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लीबिया में सात भारतीय नागरिकों का अपहरण, रिहाई के प्रयास में जुटा प्रशासनः विदेश मंत्रालय

लीबिया में पिछले महीने आतंकियों ने सात भारतीयों का अपहरण कर लिया गया. ये भारतीय वहां एक कंस्ट्रक्शन एंड ऑयल फील्ड सप्लाई कंपनी में काम करते थे. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार लीबियाई अधिकारियों के संपर्क में है और वे जल्द से जल्द उन्हें मुक्त कराने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.

(फोटोः रॉयटर्स)

(फोटोः रॉयटर्स)

नई दिल्लीः उत्तर अफ्रीकी देश लीबिया में पिछले महीने आतंकियों ने सात भारतीयों का अपहरण कर लिया. ये भारतीय आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश के हैं.

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि भारत सरकार इनकी रिहाई के लिए लीबियाई अधिकारियों के संपर्क में है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में बताया, ‘इन भारतीयों का अपहरण 14 सितंबर को लीबिया के अस्सहवेरिफ इलाके से उस समय कर लिया गया, जब वे भारत के लिए उड़ान पकड़ने के लिए त्रिपोली हवाईअड्डे जा रहे थे.’उन्होंने कहा, ‘सरकार इन लोगों के परिवार के सपंर्क में है और उन्हें आश्वासन देना चाहती है कि हम लीबियाई अधिकारियों और नियोक्ता के साथ बातचीत कर रहे हैं और उनसे समन्वय कर अगवा किए गए नागरिकों का पता लगाने के साथ-साथ जल्द से जल्द उन्हें मुक्त कराने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.’

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय नागरिक लीबिया में कंस्ट्रक्शन एंड ऑयल फील्ड सप्लाई कंपनी में काम करते थे.

उन्होंने कहा, ‘अपहरणकर्ताओं ने नियोक्ता से संपर्क कर उन्हें अगवा किए गए भारतीयों की तस्वीरें सबूत के तौर पर दिखाईं कि भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं.’

श्रीवास्तव ने कहा कि ट्यूनीशिया में भारतीय दूतावास ने लीबिया सरकार से और वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संपर्क कर भारतीय नागरिकों को मुक्त कराने के लिए मदद मांगी. ट्यूनीशिया में भारतीय वाणिज्यदूतावास लीबिया में भारतीय नागरिकों के कल्याण संबंधी मामलों का प्रबंधन करता है.

बता दें कि सितंबर 2015 में सरकार ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षा की दृष्टि से लीबिया की यात्रा करने से बचने की सलाह दी थी.

मई 2016 में सरकार ने लीबिया में लगातार बिगड़ रही सुरक्षा दृष्टि को ध्यान में रखते हुए लीबिया की यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था.

श्रीवास्तव ने कहा, यह यात्रा प्रतिबंध अब भी प्रभावी है. मालूम हो कि इससे पहले दो अक्टूबर को कुशीनगर में एक परिवार ने बताया था कि उनके परिजन को लीबिया में अगवा कर लिया गया है. अगवा किए गए भारतीय शख्स का नाम मुन्ना चौहान है.

उनके रिश्तेदार लल्लन प्रसाद ने बताया था कि अपहरणकर्ता उस कंपनी से 20,000 डॉलर की फिरौती मांग रहे हैं, जहां सातों भारतीय काम करते थे.

बता दें कि साल 2011 में तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के तख्तापलट के बाद से लीबिया में बड़े स्तर पर अशांति और हिंसा जारी है.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)