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कोरोना वायरस: ट्रेनों में नहीं मिलेंगे कंबल, पर्दे भी हटाए जाएंगे

कोरोना वायरस से बचाव के मद्देनज़र दक्षिण रेलवे ने एसी डिब्बों से कंबल हटवाए. भारत-बांग्लादेश यात्री रेल सेवा स्थगित. मुंबई पुलिस ने समूह यात्रा पर रोक लगाने के लिए धारा 144 लागू की.

Jammu: Workers swab Jammu–Delhi Rajdhani Express train in the wake of coronavirus pandemic at Jammu Railway station, Monday, March 16, 2020. (PTI Photo)(PTI16-03-2020_000019B)

कोरोना वायरस के मद्देनजर सोमवार को जम्मू रेलवे स्टेशन पर खड़ी जम्मू-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की सफाई करते कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/मुंबई/चेन्नई/कोलकाता: कोरोना वायरस फैलने के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने अपने सभी क्षेत्रीय संभागों को ट्रेनों के एसी डिब्बों से कंबल और पर्दे हटाने का आदेश दिया है क्योंकि उनकी रोज धुलाई नहीं होती है.

रेलवे ने कहा कि चादर, तौलिये और तकिए के खोल जैसी अन्य चीजें रोज धोई जाती हैं. रेलवे बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया है कि इन डिब्बों में न्यूतनम तापमान 24-25 डिग्री निर्धारित किया जाए.

बोर्ड ने कहा, ‘इस एहतियाती कदम का पर्याप्त प्रचार किया जाए ताकि यात्री तैयार रहें.’ रेलवे ने यात्रियों से अपना कंबल साथ लेकर यात्रा करने की सलाह भी दी है.

बोर्ड ने कहा कि सभी पर्दों और कंबलों को धोकर, सुखाकर स्वच्छ एवं शुष्क भंडार सुविधा गृह में रख दिया जाए तथा ताजा शत प्रतिशत धुला लीनेन सीलबंद पैकेट में दिए जाएं.

रेलवे एसएमएस और आईवीआर (इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स) के माध्यम से यात्रियों से अपना कंबल लेकर आने को कहेगा.

उसने अपने कर्मचारियों को हैंडल, विंडो ग्रिल, बोतल क्लिप, चार्ज पॉइंट जैसी जगहों की अच्छी तरह साफ-सफाई करने के भी निर्देश दिए हैं, क्योंकि रोज हजारों लोग उसे स्पर्श करते हैं.

अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को यात्रा के दौरान रखरखाव कर्मी तरल साबुन, नैपकिन रॉल और कीटाणुनाशक रसायन उपलब्ध कराएंगे.

एसी डिब्बों में सहायकों को इस्तेमाल में आ चुके लिनेन दोबारा नहीं देने को कहा गया है. उन्हें उन यात्रियों पर भी नजर रखने की सलाह दी गयी है जिन्हें सर्दी-खांसी है और उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए लिनेन को अलग से रखने को कहा गया है.

एसी डिब्बों के कंबलों की महीने में दो बार और पर्दों की 15 दिनों पर धुलाई की जाती है.

मालूम हो कि भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले सौ से ज्यादा हो चुके हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, उत्तराखंड में कोरोना वायरस का पहला मामला दर्ज किए जाने और महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश में एक-एक मामले की पुष्टि होने के साथ भारत में इस विषाणु से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर रविवार तक 110 हो गई है.

दिल्ली में कोरोना वायरस के अब तक सात मामले सामने आ चुके हैं. वहीं उत्तर प्रदेश में 12, कर्नाटक में छह, महाराष्ट्र में 33, लद्दाख में तीन और जम्मू कश्मीर में दो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. इसके अलावा तेलंगाना में तीन और राजस्थान में दो मामले सामने आए हैं. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पंजाब में कोरोना वायरस से संक्रमण के एक-एक मामले दर्ज किए गए हैं.

देश में कोरोना वायरस से संक्रमित अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं पूरे विश्व में तकरीबन छह हजार लोगों की इस वायरस की वजह से मौत हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को महामारी घोषित कर दिया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि 93 संक्रमित लोगों के संपर्क में आए 4,000 से अधिक लोगों की पहचान की गई है और उनका पता लगाया जा रहा है, जबकि देश भर में 42,000 लोगों को सामुदायिक निगरानी में रखा गया है. मंत्रालय के अनुसार, अब तक 30 हवाई अड्डों पर 12,76,046 यात्रियों की जांच की जा चुकी है.

रेलवे ने मुंबई की ट्रेनों को संक्रमण मुक्त करना शुरू किया

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई तेज करते हुए मुंबई में रेलवे प्रशासन ने लोकल ट्रेनों के साथ-साथ लंबी दूरी की ट्रेनों को भी संक्रमण मुक्त करना शुरू कर दिया है. लोकल ट्रेनों में हर दिन करीब 80 लाख यात्री सफर करते हैं.

मध्य रेलवे के अनुसार, सभी डिब्बों में पकड़ने के हैंडल, दरवाजों के हैंडल, दरवाजों की कुंडी, प्रवेश द्वार, खिड़कियों, बिजली के स्विच और लोकल ट्रेनों के अंदर तथा ट्रेनों के बाहर अन्य हिस्सों को कीटाणुनाशकों के इस्तेमाल से साफ किया जा रहा है.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘सफाई और स्वच्छता के लिए खासतौर से कोविड-19 परामर्श को ध्यान में रखते हुए मध्य रेलवे के डिपो पर डिब्बों के रखरखाव के दौरान विशेष प्रयास किए जा रहे हैं.’

उन्होंने बताया कि शौचालयों की अच्छे तरीके से सफाई और उन्हें संक्रमण मुक्त किया जा रहा है.

मध्य रेलवे ने बताया कि धोबी घाट पर चादरों की सफाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है और कोच सहायक से यात्रियों को नई चादरें उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है.

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एसी डिब्बों में सभी पर्दों को अगले चार-पांच दिनों में हटाया जाएगा.

एक अधिकारी ने कहा, ‘यात्रियों को अपनी चादरें लाने की सलाह दी गई है.’

दक्षिण रेलवे ने एसी डिब्बों से कंबल हटवाए

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए दक्षिण रेलवे ने रविवार को वातानुकूलित डिब्बों से कंबल हटवाने और डिब्बों को कीटाणुरहित करने के आदेश जारी किए.

हालांकि मांगने पर यात्रियों को कंबल दिए जाएंगे. रेलवे ने कहा कि डिब्बों में तकिए और तकिए के गिलाफ मिलना जारी रहेगा.

रेलवे ने कहा कि कंबल हटाने का यह आदेश एक महीने या अगले आदेश तक लागू होगा. रेलवे बोर्ड की सलाह पर यह कदम उठाया गया.

एक विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न उपायों के तहत डिब्बों के बाहरी और अंदरूनी हिस्सों पर कीटाणुनाशक का छिड़काव किया गया.

दक्षिण रेलवे ने यात्रियों से एहतियाती कदमों में सहयोग करने और अपना कंबल लाने का आग्रह किया. साथ ही यह भी कहा गया कि यात्रा के दौरान आवश्यकतानुसार कोच परिचारकों से कंबल मांगा भी जा सकता है.

भारत-बांग्लादेश यात्री रेल सेवा स्थगित

कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर कोलकाता और बांग्लादेश के शहरों के बीच भारत-बांग्लादेश यात्री रेल सेवा को रविवार को स्थगित कर दिया गया. पूर्व रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है.

उन्होंने बताया कि मैत्री और बंधन एक्सप्रेस 15 मार्च से 15 अप्रैल या अगले आदेश तक स्थगित रहेंगे. अधिकारियों ने बताया कि मैत्री एक्सप्रेस का परिचालन कोलकाता से बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बीच होता है जबकि बंधन एक्सप्रेस कोलकाता को बांग्लादेश के खुलना शहर से जोड़ती है.

मंडल रेलवे के मुख्यालय कोलकाता ने भी सियालदह, हावड़ा और आसनसोल सहित विभिन्न डिविजनों में लोगों और रेलवे कर्मियों के बीच साफ-सफाई, बुखार, खांसी जुकाम होने पर पृथक रहने आदि की जागरूकता फैलाने का अभियान शुरू किया है.

अधिकारी ने बताया कि सियालदह स्थित मुख्यालय अस्पताल और हावड़ा, आसनसोल, मालदा डिविजन अस्पतालों, लिलुआ स्थित रेलवे कार्यशाला अस्पताल, कंचनपाड़ा और अंडाल स्थित उप संभागीय अस्पताल में पृथक वार्ड स्थापित किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि लोगों के संपर्क में सबसे अधिक आने वाले स्थानों जैसे रेल डिब्बों के प्रवेशद्वार पर लगे हैंड, शौचालयों के दरवाजों को स्वच्छ बनाने का काम आसनसोल डिविजन में किया जा रहा है.

मुंबई पुलिस ने समूह यात्रा पर रोक लगाने के लिए धारा 144 लागू की

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने विदेशी या घरेलू पर्यटन स्थलों पर समूह यात्रा कराने से टूर ऑपरेटरों को रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है.

एक अधिकारी ने बताया कि अगर कोई टूर ऑपरेटर आदेश की अवहेलना करते हुए पाया गया तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (आदेश की अवहेलना करना) के तहत कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने आदेश में कहा कि लोगों की जिंदगी, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरे में डालने से रोकने के लिए, पुलिस आयुक्त के तहत आने वाले इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत हम आदेश जारी करते हैं कि निजी टूर ऑपरेटरों द्वारा घरेलू या विदेश के लिए लोगों की समूह यात्रा आदि पर रोक होगी.

पुलिस उपायुक्त प्रणय अशोक ने कहा, ‘हमने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए यह आदेश जारी किया है. यह टूर ऑपरेटरों को लोगों के समूह को किसी भी यात्रा पर ले जाने से रोकेगा.’

उन्होंने कहा, ‘यह मानव जीवन और सुरक्षा को खतरे में डालने से रोकने के उद्देश्य से एक बहुत ही विशिष्ट आदेश है. यह 31 मार्च तक लागू रहेगा. इससे सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी होने वाले नियमित आदेश को लेकर भ्रमित नहीं होना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘अगर कोई ऑपरेटर लोगों को यात्रा पर ले जाना चाहता है तो उसके लिए उसे पुलिस आयुक्त के कार्यालय से इजाजत लेनी होगी. अगर कोई आदेश की अवहेलना करता हुआ पाया जाता है तो उसे सीआरपीसी की धारा 188 के तहत दंडित किया जाएगा.’

पुलिस की तरफ से कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछे जाने पर अशोक ने बताया, ‘हम पहले ही अपने कार्यालयों से कह चुके हैं कि लोगों से हाथ मिलाने से बचें और नमस्ते करें.’

उन्होंने कहा, ‘हमने मास्क बांटें हैं और अपने थानों को सेनेटाइज़ (साफ) किया है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)