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मुक्त कृषि बाज़ार की बातों के बावजूद मोदी सरकार की निर्यात नीतियां कामचलाऊ और मनमानी हैं

मोदी सरकार सोचती है कि यह कृषि उत्पादों के वैश्विक व्यापार को मनमर्ज़ी ढंग से नियंत्रित कर सकती है और किसानों और व्यापारियों को नुकसान पहुंचाए बगैर अपने फ़ैसलों को रातोंरात बदल सकती है.

यूपी: बदायूं एसएसपी ऑफिस के सामने ख़ुद को आग लगाने वाले किसान की मौत, पांच पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश में बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का मामला. आरोप है कि बीते 23 अप्रैल को कुछ लोगों द्वारा गेहूं की फसल को आग लगाने के बाद पुलिस द्वारा उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई न किए जाने से परेशान होकर 52 वर्षीय किसान ने एएसपी कार्यालय के गेट के पास बीते बुधवार को ख़ुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी. बरेली में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

क्या भारत में पेट्रोल-डीज़ल की तरह अब रोटी खाना भी महंगा होने जा रहा है?

वीडियो: भारत द्वारा कीमतों को नियंत्रण में रखने के प्रयास में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद वैश्विक स्तर पर गेहूं की कीमतें 14 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गईं. सरकार ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण गेहूं की वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के मद्देनज़र निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है.

घरेलू स्तर पर बढ़ते दाम को नियंत्रित करने के लिए गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक

सरकार ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण गेहूं की वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के मद्देनज़र निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है. दोनों देश गेहूं के प्रमुख निर्यातक रहे हैं. कांग्रेस ने इस क़दम को ‘किसान विरोधी’ क़रार देते हुए कहा कि सरकार ने गेहूं की पर्याप्त खरीद नहीं की जिसके कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई.

सरकार ने फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन का अनुमान घटाकर 10.5 करोड़ टन किया

केंद्र सरकार ने जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2021-22 के लिए गेहूं उत्पादन के अनुमान को 5.7 प्रतिशत घटाकर 10.5 करोड़ टन कर दिया है. पहले गेहूं उत्पादन 11 करोड़ 13.2 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया था. अनुमान में गिरावट का कारण गर्मी की जल्द शुरुआत होने की वजह से फसल उत्पादकता प्रभावित होना है.