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पाकिस्तान: अमेरिका ने पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के दोषियों की रिहाई के आदेश पर चिंता जताई

पाकिस्तान के सिंध हाईकोर्ट ने बीते 24 दिसंबर को अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए ब्रिटिश मूल के अल-कायदा नेता अहमद उमर सईद शेख तथा उसके तीन सहयोगियों को रिहा करने का आदेश दिया था. पर्ल को 2002 में कराची से अगवा कर उनकी हत्या कर दी गई थी.

डेनियल पर्ल. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

डेनियल पर्ल. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

वाशिंगटन: अमेरिका ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए ब्रिटिश मूल के अल-कायदा नेता अहमद उमर सईद शेख तथा उसके तीन सहयोगियों को रिहा करने के एक पाकिस्तानी अदालत के फैसले पर शुक्रवार को ‘गहरी चिंता’ जताई है.

सिंध हाईकोर्ट की दो सदस्यीय एक पीठ ने आश्चर्यजनक कदम के तहत गुरुवार (24 दिसंबर) को सुरक्षा एजेंसियों को शेख और अन्य अभियुक्तों को रिहा करने का आदेश दिया था.

सिंध हाईकोर्ट के जस्टिस केके आगा की दो सदस्यीय पीठ ने सुरक्षा एजेंसियों को शेख और अन्य आरोपियों को किसी भी तरह हिरासत में नहीं रखने का निर्देश दिया और उनकी हिरासत से संबंधित सिंध सरकार की सभी अधिसूचना को अमान्य करार दिया था. अदालत ने उन सबकी हिरासत को ‘अवैध’ करार दे दिया था.

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक ट्वीट में कहा, ‘हम डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार कई आतंकवादियों को रिहा करने के सिंध हाईकोर्ट के 24 दिसंबर के आदेश की खबरों से चिंतित हैं.’

उसने कहा कि अमेरिका इस मामले में किसी भी घटनाक्रम की निगरानी करता रहेगा और ‘साहसी पत्रकार’ के रूप में पर्ल की विरासत का सम्मान करते हुए उनके परिवार को समर्थन जारी रखेगा.

अमेरिका पर्ल के लिए न्याय की मांग को लेकर पाकिस्तान पर दबाव देता रहा है.

इस बीच, पर्ल के अभिभावकों- रूथ और जूडी पर्ल- ने सिंध हाईकोर्ट के फैसले की निंदा की.

समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, उन्होंने भरोसा जताया कि पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय से उनके बेटे को न्याय मिलेगा तथा प्रेस की स्वतंत्रता की सर्वोच्चता बहाल होगी.

हालांकि, अभियुक्तों के वकील ने कहा कि शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण चारों को अब शनिवार तक रिहा किया जाएगा.

‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख पर्ल (38) को 2002 में कराची से अगवा कर उनका सिर कलम कर दिया गया था.

यह घटना उस वक्त हुई थी जब वह पाकिस्तान में खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन अलकायदा के बीच जुड़ाव पर खबरों के लिए काम कर रहे थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जस्टिस मुशीर आलम की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ सिंध सरकार और पर्ल के परिवार की शेख की रिहाई के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई कर रही है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान की एक अदालत ने 2002 में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या मामले के मुख्य दोषी एवं ब्रिटिश मूल के अल-कायदा नेता अहमद उमर सईद शेख की मौत की सजा इस साल अप्रैल में सात साल के कैद में बदल दी थी और साथ ही तीन अन्य को मामले में रिहा कर दिया था.

15 जुलाई, 2002 को हैदराबाद आतंकवाद निरोधक अदालत ने मुख्य आरोपी अहमद उमर शेख को पत्रकार का अपहरण करने और उसकी हत्या करने के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी. उसके तीन साथियों फहद नसीम, सैयद सलमान साकिब और शेख मुहम्मद आदिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

अहमद उमर सईद शेख पिछले 18 सालों से जेल में है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)