Political Funding by Corporates

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

2019-20 में भाजपा को कांग्रेस से पांच गुना अधिक व्यक्तिगत और कॉरपोरेट चंदा मिला: रिपोर्ट

चुनाव आयोग को सौंपी गई योगदान रिपोर्ट के अनुसार, 2019-20 में भाजपा को कंपनियों और व्यक्तियों से लगभग 750 करोड़ रुपये का चंदा मिला. यह कांग्रेस पार्टी को मिले 139 करोड़ रुपये से कम से कम पांच गुना अधिक है.

फोटो: पीटीआई

दो सालों में राजनीतिक दलों को मिला 985 करोड़ रुपये चंदा, 915 करोड़ अकेले भाजपा को: रिपोर्ट

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बीते दो वित्त वर्षों में राजनीतिक दलों को कॉरपोरेट से मिलने वाले चंदे में 160 फीसदी का वृद्धि हुई है. साथ ही चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों द्वारा दानकर्ताओं के पैन कार्ड समेत कई अनिवार्य जानकारियां नहीं दी गईं.

पूर्व चुनाव आयुक्त ​टीएस कृष्णमूर्ति. (फोटो: पीटीआई)

सरकारी ख़र्चे से कराए जाएं चुनाव, कॉरपोरेट चंदे पर लगे पाबंदी: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में 2004 में आम चुनाव कराने वाले टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा कि कॉरपोरेट चंदे के माध्यम से धन जुटाने का अपारदर्शी तरीका चिंता पैदा करने वाला है.

BJP Office Delhi PTI2_18_2018_000163B

सात राष्ट्रीय दलों को मिला 589 करोड़ का चंदा, भाजपा को अकेले मिले 532 करोड़ रुपये

भाजपा को अन्य दलों से नौ गुना ज़्यादा चंदा मिला. सभी दलों को 2016-17 में ‘अज्ञात स्रोतों’ से 711 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जिसमें भाजपा की अज्ञात स्रोतों से आय 464.94 करोड़ रुपये रही.

(फोटो: पीटीआई)

दलों को मिलने वाले चंदे संबंधी कानून पर केंद्र और निर्वाचन आयोग से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

इस साल मार्च में लोकसभा ने दलों को कॉर्पोरेट घरानों से मिलने वाले चंदे में ढील देने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी थी.