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2018 से अब तक उच्च न्यायालयों में नियुक्त 554 जजों में से 430 सामान्य श्रेणी के हैं: क़ानून मंत्री

केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा को बताया कि कुल नियुक्तियों में सामान्य श्रेणी के न्यायाधीशों की संख्या 77 प्रतिशत से अधिक है. उन्होंने बताया कि इनमें से 58 न्यायाधीश ओबीसी और 19 अनुसूचित जाति से हैं. अनुसूचित जनजाति से केवल छह और अल्पसंख्यक समुदाय से 27 न्यायाधीश हैं. नियुक्तियों में 84 महिला न्यायाधीश भी शामिल हैं.

समान नागरिक संहिता लागू करने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया: सरकार

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह भी बताया कि 22वां विधि आयोग समान नागरिक संहिता से संबंधित मामले पर विचार कर सकता है. उन्होंने बताया कि सरकार ने भारत के 21वें विधि आयोग से अनुरोध किया था, लेकिन इसकी अवधि 31 अगस्त 2018 को समाप्त हो गई.

‘मैनहोल टू मशीनहोल’ का वित्त मंत्री का दावा शब्दों की कलाबाज़ी भर है: सफाई कर्मचारी आंदोलन

मैला ढोने की प्रथा को ख़त्म करने की दिशा में काम करने वाले संगठन ‘सफाई कर्मचारी आंदोलन’ की ओर से कहा गया है कि इस बार के बजट में सफाई कर्मचारियों की मुक्ति, पुनर्वास और कल्याण के लिए एक भी शब्द नहीं कहा गया और न ही इस मद में धन का आवंटन किया गया है. यह हमारे समाज के साथ धोखा है.

न्यायपालिका को प्रधानमंत्री कार्यालय का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है: कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर  निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की अनदेखी की जा रही है, संवैधानिक निकायों को कमज़ोर किया जा रहा है और न्यायपालिका को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है.

सरकार द्वारा प्रयोग किए जा रहे नए आईटी नियमों पर संसद की विधान समितियों ने चर्चा नहीं की

सरकार ने नए आईटी नियमों को फरवरी 2021 में अधिसूचित किया था. आम तौर पर ऐसे नियमों को चर्चा व बहस के लिए 15 दिनों के भीतर संसद में पेश किया जाना चाहिए. एक आरटीआई अर्ज़ी के जवाब में सामने आया है कि सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे इन नियमों पर लोकसभा और राज्यसभा की अधीनस्थ विधान समितियों ने चर्चा नहीं की थी.

कॉलेजियम ने क़ानून मंत्रालय से कहा- नाम दोहराए जाने पर सरकार जजों की नियुक्ति के लिए बाध्य

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम, जिसमें सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल हैं, ने केंद्रीय क़ानून मंत्रालय को एक विस्तृत नोट भेजते हुए कहा है कि जजों के नाम की सिफ़ारिश को लेकर कॉलेजियम के फैसले की फिर से पुष्टि होने के बाद सरकार नियुक्ति अधिसूचित करने के लिए बाध्य है.

कॉलेजियम की ओर से दोबारा भेजे गए नामों को सरकार वापस भेज रही है, यह चिंता का विषय: अदालत

शीर्ष अदालत ने कहा कि जब कोई सिफारिश की जाती है, तो सरकार के अपने विचार हो सकते हैं, लेकिन उस पर अपनी टिप्पणी अंकित करके वापस भेजे बिना उसे रोके नहीं रखा जा सकता है. अदालत उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित नामों को मंजूरी देने में केंद्र की ओर से की जा रही कथित देरी से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही थी.

सरकार ने संसद में बताया- केंद्र द्वारा संरक्षित 50 स्मारक ‘लापता’

बीते महीने संसद में पेश एक रिपोर्ट में संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि देश में कुल 3,693 केंद्रीय संरक्षित स्मारक हैं, जिनमें से पचास ‘खो चुके’ हैं. इन ‘लापता’ स्मारकों में 11 स्मारक उत्तर प्रदेश के हैं और दो-दो दिल्ली और हरियाणा के. सूची में असम, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड के स्मारक भी शामिल हैं.

केंद्र और न्यायपालिका के बीच कोई तनाव नहीं: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

हाल ही में ख़त्म हुए संसद सत्र में कई बार उच्च न्यायपालिका पर निशाना साधने के बाद केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू ने एक कार्यक्रम में कहा कि मोदी सरकार कभी भी अपनी सीमा पार नहीं करेगी और न्यायपालिका के क्षेत्र में दख़ल नहीं देगी.

सीआईसी के पास 22,238 शिकायतें और दूसरी अपील लंबित: सरकार

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बीते दिनों राज्यसभा में कहा था कि 2022-23 के दौरान 15 दिसंबर तक सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दायर 20,756 शिकायतों और दूसरी अपीलों का निपटारा किया गया. 

कॉलेजियम प्रणाली में पारदर्शिता के अभाव के संबंध में कई अभ्यावेदन मिले: रिजिजू

विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में सुधार के साथ ही उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम व्यवस्था में पारदर्शिता, वस्तुनिष्ठता और सामाजिक विविधता की कमी को लेकर सरकार को कई मेमो मिले हैं.

मोदी सरकार सुनियोजित ढंग से न्यायपालिका को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही है: सोनिया गांधी

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने पार्टी के संसदीय दल की बैठक में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्रियों और ऊंचे संवैधानिक पद पर बैठे लोगों की न्यायपालिका पर टिप्पणियां सुधार का उचित सुझाव देने का प्रयास नहीं, बल्कि जनता की नज़र में न्यायपालिका की प्रतिष्ठा कम करने की कोशिश हैं.

सरकार द्वारा जजों की नियुक्तियों से कॉलेजियम प्रणाली बेहतर है: कपिल सिब्बल

कॉलेजियम को लेकर क़ानून मंत्री की टिप्पणियों के बीच एक चैनल से बातचीत में वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय क़ानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि सारे सार्वजनिक संस्थानों पर मौजूदा सरकार का नियंत्रण है और यदि वह ‘अपने जज’ नियुक्त कर न्यायपालिका भी कब्ज़ा लेती है, तो यह लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक होगा.

सुप्रीम कोर्ट की शिकायत पर जस्टिस ताहिलरमानी के ख़िलाफ़ हुई जांच में कुछ नहीं मिला: केंद्र

2019 में मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी का तबादला मेघालय हाईकोर्ट में किया था, जिस बारे में पुनर्विचार से कॉलेजियम के इनकार के बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई ने उनके ख़िलाफ़ सीबीआई कार्रवाई की अनुमति दी थी.

रिजिजू के बयान पर कांग्रेस सांसद ने पूछा- क्या सरकार न्यायपालिका से टकराने का प्रयास कर रही है

बीते हफ्तेभर में केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रिजिजू संसद में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत अर्ज़ियां और ‘दुर्भावनापूर्ण’ जनहित याचिकाएं न सुनने को कह चुके हैं, इसके बाद उन्होंने अदालत की छुट्टियों पर टिप्पणी की और कोर्ट में लंबित मामलों को जजों की नियुक्ति से जोड़ते हुए कॉलेजियम के स्थान पर नई प्रणाली लाने की बात दोहराई.