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भारत के अधिकतर नोबेल पुरस्कार विजेता ब्राह्मण हैंः गुजरात विधानसभा स्पीकर

गुजरात विधानसभा के स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि भारत के संविधान का मसौदा बनाने वाले और उसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को सौंपने वाले बीएन राउ भी ब्राह्मण थे. इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल भी मौजूद थे.

गुजरात विधानसभा स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी. (फोटो: ट्विटर/@trajendrabjp)

गुजरात विधानसभा स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी. (फोटो: ट्विटर/@trajendrabjp)

अहमदाबादः गुजरात विधानसभा के स्पीकर राजेंद्र त्रिवेदी का कहना है कि अभिजीत बनर्जी सहित भारत में अधिकतर नोबेल पुरस्कार विजेता ब्राह्मण हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, त्रिवेदी ने कहा कि भारत के संविधान का मसौदा बनाने वाले और उसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को सौंपने वाले बीएन राउ भी ब्राह्मण थे.

उन्होंने शुक्रवार को अहमदाबाद में ब्राह्मण बिजनेस समिट में यह बात कही. इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल भी मौजूद थे.

इससे पहले साल 2018 में इसी कार्यक्रम के पहले संस्करण में त्रिवेदी ने आम्बेडकर को ब्राह्मण कहा था.

उन्होंने कहा, ’60 देशों के संविधान का विस्तार में अध्ययन करने के बाद क्या आपको पता है कि संविधान का मसौदा किसने तैयार किया और इसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को किसने सौंपा? वह बीएन राउ थे. बंगाली नर्सिंग राव यानी ब्राह्मण. ऐतिहासिक रूप से ब्राह्मण हमेशा पीछे रहे और उन्होंने औरों को हमेशा आगे रखा.’

त्रिवेदी कहा कि आंबेडकर ने संविधान का मसौदा तैयार करने में राउ के योगदान के लिए सार्वजनिक तौर पर उनकी सराहना की थी.

उन्होंने कहा, ‘भारत में आठ नोबेल पुरस्कार विजेताओं में से सात ब्राह्मण हैं. क्या किसी को नौंवे नोबेल पुरस्कार विजेता का नाम याद है? अभिजीत बनर्जी को मिला था. अभिजीत बनर्जी मतलब एक ब्राह्मण.’

मालूम हो कि भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी को अपनी पार्टनर एस्थर डुफ्लो के साथ 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला था.

इस दौरान रूपाणी ने कहा कि गुजरात में भाजपा की नींव तीन ब्राह्मणों चिमनभाई शुक्ला, सूर्याकांत आचार्य और अशोक भट्ट ने की थी.

रूपाणी ने कहा, ‘उन्होंने गुजरात में जन संघ का आधार बनाया. इस मंच पर मौजूद अधिकतर लोग भाजपा से हैं. ब्राह्मण समुदाय ने हमेशा राष्ट्रीय हित में बात की है और इसकी वजह से यह समुदाय भाजपा और आरएसएस से जुड़ा है.’