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असम पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपियों में से एक पूर्व डीआईजी पीके दत्ता गिरफ़्तार

असम पुलिस में उप-निरीक्षकों के 597 पदों की लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र 20 सितंबर को लीक हो गया था. इस मामले में अब तक एक पूर्व नेता दीबान डेका सहित 32 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. डेका को गिरफ़्तारी के बाद भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया था.

(फोटो साभार: फेसबुक)

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पुलिस ने बताया कि असम सीआईडी द्वारा जारी ‘लुकआउट सर्कुलर’ (एलओसी) के बाद सुरक्षा बलों ने दत्ता, उनके बेटे और उनके दामाद को हिरासत में लिया.

पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जीपी सिंह ने पीटीआई को बताया, ‘पीके दत्ता को भारत-नेपाल सीमा पर हिरासत में लेने के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया है और असम पुलिस की एक टीम उन्हें राज्य में वापस ला रही है.’

असम पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अभी तक 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

पीके दत्ता इस मामले में एक अन्य आरोपी, भाजपा के निष्कासित नेता दीबान डेका के साथ फरार हो गए थे. डेका को एक अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था.

असम पुलिस भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक भाजपा नेता दीबान डेका ने राज्य के बारपेटा जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था उसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

राज्य पुलिस ने डेका और दत्ता दोनों के खिलाफ ‘लुक आउट नोटिस’ जारी कर उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने के लिए एक-एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी.

बता दें कि असम पुलिस में उपनिरीक्षकों के 597 पदों की लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र 20 सितंबर को लीक हो गया था और परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट के अंदर ही इसे रद्द कर दिया गया था. राज्य भर में 154 केंद्रों पर करीब 66 हजार उम्मीदवार परीक्षा में बैठे थे.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया था कि पूर्व डीआईजी पीके दत्ता के बेहिसाब संपत्ति के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया जाएगा.

उन्होंने कहा था कि दत्ता के पास गुवाहाटी में चार लग्जरी होटल और कई आवासीय संपत्तियां, कछार जिले में 1600 बीघा जमीन, डिब्रूगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में अपार्टमेंट हैं.

गौरतलब है कि पेपर लीक होने के बाद इसकी ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए असम राज्य स्तर पुलिस भर्ती बोर्ड (एसएलपीआरबी) के अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने 27 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था.

उसके बाद मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने डीजीपी भास्कर ज्योति महंत को बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया और 20 नवंबर से पहले तक लिखित परीक्षा फिर से आयोजित करने का निर्देश दिया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)