ज्ञानवापी मामला: हिंदू पक्ष की ‘शिवलिंग’ की कार्बन डेटिंग करवाने से जुड़ी याचिका ख़ारिज

पांच हिंदू पक्षकारों में से चार ने ज्ञानवापी मस्जिद से वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान मिले कथित 'शिवलिंग' की कार्बन डेटिंग कराए जाने की मांग की थी. सरकारी वकील ने बताया कि वाराणसी की ज़िला अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए यह अर्ज़ी ख़रिज कर दी है.

अब और आंदोलन नहीं, हर मस्जिद में शिवलिंग तलाशने की ज़रूरत नहीं: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि रोज़ाना एक नया मुद्दा नहीं उठाना चाहिए. हमको झगड़ा क्यों बढ़ाना? ज्ञानवापी के बारे में हमारी श्रद्धा परंपरा से चलती आई है, पर हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना? वो भी एक पूजा है. ठीक है बाहर से आई है, लेकिन जिन्होंने अपनाया है वो मुसलमान बाहर से संबंध नहीं रखते. यद्यपि पूजा उनकी उधर की है, उसमें वो रहना चाहते हैं तो अच्छी बात है. हमारे यहां किसी पूजा का

ज्ञानवापी मामला: कोर्ट का आदेश, उसकी अनुमति के बिना सर्वे के फोटो-वीडियो सार्वजनिक न हों

वाराणसी कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की प्रतियां पक्षकारों को उपलब्ध कराए जाने की अनुमति देते हुए उनसे शपथ-पत्र लिया था कि वे उन्हें सार्वजनिक नहीं करेंगे या अदालत की अनुमति के बिना अनाधिकृत इस्तेमाल नहीं करेंगे. हालांकि कुछ ही देर बाद वीडियो और फोटो वायरल हो गए.

ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण: किस मामले पर पहले हो सुनवाई, वाराणसी कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली संस्था अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद कमेटी द्वारा अपने वकील के माध्यम से एक आवेदन दायर किया गया था, जिसमें आगे बढ़ने से पहले अदालत में लंबित मुक़दमों की स्थिरता (मुक़दमा चलाने लायक है या नहीं) पर निर्णय लेने की मांग की गई थी. अदालत ने मंगलवार तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रखा है.

शिवलिंग पर टिप्पणी मामले में गिरफ़्तार दिल्ली विश्वविद्यालय प्रोफेसर रतन लाल को ज़मानत

दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल ने वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में कथित रूप से खोजे गए ‘शिवलिंग’ की एक तस्वीर पोस्ट की थी और खोज की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए व्यंग्य किया था. वहीं, ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर की गई टिप्पणी पर लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत चंदन के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर ख़ारिज करने की मांग इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अस्‍वीकार कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद दिवानी वाद वाराणसी ज़िला अदालत को ट्रांसफर किया

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद वाराणसी के सिविल जज रवि कुमार दिवाकर के समक्ष दायर दीवानी वाद अब वाराणसी जिला न्यायाधीश वाराणसी को ट्रांसफर किया जाएगा. पांच हिंदू महिलाओं ने वाराणसी की एक निचली अदालत याचिका दायर कर आरोप लगाया गया था कि काशी विश्व​नाथ मंदिर के पास स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में हिंदू देवी-देवता हैं और हिंदुओं को इस जगह पर प्रार्थना करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

मुसलमानों की इबादतगाहों को निशाना बनाए जाने पर रुख़ स्पष्ट करे सरकार: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

मुसलमानों के प्रमुख संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि इबादतगाहों को लेकर निचली अदालतें जिस तरह से फैसले ले रही हैं, वह अफ़सोस की बात है. बोर्ड ने ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली अंजुमन इंतज़ामिया मस्जिद कमेटी को विधिक सहायता मुहैया कराने का फैसला किया है. इस बीच हिंदू पक्ष ने कहा है कि शिवलिंग फव्वारा है तो चला कर दिखाएं. इस पर मुस्लिम पक्ष ने कहा कि वह इसके लिए तैयार है.

शिवलिंग पर टिप्पणी: एआईएमआईएम नेता समेत दो गिरफ़्तार; एक प्रोफेसर पर हमला, दूसरे पर एफ़आईआर

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में कथित तौर पर शिवलिंग मिलने के संबंध में टिप्पणी करने के आरोप में गुजरात में एआईएमआईएम के नेता दानिश क़ुरैशी और नागपुर में एक ​व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है. लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रविकांत चंदन पर इस बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद एक छात्र द्वारा हमला करने के मामला सामने आया है. वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

मस्जिदों से निकलते ‘भगवान’ अथवा क़ब्ज़े का ‘धार्मिक’ तरीका?

ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग के प्रकट हो जाने से जो चमत्कृत हैं, वे जानते हैं कि यह झूठ है. 'बाबा प्रकट हुए मस्जिद में', ऐसा कहने वाले धार्मिक हो या न हों, अतिक्रमणकारी अवश्य हैं.

ज्ञानवापी मस्जिद: सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की अदालत से 20 मई तक कार्यवाही आगे न बढ़ाने को कहा

शीर्ष अदालत ने बीते 17 मई को वाराणसी के ज़िला मजिस्ट्रेट को ज्ञानवापी मस्जिद में शृंगार गौरी परिसर के भीतर उस इलाके को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था, जहां एक सर्वेक्षण के दौरान एक ‘शिवलिंग’ मिलने का दावा किया गया है. साथ ही मुसलमानों को ‘नमाज़’ पढ़ने की अनुमति देने का भी निर्देश दिया था. इधर, ज्ञानवापी मस्जिद की सर्वेक्षण रिपोर्ट वाराणसी की अदालत को सौंप दी गई है.

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग की सुरक्षा का सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद का कामकाज देखने वाली अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि मुस्लिम बग़ैर किसी बाधा के नमाज़ अदा करना जारी रख सकते हैं. इधर, वाराणसी की अदालत ने मस्जिद का वीडियो सर्वेक्षण करने के लिए नियुक्त किए गए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा को हटा दिया है और सर्वे रिपोर्ट जमा करने की अवधि दो दिन बढ़ा दी है.

अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद के उस हिस्से को सील करने का निर्देश दिया, जहां शिवलिंग मिलने का दावा

उत्तर प्रदेश के वाराणसी ज़िले की एक अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद के सील किए गए स्थान पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया है. अदालत ने ज़िलाधिकारी को निर्देशित किया है कि मस्जिद में केवल 20 लोगों को नमाज़ अदा करने की अनुमति दें. ​अदालत के आदेश पर बीते 16 मई को तीसरे दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य संपन्न हुआ.

ज्ञानवापी मस्जिद: कड़ी सुरक्षा के बीच पहले दिन का सर्वे संपन्न, रविवार को भी जारी रहेगा

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्व​नाथ मंदिर के पास स्थित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बार फिर शुरू हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, मस्जिद परिसर के 500 मीटर के दायरे में लोगों की आवाजाही रोक दी गई है. अदालत ने संपूर्ण परिसर की वीडियोग्राफी कर 17 मई तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद: अदालत ने कहा, सर्वे जारी रहेगा, 17 मई तक रिपोर्ट जमा करें

उत्तर प्रदेश में वाराणसी की एक अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में शृंगार गौरी परिसर का वीडियोग्राफी-सर्वेक्षण करने के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर को बदलने की मांग भी ख़ारिज कर दी. अदालत ने कहा है कि ज़िला प्रशासन को सर्वे में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करनी चाहिए.

काशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे शुरू, मुस्लिम पक्ष के वकील ने उठाए सवाल

वैदिक सनातन संघ के पदाधिकारी जितेंद्र सिंह विसेन के नेतृत्व में राखी सिंह तथा अन्य ने अगस्त 2021 में अदालत में एक वाद दायर कर काशी विश्वनाथ मंदिर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और अन्य देवी-देवताओं के विग्रहों की सुरक्षा की मांग की थी. साथ ही परिसर स्थित सभी मंदिरों और देवी-देवताओं के विग्रहों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सर्वे कराने का अनुरोध किया था.