बुनियादी आज़ादी देने के पक्ष में भी नहीं है.

बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले में आरटीआई कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या

आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह ने एलआईसी घोटाला, इंदिरा आवास योजना के अलावा शिक्षक व पुलिस विभाग में नियुक्ति घोटाले का खुलासा किया था. दो महीने में दूसरे आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या.