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मलयाली लेखक को धमकी: 6 महीने में इस्लाम क़ुबूलो वरना सज़ा के लिए तैयार रहो

केरल साहित्य अकादमी अवार्ड से सम्मानित मलयाली लेखक केपी रमनउन्नी को मिली एक अनाम चिट्ठी में उनके लेखों से लोगों के आस्था के रास्ते से भटकने का आरोप लगाते हुए ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है.

KP Ramanunni

केपी रमनउन्नी को उनके पहले उपन्यास सूफी परांजा कथा के लिए केरल सहियता अकादमी सम्मन मिल चुका है. (फोटो साभार: केपी रमनउन्नी फेसबुक पेज)

मशहूर मलयाली लेखक केपी रमनउन्नी को बीते दिनों लिखे एक लेख के कारण धमकी मिली है. मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार उन्हें मिले एक गुमनाम ख़त में उनसे 6 महीने के अंदर इस्लाम क़ुबूल करने वरना इसका अंजाम भुगतने की बात कही गई है.

एनडीटीवी के मुताबिक इस चिट्ठी में चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि उनके हालिया लेखों के कारण लोग आस्था के रास्ते से भटक रहे हैं. वे अपनी हरकतों से बाज़ आएं और 6 महीने के अंदर इस्लाम अपना लें. ऐसा नहीं करने पर उन्हें वही सज़ा दी जाएगी जो इस्लाम में काफ़िरों को दी जाती है.

गौरतलब है कि चर्चित मलयाली उपन्यासकार और लघुकथा लेखक रमनउन्नी कोझीकोड में रहते हैं और कई प्रतिष्ठित सम्मान पा चुके हैं. उनके पहले ही उपन्यास सूफी परांजा कथा  के लिए उन्हें केरल साहित्य अकादमी अवार्ड मिला था, साथ ही इस उपन्यास पर फिल्म भी बनी थी. 2011 में उन्हें वायलार सम्मान भी मिला था.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर बात करते हुए मुस्लिम संस्था जमात-ए-इस्लामी द्वारा चलाए जा रहे एक अख़बार में कुछ लेख लिखे थे. रमनउन्नी के अनुसार बीते रमजान के दौरान ये लेख धार्मिक सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाने के उद्देश्य से लिखे गए थे और इन्हें काफी सराहा भी गया था.

रमनउन्नी ने यह भी कहा कि करीब 6 दिन पहले मिली इस चिट्ठी के मिलने पर पहले तो उन्होंने इसे नज़रअंदाज़ किया पर वरिष्ठ लेखकों की सलाह पर उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जिसमें शुरुआती स्तर पर ऐसा पाया गया है कि ख़त मलप्पुरम के मंजेरी से आया है.

इस चिट्ठी में रमनउन्नी को इसे लिखने वाले की बात न मानने पर अंजाम भुगतने की बात कही गई है. चिट्ठी में लिखा है कि रमनउन्नी को प्रोफेसर टीजे जोसफ जैसे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

ज्ञात हो कि 2010 में जोसफ पर कथित तौर पर मोहम्मद साहब का अपमान करने के आरोप के बाद उनका दाहिना हाथ काट दिया गया था.

वहीं मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का कहना है कि सरकार लेखकों और साहित्यिकारों को इस तरह मिलने वाली धमकियों को सहन नहीं करेगी. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि विभिन्न मुद्दों पर प्रगतिशील स्टैंड लेने वाले लोगों को धमकाने और बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी.