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Mumbai: A security personnel stands guard during the RBI's bi-monthly policy review, in Mumbai, Thursday, June 6, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI6_6_2019_000048B)

आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दर को पूर्ववत रखा, वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 9.5 प्रतिशत किया

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि प्रमुख ब्याज दरों- रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा गया है और आर्थिक वृद्धि को मज़बूत बनाने में मदद के लिए मौद्रिक नीति में नरम रुख़ जारी रहेगा.

आरबीआई ने नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा, वित्त वर्ष 2021-22 में 10.5% वृद्धि का अनुमान

कोविड-19 संक्रमण के ताज़ा मामलों और मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच आरबीआई ने रेपो रेट को अपरिवर्तित रखते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए ज़रूरत पड़ने पर आगे कटौती की जा सकती है. आरबीआई ने यह भी कहा है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत पर रहेगी.

चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में आएगी 10.5 प्रतिशत की गिरावट: फिच रेटिंग्स

फिच के अलावा इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 11.8 प्रतिशत की गिरावट आएगी. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई है. यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिरावट के सबसे ऊंचे आंकड़ों में से एक है.

गर्त में जीडीपी: मोदी के ‘सब चंगा सी’ रवैये से इस संकट का हल नहीं निकलेगा

मुख्य आर्थिक सलाहकार आश्वस्त कर रहे हैं कि सरकार के पास भविष्य में सही समय पर जारी करने के लिए काफी संसाधन हैं. लेकिन सौ सालों में एक बार आने वाले आर्थिक संकट का सामना कर रही अर्थव्यवस्था के पास बस एक ही चीज़ की किल्लत होती है और वह है समय.

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी में रिकॉर्ड 23.9 फीसदी की गिरावट

राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही में ​सिर्फ़ कृषि, वानिकी और मत्स्य उद्योग में विकास दर्ज की गई है. तीनों क्षेत्रों में विकास दर ​3.4 प्रतिशत रही. साल 1996 में जीडीपी वृद्धि के तिमाही आंकड़े देने की शुरुआत किए जाने के बाद से यह सबसे ज़्यादा गिरावट है.

Mumbai: A security personnel stands guard during the RBI's bi-monthly policy review, in Mumbai, Thursday, June 6, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI6_6_2019_000048B)

कोरोना महामारी से ग़रीब सबसे ज़्यादा प्रभावित, मांग को पटरी पर आने में लंबा समय लगेगा: आरबीआई

आरबीआई ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि भारत को सतत वृद्धि की राह पर लौटने के लिए तेज़ी से और व्यापक सुधारों की ज़रूरत है. रिपोर्ट में कहा गया है अब तक सकल मांग के आकलन से पता चलता है कि खपत पर असर काफ़ी गंभीर है. केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इस महामारी ने एक नई असमानता को उजागर किया है.

आरबीआई की नीतिगत ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं, जीडीपी वृद्धि नकारात्मक रहने का अनुमान

रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद कहा कि प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए जब तक जरूरत है तब तक मौद्रिक नीति का स्थायी रुख बना रहेगा.

दो दशक से अधिक समय में मूडीज ने पहली बार घटाई भारत की रेटिंग

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने इससे पहले 1998 में भारत की रेटिंग को कम किया था. मूडीज ने कहा कि सुधारों की धीमी गति और नीतियों की प्रभावशीलता में रुकावट ने भारत की धीमी वृद्धि में योगदान किया. यह स्थिति कोविड-19 के आने से पहले ही शुरू हो चुकी थी.

New Delhi: Reserve Bank of India Governor Shaktikanta Das interacts with the media at the RBI office, in New Delhi, Monday, Jan. 7, 2019.(PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI1_7_2019_000090B)

रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती, जीडीपी वृद्धि नकारात्मक श्रेणी में रहने की उम्मीद: आरबीआई गवर्नर

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि लोन की किस्त भरने में तीन और महीने की मोहलत दी गई है.

भारत को महत्वाकांक्षी रणनीतिक, वित्तीय सुधारों की तत्काल जरूरत: आईएमएफ

आईएमएफ के प्रवक्ता गैरी राइस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस महीने पेश किए गए बजट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत की आर्थिक परिस्थितियां आईएमएफ के पहले के पूर्वानुमानों की तुलना में कमजोर हैं.

वैश्विक वृद्धि के अनुमान में गिरावट के लिए 80 फीसदी भारत जिम्मेदार: आईएमएफ प्रमुख गीता गोपीनाथ

आईएमएफ के ताजा अनुमान के अनुसार 2019-20 में वैश्विक वृद्धि दर 2.9 प्रतिशत रहेगी. जबकि 2020 में इसमें थोड़ा सुधार आयेगा और यह 3.3 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी. उसके बाद 2021 में 3.4 प्रतिशत रहेगी.

आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि अनुमान घटाया, भारत की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने कहा कि आर्थिक वृद्धि के अनुमान में जो कमी की गई है, वह कुछ उभरते बाजारों में खासकर भारत में आर्थिक गतिविधियों को लेकर अचंभित करने वाली नकारात्मक बातें हैं. कुछ मामलों में यह आकलन सामाजिक असंतोष के प्रभाव को भी दिखाता करता है.

अब संयुक्त राष्ट्र ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 5.7 फीसदी किया

साल 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने ये अनुमान जताया था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.9 फीसदी रह सकती है.

भारत की अर्थव्यवस्था गंभीर सुस्ती के दौर में, तत्काल नीतिगत कदमों की जरूरत: आईएमएफ

आईएमएफ एशिया और प्रशांत विभाग में भारत के लिए मिशन प्रमुख रानिल सलगादो ने कहा कि भारत के साथ मुख्य मुद्दा अर्थव्यवस्था में सुस्ती का है. इसकी वजह वित्तीय क्षेत्र का संकट है. इसमें सुधार उतना तेज नहीं होगा जितना हमने पहले सोचा था.