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किसानों के समर्थन में पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों ने सम्मान लौटाने को कहा

जिन खिलाड़ियों ने ये घोषणा की है, उनमें पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड विजेता पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा और अर्जुन अवॉर्ड से ही सम्मानित हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर शामिल हैं.

New Delhi: Farmers stage a protest at Singhu border during their Delhi Chalo march against the Centres new farm laws, in New Delhi, Tuesday, Dec. 1, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI01-12-2020 000073B)

दिल्ली चलो मार्च के तहत नई दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर मंगलवार को लगातार छठे दिनों किसानों का प्रदर्शन जारी रहा. (फोटो: पीटीआई)

चंडीगढ़: पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड सम्मानित सहित कई पूर्व खिलाड़ियों ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि दिल्ली कूच के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘बल’ प्रयोग के विरोध में वे अपना पुरस्कार लौटाएंगे.

इन खिलाड़ियों में पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड विजेता पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा और अर्जुन अवॉर्ड से ही सम्मानित हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर शामिल हैं.

इन खिलाड़ियों ने कहा कि पांच दिसंबर को वे दिल्ली जाएंगे और राष्ट्रपति भवन के बाहर अपने पुरस्कार रखेंगे.

उन्होंने दिल्ली कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले छोड़ने की निंदा की.

जालंधर प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए ओलंपिक हॉकी खिलाड़ी चीमा ने मंगलवार को कहा, ‘हम किसानों के बच्चे हैं और वे पिछले कई महीनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. हिंसा की एक भी घटना उस दौरान नहीं हुई.’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन जब वे दिल्ली जा रहे थे तो उनके खिलाफ आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल हुआ और पानी की बौछारें छोड़ी गईं. अगर हमारे बड़ों और भाइयों की पगड़ी उछाली गई तो हम अपने अवॉर्ड और सम्मान का क्या करेंगे? हम अपने किसानों का समर्थन करते हैं. हमें ऐसे अवॉर्ड नहीं चाहिए, इसलिए उन्हें लौटा रहे हैं.’

सिंह ने कहा कि कई पूर्व खिलाड़ी पांच दिसंबर को दिल्ली जाएंगे और अपने पुरस्कार लौटाएंगे.

पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए सिंह ने कहा, ‘अगर किसान ऐसे कानून नहीं चाहते हैं तो केंद्र सरकार उन पर यह क्यों लाद रही है.’

उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर को पूर्व खिलाड़ी दिल्ली की सीमा पर हो रहे किसानों के प्रदर्शन में भी शामिल होंगे.

चीमा ने कहा कि कौर और अर्जुन अवॉर्ड (शॉटफुट) विजेता बलविंदर सिंह सहित कई खिलाड़ी उनका समर्थन कर रहे हैं.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अर्जुन अवॉर्ड और ओलंपिक में स्वर्ण पदक से सम्मानित हॉकी खिलाड़ी गुलमेल सिंह और भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान राजबीर कौर, जिन्हें गोल्डन गर्ल भी कहा जाता है, भी चीमा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे.

इनका कहना है कि पंजाब के तकरीबन 150 खिलाड़ी अपने सभी पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड लौटाएंगे.

बता दें कि नए कृषि कानून के खिलाफ पिछले छह दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि वे निर्णायक लड़ाई के लिए दिल्ली आए हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. किसान सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं.

केंद्र सरकार की ओर से कृषि से संबंधित तीन विधेयक– किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020, किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 को बीते 27 सितंबर को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी थी, जिसके विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

किसानों को इस बात का भय है कि सरकार इन अध्यादेशों के जरिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिलाने की स्थापित व्यवस्था को खत्म कर रही है और यदि इसे लागू किया जाता है तो किसानों को व्यापारियों के रहम पर जीना पड़ेगा.

दूसरी ओर केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली मोदी सरकार ने बार-बार इससे इनकार किया है. सरकार इन अध्यादेशों को ‘ऐतिहासिक कृषि सुधार’ का नाम दे रही है. उसका कहना है कि वे कृषि उपजों की बिक्री के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था बना रहे हैं. 

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)