Vaccine

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे. (फोटो: फेसबुक)

महाराष्ट्र: टीके की कमी के बीच स्वास्थ्य मंत्री के गृह ज़िले को मिली अतिरिक्त खुराक

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते 31 मार्च को जब केंद्र से महाराष्ट्र को मिली 26.77 लाख वैक्सीन की खुराक को सभी ज़िलों में बांटा गया था, तब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के गृह ज़िले जालना को उसके लिए आवंटित सत्रह हज़ार खुराक के साथ 60 हज़ार अतिरिक्त खुराक मिली थी.

कर्नाटक के चामराजनगर जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 24 मरीजों की मौत के बाद अस्पताल के बाहर उनके परिजन. (फोटो: एएनआई)

कर्नाटक: चामराजनगर ज़िला अस्पताल में ऑक्सीजन की कथित कमी से 24 मरीज़ों की मौत

कर्नाटक के चामराजनगर में ज़िला अस्पताल में ये मौतें पिछले 24 घंटे के दौरान हुई हैं. मृतकों में कोविड-19 के 23 मरीज भी हैं. मृतकों के परिवारों ने आरोप लगाया कि यहां ऑक्सीजन की कमी थी. हालांकि चामराजनगर ज़िला प्रभारी मंत्री ने कहा कि ज़रूरी नहीं कि सभी की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई हो.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविशील्ड और कोवैक्सिन की पहली खुराक लेने के बाद 21 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए: सरकार

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद महानिदेशक बलराम भार्गव ने बताया कि 1,737,178 व्यक्तियों ने कोवैक्सिन की दूसरी खुराक ली थी, उनमें से केवल 695 लोग संक्रमित हुए हैं. इसी तरह 15,732,754 व्यक्तियों ने कोविशील्ड टीके की दूसरी खुराक ली थी, उनमें से 5,014 संक्रमित पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह छोटी संख्या है और चिंताजनक नहीं है.

New Delhi: Swaraj India President Yogendra Yadav addresses a press conference regarding Delhi's Lok Sabha elections, in New Delhi, Saturday, April 20, 2019.(PTI Photo/Kamal Singh) (PTI4_20_2019_000103B)

आंदोलन को कुचलने के लिए कोविड का इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही सरकार: किसान नेता

किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि कोरोना वायरस पर सरकार का पाखंड उजागर हो गया है. मंत्री और नेता चुनावी रैलियां कर रहे हैं. उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी किसान विरोध स्थलों पर टीकाकरण शिविर लगाए जा रहे हैं. ऑक्सीमीटर और एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है.

(फोटोः पीटीआई)

सरकार को कोरोना वायरस से लड़ना चाहिए, मेहनती किसानों और मज़दूरों से नहीं: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा है कि ऐसे समय में जब महामारी एक बार फ़िर पैर पसार चुकी है, तब केंद्र सरकार को उन किसानों और मज़दूरों की फ़िक्र करते हुए तत्काल प्रभाव से इस स्थिति से निपटना चाहिए, जिन्हें उसने पिछले साल लॉकडाउन लगाते हुए नज़रअंदाज़ कर दिया था.

बीते साल नवंबर माह से किसान दिल्ली की ​तीन सीमाओं- सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो: रॉयटर्स)

किसान प्रदर्शन स्थलों पर सरकार को टीकाकरण शुरू करना चाहिए: संयुक्त किसान मोर्चा

केंद्र के तीन विवादित कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारी किसानों किसानों से कहा है कि वे मास्क पहनें और कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन करें. मोर्चा ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि चुनावी रैलियों में वह कोरोना वायरस को नज़रअंदाज़ कर रही है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा. (फोटो: पीटीआई)

कर्नाटक: मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा आठ माह में दूसरी बार कोरोना वायरस से संक्रमित हुए

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इससे पहले पिछले साल अगस्त माह में भी वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे. उन्होंने 12 मार्च को कोविड-19 टीके की पहली खुराक ली थी.

(फोटो: पीटीआई)

पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें, प्राथमिकता के आधार पर हो टीकाकरण: एडिटर्स गिल्ड

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा है कि समाचार संगठन लगातार महामारी, चुनाव आदि मामलों को कवर कर रहे हैं जिससे पाठकों तक ख़बरों व सूचनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो. समाचार मीडिया आवश्यक सेवाओं में शामिल है, इसलिए यह उचित होगा कि पत्रकारों को संरक्षण के दायरे में लाया जाए.

महात्मा गांधी के साथ महादेवभाई देसाई. (फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स)

महादेव देसाई की डायरी के ज़रिये साबरमती आश्रम में टीकाकरण पर हुई चर्चा का पुनर्पाठ

गांधी कहते थे कि वे किसी को चेचक का टीका लेने से नहीं रोकेंगे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि वे अपनी मान्यता नहीं बदल सकते और टीकाकरण को बढ़ावा नहीं दे सकते हैं.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 टीकों की कमी के चलते ‘टीका उत्सव’ मनाने में सक्षम नहीं: ओडिशा

ओडिशा सरकार ने केंद्र से अपील की है कि तत्काल राज्य को कम से कम 25 लाख कोविड-19 रोधी टीके की खुराकों की आपूर्ति की जाए. ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, तीन अप्रैल तक राज्य में 1,476 टीकाकरण केंद्र संचालित किए जा रहे थे लेकिन टीकों की कमी के कारण लगभग 700 केंद्रों को बंद करना पड़ा है.

अशोक गहलोत. (फोटो साभार: फेसबुक/@AshokGehlot.Rajasthan)

प्रधानमंत्री ने ‘टीका उत्सव’ का आह्वान किया है पर राज्यों में टीका ही उपलब्ध नहीं है: अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना टीकाकरण में कोई राजनीति नहीं है, पर तथ्यों से स्पष्ट कि अनेक राज्यों में टीके की कमी है. गहलोत ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में टीके की और 30 लाख खुराक उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में टीके का मौजूदा भंडार अगले दो दिन में ख़त्म हो जाएगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र समेत छह राज्यों ने की वैक्सीन की कमी की शिकायत, केंद्र ने कहा- कहीं कोई कमी नहीं

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना ने राज्य में वैक्सीन की कमी की शिकायत की है. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि टीकों की कमी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. केंद्र किसी भी राज्य को वैक्सीन की कमी का सामना नहीं करने देगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

दक्षिण अफ्रीका ने सीरम इंस्टिट्यूट से 10 लाख कोविड वैक्सीन वापस लेने को कहा: रिपोर्ट

दक्षिण अफ्रीका ने एक छोटे क्लीनिकल ट्रायल के बाद अपना टीकाकरण अभियान रोक दिया, जिसमें पता चला कि यह देश में फैले नए कोरोना वायरस वैरिएंट के ख़िलाफ़ न्यूनतम सुरक्षा प्रदान करता है.

FILE PHOTO: South African President Cyril Ramaphosa visits the coronavirus disease (COVID-19) treatment facilities at the NASREC Expo Centre in Johannesburg, South Africa April 24, 2020. Jerome Delay/Pool via REUTERS

अमीर देश कोविड-19 टीके की जमाखोरी कर रहे हैं: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने विश्व आर्थिक मंच दावोस वार्ता में कहा कि दुनिया के अमीर देशों ने उत्पादकों से बड़ी मात्रा में टीके की खु़राक ले ली हैं और कुछ देशों ने तो अपनी जनसंख्या की ज़रूरत से चार गुना ज़्यादा मात्रा में टीके लिए हैं.

(फोटोः पीटीआई)

कोविशील्ड में शामिल किसी भी सामग्री से एलर्जी है तो टीका न लगवाएंः सीरम इंस्टिट्यूट

कोरोना वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ की निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ने टीका लेने वालों को वैक्सीन के जोखिम और फायदों से अवगत कराने के लिए एक फैक्टशीट जारी की है. इससे पहले कोवैक्सीन की निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने भी इसी तरह की फैक्टशीट जारी की थी.