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यूपी: ग़ुलामी, उत्पीड़न, बेदख़ली से लड़ते हुए वनटांगियों का संघर्ष आज भी जारी है

गोरखपुर और महराजगंज के जंगल में स्थित 23 वन ग्रामों के वनटांगियों को वन अधिकार क़ानून लागू होने के डेढ़ दशक और कड़े संघर्ष के बाद ज़मीन पर अधिकार मिला. लेकिन आज भी यहां विकास की रफ़्तार धीमी ही है.

यूपी चुनाव: ‘हमारा विकास नहीं हुआ तो हमारा साथ भी भूल जाए भाजपा’

वीडियो: विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा क्षेत्र में आने वाले गढ़ी चौखंडी गांव के रहवासियों ने खुली नालियों, कच्ची सड़क, पानी और सीवेज संबंधी समस्याएं उठाई हैं.

नोएडा प्राधिकरण के ख़िलाफ़ किसानों का प्रदर्शन 28 दिनों से जारी, हज़ार से अधिक लोगों पर केस दर्ज

ज़मीनों का बढ़ी हुई दर से मुआवज़ा देने, आबादी की समस्याओं का निस्तारण संबंधी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नोएडा के 81 गांवों के किसान प्राधिकरण के ख़िलाफ़ पिछले 28 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को प्रदर्शन के बाद 1,000 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है. किसानों का कहना है कि इस सुनियोजित शहर (नोएडा) के विकास के लिए अपनी ज़मीन देने वाले किसानों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

असमः 70 सालों से बुनियादी सुविधाओं से महरूम ज़िंदगी जीने को मजबूर है बेघर मिसिंग समुदाय

असम के डिब्रू-सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान के अंदर दो गांवों में बसे राज्य के दूसरे सबसे बड़े जातीय समुदाय मिसिंग के क़रीब बारह हज़ार लोग लगभग सत्तर बरसों से बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पुनर्वास की उम्मीद लिए जी रहे हैं. राज्य में सरकारें बदलती रहीं, लेकिन इस समुदाय की दशा अब भी वैसी ही है.