Rohingya muslim Massacre

आईसीजे ने म्यांमार के दावों को किया ख़ारिज, रोहिंग्या नरसंहार मामले की सुनवाई होगी

आईसीजे ने म्यांमार के इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस आईसीजे के इस निर्णय के साथ ही पश्चिम अफ्रीका के मुस्लिम बहुल देश गाम्बिया की ओर से म्यांमार के शासकों के ख़िलाफ़ रोहिंग्या समुदाय के लोगों के नरसंहार के आरोपों की सुनवाई आगे जारी रहेगी. साल 2019 में गाम्बिया ने विश्व अदालत में मामला दायर कर आरोप लगाया था कि म्यांमार नरसंहार संधि का उल्लंघन कर रहा है.

म्यांमार में मुस्लिम रोहिंग्या का दमन ‘नरसंहार’ है: अमेरिका

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सोमवार को ‘यूएस होलोकॉस्ट मेमोरियल म्यूजियम’ में अपने संबोधन में कहा कि अधिकारियों ने म्यांमार की सेना द्वारा जातीय अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ व्यापक और चरणबद्ध अभियान के तहत आम नागरिकों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार के पुष्ट आंकड़ों के आधार पर इसे ‘नरसंहार’ बताया है.

पहली बार म्यांमार के सैनिकों ने रोहिंग्या नरसंहार की बात स्वीकार की: रिपोर्ट

एक मानवाधिकार समूह ने कहा है कि म्यांमार की सेना छोड़कर भागने वाले दो सैनिकों ने वीडियो पर गवाही दी है कि उन्हें अधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया था, ‘जहां रोहिंग्या मुसलमान रहते हैं वहां जिन्हें भी देखो और सुनो गोली मार दो.’

अंतरराष्ट्रीय अदालत ने म्यांमार को रोहिंग्या का जनसंहार रोकने का आदेश दिया

अदालत ने कहा कि उनका ये आदेश म्यांमार पर बाध्यकारी है और वे चार महीने में आईसीजे को रिपोर्ट देकर बताएं कि उन्होंने आदेश के अनुपालन के लिए क्या किया.

म्यांमार: सरकार के पैनल ने रोहिंग्या जनसंहार से किया इनकार, मानवाधिकार समूहों ने की निंदा

अगस्त 2017 से शुरू हुए सैन्य अभियानों के चलते करीब 7,40,000 रोहिंग्या लोगों को सीमापार बांग्लादेश भागना पड़ा था. पिछले साल सितंबर महीने में संयुक्त राष्ट्र की एक टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि म्यांमार में करीब छह लाख रोहिंग्या मुसलमान नरसंहार के गंभीर ख़तरे का सामना कर रहे हैं.

Ahmed, a Rohingya refugee man cries as he holds his 40-day-old son, who died as a boat capsized in the shore of Shah Porir Dwip while crossing Bangladesh-Myanmar border, in Teknaf, Bangladesh. Reuters

म्यांमार में छह लाख रोहिंग्या ‘नरसंहार के गंभीर खतरे’ का सामना कर रहे हैं: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की फैक्ट फाइंडिंग मिशन ने एक रिपोर्ट में कहा कि म्यांमार लगातार नरसंहार की सोच को पनाह दे रहा है.