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बजट 2021: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2.24 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव

कोरोना महामारी के बीच सरकार ने 2021-22 के लिए स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र के लिए 2,23,846 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय का प्रस्ताव रखा. इसमें मौजूदा वित्त वर्ष के 94,452 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय की तुलना में 137 प्रतिशत का इज़ाफ़ा प्रस्तावित है.

बजट 2021-22 पेश करने जातीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

बजट 2021-22 पेश करने जातीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में 2021-22 का आम बजट पेश किया.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 2021-22 के बजट को मंजूरी दी गई. यह पहली बार है, जब 2021-22 का बजट छापा नहीं गया है. इसे इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जारी किया गया.

इस साल भी वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट भाषण को बहीखाते के रूप में ले जाने की अपनी परंपरा को जारी रखा. इसके लिए उन्होंने लाल रंग के पर्स नुमा बहीखाते का इस्तेमाल किया.

कोरोना महामारी के बीच सरकार ने 2021-22 के लिए स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र के लिए 2,23,846 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय का प्रस्ताव रखा. इसमें मौजूदा वित्त वर्ष के 94,452 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय की तुलना में 137 प्रतिशत का इजाफा प्रस्तावित है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में अगले वित्त वर्ष के लिए कोविड-19 के टीकों के लिहाज से 35,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव भी रखा तथा देशभर में न्यूमोकोकल टीकों को उपलब्ध कराये जाने की घोषणा भी की जिससे हर साल 50,000 से अधिक बच्चों की जान बचाई जा सकेगी.

वित्त मंत्री ने 2021-22 के लिए आम बजट प्रस्तुत करते हुए कहा, ‘मैंने 2021-22 के लिए कोविड-19 टीकों के वास्ते 35,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है. मैं जरूरत पड़ने पर और धन देने की प्रतिबद्धता जताती हूं.’

उन्होंने कहा कि भारत पहले ही कोविड-19 के दो टीकों के इस्तेमाल की मंजूरी दे चुका है और देश में जल्द ही दो और टीकों को टीकाकरण अभियान में शामिल किया जा सकता है.

न्यूमोकोकल टीका निमोनिया, सेप्टीसीमिया और मेनिन्जाइटिस जैसे घातक संक्रमणों के खिलाफ प्रभावी होता है.

वित्त मंत्री ने कहा, ‘भारत में निर्मित न्यूमोकोकल का टीका अभी केवल पांच राज्यों में ही सीमित है. इसे पूरे देश में उपलब्ध कराया जाएगा.’

सीतारमण ने कहा कि इससे देश में हर साल 50,000 से अधिक बच्चों की जान बचाई जा सकेगी.

सात बंदरगाह परियोजनाओं के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये की घोषणा की

वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने सोमवार को 2000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से सात बंदरगाह परियोजनाओं की घोषणा की. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि ये परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत कार्यान्वित की जाएंगी.

वित्त मंत्री सीतामरण ने लोकसभा में पहला कागजरहित आम बजट पेश करते हुए कहा कि उन्होंने पीपीपी मोड के जरिए 2000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से सात बंदरगाह परियोजनाओं का प्रस्ताव किया है.

भारत में अभी 12 प्रमुख बंदरगाह हैं जो केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं. इनमें दीनदयाल (पूर्ववर्ती कांडला), मुंबई, जेएनपीटी, न्यू मेंगलूर, कोच्चि, चेन्नई, पारादीप, कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं.

सरकार ने प्रतिभूति बाजार संहिता लाने का प्रस्ताव किया

सरकार ने सोमवार को एक एकीकृत प्रतिभूति बाजार संहिता पेश करने का प्रस्ताव किया.

सीतारमण ने कहा कि प्रतिभूति बाजार संहिता में सेबी अधिनियम, डिपॉजिटरीज अधिनियम और सरकारी प्रतिभूति अधिनियम शामिल होंगे.

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को गोल्ड एक्सचेंज के नियामक के रूप में भी अधिसूचित किया जायेगा.

वित्त मंत्री ने निवेशकों की रक्षा के लिए एक निवेशक चार्टर लाने का भी प्रस्ताव किया. यह सभी वित्तीय संस्थानों में निवेशकों के अधिकार के बारे में होगा.

जल जीवन मिशन के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान

सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत 4,378 शहरी स्थानीय निकायों के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किए जाने की घोषणा की.

वित्त मंत्री ने कहा कि अगले पांच साल के दौरान स्वच्छ भारत 2.0 अभियान को लागू किया जायेगा, जिसके लिए 1,41,678 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

वित्त मंत्री ने देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा की. यह योजना पांच साल के लिए है और यह चालू वित्त वर्ष से शुरू हो रही है.

सीतारमण ने कहा कि इस प्रोत्साहन योजना के अतिरिक्त एक वृहद निवेश टेक्सटाइल्स पार्क की योजना भी शुरू की जायेगी. उन्होंने कहा कि सरकार 20 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ विकास वित्तीय संस्थान बनाने के लिए एक विधेयक पेश करेगी.