दुनिया

कोरोना वायरस: भारत में 2649 लोगों की मौत, विश्व में तीन लाख से अधिक लोगों की जान गई

कोरोना वायरस संक्रमण के विश्व में कुल मामले 44 लाख से अधिक हो चुके हैं. भारत में यह आंकड़ा 82 हज़ार के क़रीब पहुंच चुका है. बांग्लादेश के रोहिंग्या शिविर में का पहला मामला सामने आया. न्यूयॉर्क शहर के बच्चों में वायरस से संबंधित सूजन की दुर्लभ बीमारी से तीन की मौत.

(फोटो: रॉयटर्स)

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नई दिल्ली/वॉशिंगटन/ढाका: देश में कोरोना वायरस संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 100 लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 2,649 तक पहुंच गई है. वहीं बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से संक्रमण के 3,967 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद शुक्रवार को कुल संक्रमितों की संख्या 81,970 हो गई.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में 51,401 लोगों का इलाज चल रहा है जबकि अब तक 27,919 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और एक मरीज देश से बाहर जा चुका है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘अब तक 34.06 फीसदी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.’

संक्रमित लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से 100 लोगों की मौत हुई. इनमें से सबसे ज्यादा 44 लोगों की मौत महाराष्ट्र में दर्ज हुई है. गुजरात में 20, दिल्ली में नौ, पश्चिम बंगाल में आठ, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पांच-पांच, राजस्थान में चार, तमिलनाडु और कर्नाटक में दो-दो तथा आंध्र प्रदेश में एक व्यक्ति की मौत हुई.

देश में अब तक इस वायरस की वजह से 2,649 लोगों की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र में अब तक 1,019, गुजरात में 586, मध्य प्रदेश में 237, पश्चिम बंगाल में 215, राजस्थान में 125, दिल्ली में 115, उत्तर प्रदेश में 88, तमिलनाडु में 66 और आंध्र प्रदेश में 48 लोगों की मौत हुई.

कर्नाटक में 35 लोगों की मौत हो गई. वहीं तेलंगाना में 34 और पंजाब में 32 लोगों की मौत हुई है. हरियाणा और जम्मू कश्मीर में 11-11 तथा बिहार में सात और केरल में चार लोगों की मौत हुई.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार झारखंड, चंडीगढ़ और ओडिशा में कोविड-19 से तीन-तीन लोगों की मौत हुई. वहीं हिमाचल प्रदेश और असम में दो-दो लोगों की मौत हुई. मेघालय, उत्तराखंड और पुदुचेरी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई.

मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार मृतकों में से 70 फीसदी पहले से ही अन्य बीमारियों से ग्रस्त थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुबह में नए आंकड़े जारी किए हैं. कोरोना वायरस से देश भर में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 27,524 लोग संक्रमित हैं. इसके बाद तमिलनाडु में 9,674, गुजरात में 9,591, दिल्ली में 8,470, राजस्थान में 4, 534, मध्य प्रदेश में 4,426 और उत्तर प्रदेश में 3,902 लोग संक्रमित हैं.

पश्चिम बंगाल में 2,377, आंध्र प्रदेश में 2,205, पंजाब में 1,935, तेलंगाना में 1,414, बिहार में 994, कर्नाटक में 987, जम्मूकश्मीर में 983 और हरियाणा में 818 मामले सामने आए हैं. ओडिशा में 611 और केरल में 560 मामले सामने आए हैं. झारखंड में 197 और चंडीगढ़ में 191 मामले हैं.

त्रिपुरा में संक्रमण के 156 मामले, असम में 87, उत्तराखंड में 78, हिमाचल प्रदेश में 74, छत्तीसगढ़ में 60, लद्दाख में 43 मामले हैं. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में संक्रमण के 33 मामले हैं. वहीं गोवा में 14, मेघालय और पुदुचेरी में 13-13 मामले हैं.

मणिपुर में संक्रमण के तीन मामले हैं. वहीं मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादर-नगर हवेली में संक्रमण के एक-एक मामले हैं.

मंत्रालय ने कहा कि आंकड़ों का मिलान आईसीएमआर से किया जा रहा है और राज्यवार आंकड़े पुष्टि और मिलान का विषय हैं.

बांग्लादेश के रोहिंग्या शिविर में कोविड-19 का पहला मामला

दक्षिणी बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए बने भीड़भाड़ वाले शिविरों में कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला सामने आया है. इन शिविरों में 10 लाख से अधिक शरणार्थी रहते हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

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देश के शरणार्थी मामलों के आयुक्त महबूब आलम तालुकदार ने बृहस्पतिवार को कहा कि रोहिंग्या समुदाय का एक व्यक्ति और कॉक्स बाजार जिले में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद उन्हें पृथकवास में भेज दिया गया है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता लुईस डोनोवन ने समाचार एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उनके संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पृथक करने का प्रयास जारी है.

सहायता कार्यकर्ता शिविरों में संक्रमण फैलने की आशंकाओं के बारे में संभावित चेतावनी दे रहे थे.

इन शिविरों में प्लास्टिक शीट वाले तंबुओं में लगभग 40,000 लोग प्रति वर्ग किलोमीटर (103,600 प्रति वर्ग मील) के जनसंख्या घनत्व के साथ रहते हैं. यह बांग्लादेश के औसत घनत्व से 40 गुना अधिक है जिससे शरणार्थियों में संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

प्रत्येक झोपड़ी बमुश्किल 10 वर्ग मीटर (107 वर्ग फुट) की है और कई में 12-12 लोग एक साथ रहते हैं.

दुनिया भर में तीन लाख से अधिक लोगों की मौत

दुनियाभर में कोरोना वायरस की चपेट में आकर अब तक 302,493 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और संक्रमण के मामले 4,444,670 हो गए हैं.

इस महामारी से सबसे प्रभावित देश अमेरिका में शुक्रवार तक 85,906 लोगों की मौत हो चुकी थी और संक्रमण के मामले 1,417,889 हो चुके हैं.

अमेरिका के जॉन्स हॉप्किन्स विश्वविद्यालय के अनुसार, अमेरिका के बाद दूसरे सर्वाधिक प्रभावित देश ब्रिटेन में मौत का आंकड़ा 33,693 हो गया है, जबकि संक्रमण के कुल मामले 234,441 पहुंच चुके हैं.

रूस में संक्रमण के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है. ब्रिटेन को पछाड़ते हुए यहां संक्रमण के मामले 252,245 हो चुके हैं और अब तक 2,305 लोगों की मौत हो चुकी है.

इटली में अब तक 31,368 लोग इस महामारी से दम तोड़ चुके हैं और संक्रमण के मामले बढ़कर 223,096 हो गए हैं.

इसी तरह स्पेन में संक्रमण का आंकड़ा 229,540 पहुंच गया है और इस देश में अब तक 27,321 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. वहीं, फ्रांस में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 27,428 हो गई है, जबकि यहां संक्रमण के मामले 178,994 तक पहुंच चुके हैं.

न्यूयॉर्क: बच्चों में कोविड संबंधित सूजन की दुर्लभ बीमारी के मामलों की जांच

न्यूयॉर्क: अमेरिका में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के केंद्र रहे न्यूयॉर्क सिटी के अधिकारी बच्चों में कोविड-19 से संबंधित सूजन की दुर्लभ बीमारी के 110 मामलों की जांच कर रहे हैं. शहर के गवर्नर ने स्थिति को गंभीर बताया और कहा कि इससे तीन बच्चों की जान चली गई है.

FILE PHOTO: A mannequin displays disposable face masks at a safety equipment store in the Brooklyn borough of New York City, U.S., March 26, 2020. REUTERS/Stephen Yang/File Photo

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बच्चों में गंभीर बीमारी और बच्चों की मौत, सूजन की गंभीर बीमारी से संबंधित है जिसे कोविड-19 से जुड़ा ‘पीडियाट्रिक मल्टी-सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम’ कहा जाता है.

अब तक पांच और सात साल के दो लड़कों और 18 साल की किशोरी की इस बीमारी के चलते मौत हो चुकी है.

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्योमो ने बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस पर नियमित प्रेस वार्ता में कहा कि न्यूयॉर्क स्वास्थ्य विभाग अब बच्चों में कोविड-19 संबंधी बीमारी के 110 मामलों को देख रहा है जो कवासाकी बीमारी या टॉक्सिक शॉक लाइक सिंड्रोम जैसा है और उन्होंने स्थिति को गंभीर एवं चिंताजनक बताया है.

उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क राज्य एवं स्वास्थ्य विभाग इस दुर्लभ बीमारी की जांच करने में अमेरिका में सबसे आगे है. न्यूयॉर्क के अलावा 16 अन्य राज्य भी इसी तरह के मामलों को देख रहे हैं.

क्यूमो ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों-हफ्तों में मामले बढ़ सकते हैं और कहा है कि परिजनों को सतर्क रहना चाहिए तथा बच्चे को पांच दिन से ज्यादा बुखार रहने, शिशुओं को स्तनपान या कोई भी पेय पीने में दिक्कत होने, पेट में बहुत दर्द होने, दस्त या उलटी, त्वचा के रंग में बदलाव, सांस लेने में तकलीफ, आलसपन, चिड़चिड़ापन या भ्रम होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सीय मदद लेनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘यह बीमारी उन बच्चों में हो रही है जो कोरोना वायरस के संपर्क में आए हैं और अब उनके शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी (प्रतिरक्षी) हैं या वे अब भी वायरस से संक्रमित हैं.’

यह बीमारी एक साल से कम के शिशु से लेकर 21 साल तक के किशोरों को प्रभावित कर रही है.

क्यूमो ने कहा, ‘जब आपको 100 से अधिक मामले देखने को मिलते हैं, जो कि इसका प्रसार बताते हैं, तो यह निश्चित तौर पर डराने वाली बात है.’

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर बिल डे ब्लासियो ‍ने कहा कि कोविड-19 से जुड़ी दुर्लभ बीमारी का बच्चों में पाया जाना बेहद चिंतित करने वाला है क्योंकि अब तक कोरोना वायरस से बच्चे बहुत कम प्रभावित हो रहे थे.

प्रभावित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है और भले ही यह अब भी दुर्लभ स्थिति है लेकिन शहर के अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं और बेहद सतर्क हो गए हैं.

उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क सिटी में 100 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 55 में या तो कोविड-19 की पुष्टि हुई है या वे एंटीबॉडीज की जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं.

अधिकारियों ने कहा है कि बाल रोग चिकित्सकों द्वारा जल्द इस बीमारी का पता लगाना और बच्चों को विशेषज्ञों के पास भेजना आवश्यक है.

न्यूयॉर्क में पांच साल के बच्चे की कोविड-19 संबंधी दिक्कतों के कारण मौत हो गई जबकि न्यूयॉर्क में सात साल के एक बच्चे ने मारिया फरेरी बाल अस्पताल में दम तोड़ दिया.

इस सिंड्रोम ने हाल के हफ्तों में सबका ध्यान खींचा है क्योंकि कोरोना वायरस के कारण बुरी तरह प्रभावित यूरोपीय देशों में ऐसे मामले सामने आने शुरू हो गए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वैज्ञानिक डॉ. मारिया वान केरखोवे ने कहा, ‘कुछ यूरोपीय देशों में हाल में बच्चों में इस दुर्लभ बीमारी के वाकये सामने आए हैं जो कवासाकी सिंड्रोम से मिलती-जुलती है लेकिन यह बहुत दुर्लभ प्रतीत हो रहे हैं.’

चीन में वायरस के 15 नए मामले सामने आए

बीजिंग: चीन में कोविड-19 के 15 नए मामले सामने आए हैं जिनमें से 11 लोगों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं है. इन नए मामलों के साथ चीन में संक्रमितों की संख्या 82,933 हो गई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

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चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को जिलिन प्रांत से कोरोना वायरस के स्थानीय प्रसार के चार नए पुष्ट मामले सामने आए.

नए मामलों में 11 में संक्रमण के लक्षण नहीं हैं, जिसके साथ ही बिना लक्षण वाले मामलों की संख्या 619 हो गई है. इसमें वुहान के 492 मामले भी शामिल हैं. चीन का वुहान शहर दुनिया में कोरोना वायरस का पहला केंद्र है.

चीन ने पहले से ही वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जिलिन शहर में सख्त नियंत्रण उपाय किए हैं.

स्थानीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक, वुहान में कोई नया मामला सामने नहीं आया है. इस सप्ताह की शुरुआत में वुहान में छह नए पुष्ट मामले सामने आए थे, जिसके बाद सरकार ने 1.1 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाले इस शहर में बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू किया.

वुहान में महामारी की एक दूसरी लहर आने का खतरा है क्योंकि यहां बिना लक्षण वाले 492 मामले सामने आ चुके हैं.

एनएचसी ने कहा कि बिना लक्षण वाले 619 मरीजों में से 35 ऐसे है, जो विदेशों से आए है, जिनको चिकित्सा निगरानी में रखा गया है.

बिना लक्षण वाले मामलों में व्यक्ति में बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे कोई लक्षण नहीं होते हैं, लेकिन वे फिर भी वायरस से संक्रमित होते हैं. ऐसे मरीजों से बीमारी के दूसरों तक फैलने का खतरा रहता है.

कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट के बाद चीन ने देश को पूरी तरह से खोल दिया है. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के व्यवसाय और कारखाने पूरी तरह से खुल गए हैं और उनमें काम चालू हो गया है.

बहरहाल चीन में कोविड-19 से 4,633 लोगों की मौत हुई है और देश में अब तक संक्रमण के 82,933 मामले सामने आए हैं, जिनमें 91 मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)