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असम-बिहार में बाढ़ से 55 लाख से अधिक लोग प्रभावित, अब तक क़रीब डेढ़ सौ मौतें

असम में बाढ़ से 21 ज़िलों के 17 लाख लोग और 1,536 गांव प्रभावित हैं, साथ ही प्रदेश में 92 हज़ार हेक्टेयर से अधिक ज़मीन पर लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं. वहीं बिहार में 12 ज़िलों के क़रीब  40 लाख लोग बाढ़ का ख़तरा झेल रहे हैं. राज्य में बागमती, महानंदा व कोसी जैसी कई नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

बिहार के गोपालगंज में बाढ़ का नजारा (फोटो: पीटीआई)

बिहार के गोपालगंज में बाढ़ में डूबे घर. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: असम और बिहार में आई बाढ़ के कारण बुधवार को छह लोगों की मौत हो गई. बाढ़ के कारण 55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

इसके अलावा केरल के कुछ हिस्सों में लगातार तेज बारिश हुई जिससे निचले इलाकों में जल जमाव हो गया और इस वजह से रेल और सड़क यातायात सेवा आंशिक रूप से प्रभावित हुई.

असम में बुधवार को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य में बाढ़ के पानी में तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई जबकि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में सुधार के बावजूद प्रदेश के 21 जिलों के करीब 17 लाख लोग अब भी प्रभावित हैं. इसमें कहा गया है कि मंगलवार तक बाढ़ के कारण 21 जिलों के करीब 19.81 लाख लोग प्रभावित थे.

असम प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दैनिक बाढ़ रिपोर्ट में कहा है कि बारपेटा, कोकराझार और कामरूप में जिलों में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई है.

इसके साथ ही इस साल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन के कारण करने वालों की संख्या बढ़ कर 133 हो गयी है. इनमें से 107 की मौत बाढ़ संबंधी कारणों से जबकि 26 की मौत भूस्खलन के कारण हुई है.

प्राधिकरण ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 16.55 लाख से अधिक लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हुए हैं. बाढ़ के कारण सबसे अधिक प्रभावित जिला गोआलपाड़ा है जहां चार लाख 19 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा समय में 1,536 गांवों में बाढ़ की समस्या है और पूरे प्रदेश में 92 हजार 899 हेक्टेयर से अधिक जमीन में लगी फसल बर्बाद हो गई है.

बिहार में बाढ़ से 11 लोगों की मौत, 40 लाख से अधिक लोग प्रभावित

बिहार प्रदेश आपदा विभाग ने कहा है कि राज्य में बाढ़ के कारण तीन और लोगों की मौत के साथ इससे मरने वालों की संख्या बढ़ कर 11 हो गई है. बाढ़ के कारण करीब 40 लाख प्रभावित हुए हैं.

सभी तीन मौतें दरभंगा जिले में हुई हैं. विभाग ने कहा है कि भारी बारिश के कारण प्रदेश में आई बाढ़ के कारण प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या 38.47 लाख हो गई है. बिहार के 12 जिलों के एक हजार गांव इस आपदा से प्रभावित हुए हैं.

ऑउटलुक के मुताबिक, गंडक के साथ बागमती, महानंदा व कोसी नदियां भी उफान पर हैं. कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

मंगलवार को डूबकर दस तो वज्रपात से एक की मौत हो गई थी. इनमें पूर्वी चंपारण के छह, समस्तीपुर के दो, गोपालगंज और छपरा के एक-एक लोग शामिल हैं. बांका जिले के बौंसी में वज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई.

इस बीच दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाने में बाढ़ का पानी घुस गया है. पानी में सांप घूम रहे हैं और पुलिस के पास पैट्रोलिंग पर जाने के लिए नाव तक नहीं है.

उधर, गोपालगंज में नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर बाढ़ का पानी आने से गोरखपुर से आने वाले वाहनों का रूट बदलकर आगे भेजा जा रहा है.

बाढ़ से गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड की 22  पंचायतों में से 20 बाढ़ की चपेट में हैं.

पश्चिम चंपारण और मुजफ्फरपुर में दो तटबंध सहित सारण तटबंध कई जगह से टूट गए. पश्चिम चंपारण के मझौलिया में कोहड़ा नदी के दबाव से तटबंध टूट गया, जिससे तीन सौ घरों में पानी घुस गया है.

वहीं मुजफ्फरपुर में कदाने नदी का तटबंध फिर टूट गया. गोपालगंज में मांझा के पुरैना के बाद बैकुंठपुर के सोनवलिया, मड़वा तथा मूंजा में सारण तटबंध के जगह-जगह टूटने से गंडक नदी की विनाशकारी बाढ़ से चार प्रखंडों में स्थिति गंभीर बनी हुई है.

वहीं समस्तीपुर-दरभंगा और सुगौली-मझौलिया रेलखंड पर ट्रेन परिचालन ठप रहा. मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक ने बंदरा प्रखंड के बडगांव में रिंग बांध को तोड़ दिया. इससे हजारों की आबादी प्रभावित हो गई.

इस बीच मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि उत्तर बंगाल के सभी जिलों में भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)