रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत का कहना है कि राष्ट्रवाद युद्ध की ओर ले जाता है. हमें कश्मीरी नागरिकों से बात करनी चाहिए क्योंकि आगे बढ़ने का यही एक रास्ता है.
चुनाव आयोग को पारदर्शिता के हक़ में कदम में उठाते हुए मौजूदा व्यवस्था की तुलना में बूथों के ज्यादा बड़े सैंपल के वीवीपैट सत्यापन की मांग को स्वीकारना चाहिए.
बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर शहर में सेवा संकल्प एवं विकास समिति नाम के एनजीओ द्वारा संचालित बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों के साथ पिछले साल यौन शोषण का मामला सामने आया था. एनजीओ का संचालक ब्रजेश ठाकुर मुख्य आरोपी है.
पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी ने कहा है कि शिकायतकर्ता परिवार ने उसे मारा. मेडिकल जांच में उसे चोट लगे होने की पुष्टि होने पर मुस्लिम परिवार के दो सदस्यों पर मामला दर्ज किया गया है.
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का मामला. पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट की जांच की जाएगी कि क्या असल में इसे मृतक किसान ने ही लिखा था. हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से इसकी जांच कराई जाएगी.
समझौता एक्सप्रेस मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि अभियोजन कई गवाहों से पूछताछ और उपयुक्त सबूत पेश करने में नाकाम रहा इसलिए मजबूरन आरोपियों को बरी करना पड़ा. जब एनआईए जैसी शीर्ष जांच एजेंसी एक भयानक आतंकी हमले के हाई-प्रोफाइल मामले में इस तरह बर्ताव करती है, तो देश की जांच और अभियोजन व्यवस्था की क्या साख रह जाती है?
ऑक्सफैम इंडिया के हालिया सर्वे के मुताबिक देश में पुरुषों की तुलना में महिला कामगारों की भागीदारी और भी कम हो रही है. जी20 देशों में भारत सिर्फ सऊदी अरब से बेहतर स्थिति में है.
सूत्रों का कहना है कि नीरव मोदी मामले पर प्रधानमंत्री कार्यालय विशेष नज़र बनाए हुए है और ईडी के संयुक्त निदेशक सत्यव्रत कुमार इस मामले में गंभीर राजनीतिक प्रयासों को रोकने की कोशिश कर रहे थे.
35 सालों से न जीती गई भोपाल सीट पर दिग्विजय सिंह को उतारने के पीछे केंद्रीय नेतृत्व से अधिक मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा बताई जा रही है. विश्लेषक मानते हैं कि दिग्विजय की हार या जीत से फायदा कमलनाथ का ही है. जीत दिग्विजय को दिल्ली पहुंचाएगी, जिससे राज्य की राजनीति में उनका हस्तक्षेप कम होगा और हार ज़ाहिर तौर पर उनका क़द कम कर देगी.
यूरोपीय संसद के सदस्यों ने पैलेट फायरिंग की सभी घटनाओं में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है. सदस्यों ने शोपियां ज़िले में पैलेट गन की पीड़ित 19 माह की हिबा निसार का उल्लेख किया जो पिछले साल नवंबर में घायल हो गई थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लिए कुल 2267.62 करोड़ रूपये की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं मंजूरी की गई थीं लेकिन पिछले चार वर्षों में मात्र 8.63 प्रतिशत यानि 196 करोड़ रूपये की धनराशि ही जारी हो पाई.
27 मार्च को प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन के बारे में राजनीतिक दलों की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने बताया कि इस बारे में न तो प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आयोग को सूचित किया गया था और न ही अनुमति मांगी गई थी.
भारत सरकार यूं तो कहती है कि आतंकवादी कहीं छिपा हो वह उसे निकाल लाएगी, लेकिन इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री का कहना था कि क्यों सरकार आगे की अदालत में इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील करे? जिसे करना हो करे, सरकार क्यों करे? इससे क्या फायदा होगा?
एनआईए अदालत के जज जगदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, 'मुझे गहरे दर्द और पीड़ा के साथ फैसले का समापन करना पड़ रहा है क्योंकि विश्वसनीय और स्वीकार्य साक्ष्यों के अभाव की वजह से इस जघन्य अपराध में किसी को गुनहगार नहीं ठहराया जा सका.'
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘जिन 521 मौजूदा सांसदों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया, उनमें 430 (83 प्रतिशत) करोड़पति हैं. उनमें भाजपा से 227, कांग्रेस से 37 और अन्नाद्रमुक से 29 सांसद हैं.'