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महाराष्ट्र: 2018 के एक आत्महत्या मामले में अर्णब गोस्वामी गिरफ़्तार

पुलिस के अनुसार अलीबाग पुलिस की एक टीम ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में हुए एक इंटीरियर डिज़ाइनर की आत्महत्या से जुड़े मामले में बुधवार सुबह उनके घर से गिरफ़्तार किया है.

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: बुधवार सुबह रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को महाराष्ट्र पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अलीबाग पुलिस की एक टीम ने गोस्वामी को यहां उनके घर से गिरफ्तार किया.

यह गिरफ़्तारी 2018 में एक 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की मौत के मामले से जुड़ी है.

गोस्वामी पर उन्हें कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. 2018 में अलीबाग में अन्वय और कुमुद की मौत आत्महत्या से हुई थी, जिसके बाद मिले एक सुसाइड नोट में अन्वय ने कथित तौर पर अर्णब और दो अन्य लोगों पर उनके 5.40 करोड़ रुपये न देने का आरोप लगाया था, जिसके चलते वे गंभीर आर्थिक संकट में आ गए थे.

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, अलीबाग पुलिस ने उस समय यह मामला दर्ज किया था, लेकिन 2019 में रायगढ़ पुलिस ने इसे बंद कर दिया था.

इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिये जाने की घोषणा की थी.

देशमुख ने बताया था कि अदन्या ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान न करने के मामले में जांच नहीं की. उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी.

अदन्या और उनकी मां इस मामले में इंसाफ मांगते हुए सोशल मीडिया पर अभियान भी चला रही हैं.

इस दौरान गोस्वामी ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर पर उनके साथ बदसलूकी की. रिपब्लिक टीवी के अनुसार, हिरासत में लिए जाते समय अर्णब के साथ ‘मारपीट’ की गई है. हालांकि इस बारे में अब तक इस कथित मारपीट का कोई वीडियो फुटेज चैनल द्वारा शेयर नहीं किया गया है.

मिरर नाउ से बात करते हुए मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर मिलिंद भराम्बे ने बताया कि यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस द्वारा की गई है, मुंबई पुलिस सहयोग के लिए वहां है. गोस्वामी को रायगढ़ लेकर जाया जाएगा.

इस बीच भाजपा नेताओं और कई केंद्रीय मंत्रियों ने अर्णब गोस्वामी के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की निंदा की है और इसे प्रेस पर हमला बताया है.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अर्णब की गिरफ़्तारी की निंदा की है और इसे चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा, ‘वरिष्ठ पत्रकार अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी गंभीर रूप से निंदनीय, अनुचित और चिंताजनक है. हमने 1975 का विरोध करते हुए प्रेस की स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी.’

भाजपा नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने अर्णब को समर्थन देते हुए कहा कि महाराष्ट्र पुलिस अपनी ताकत का दुरूपयोग कर रही है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी इस घटना की निंदा की है. जावड़ेकर ने ट्विटर पर लिखा, ‘हम महाराष्ट्र में प्रेस की आजादी पर हुए हमले की निंदा करते हैं. प्रेस से इस तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता. यह समय हमें आपातकाल की याद दिलाता है जब प्रेस के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता था.’

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गोस्वामी की गिरफ़्तारी को लेकर मीडिया से सवाल किया है. उन्होंने लिखा, ‘फ्री प्रेस के जो लोग आज अर्णब के समर्थन में नहीं हैं, वे चालाकी से फासीवाद के साथ खड़े हैं. हो सकता है आप उन्हें पसंद नहीं करते हों, उनकी बातों से इत्तेफाक न रखें, उन्हें कुछ न समझें लेकिन अगर आप चुप रहते हैं तो आप दमन के समर्थक हैं. अगर अगले आप हुए तो आपके लिए कौन बोलेगा?’

गोस्वामी की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब टीआरपी से छेड़छाड़ के मामले में मुंबई पुलिस द्वारा रिपब्लिक टीवी की जांच की जा रही है.

अर्णब की गिरफ़्तारी को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर उठ रहे सवालों के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि राज्य में कानून का पालन हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र में कानून का पालन किया गया है. अगर पुलिस के पास किसी के बारे में कोई सबूत हैं तो वो कार्रवाई कर सकती है. ठाकरे सरकार के बनने के बाद से किसी के भी खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं की गई है.

इस बीच एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी अर्णब की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि गिल्ड ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात करके गोस्वामी के साथ निष्पक्ष रवैया सुनिश्चित करने और उनकी आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को लेकर सत्ता का दुरूपयोग न करने को को कहा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)