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लोकसभा और राज्यसभा टीवी का विलय हुआ, संसद टीवी के नाम से जाना जाएगा

ऐसा माना जा रहा है कि संसद टीवी में दो चैनल होंगे, जिनमें से प्रत्येक पर लोकसभा और दूसरे पर राज्यसभा सत्र का लाइव प्रसारण किया जाएगा. सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रवि कपूर को तत्काल प्रभाव से चैनल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

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नई दिल्ली: लोकसभा और राज्यसभा टीवी को मिलाकर एक चैनल बना दिया गया है जिसे अब से संसद टीवी के रूप में जाना जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रवि कपूर को तत्काल प्रभाव से एक साल की अवधि या अगले आदेश, जो भी पहले पूरा हो, तक चैनल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है.

ऐसा माना जा रहा है कि संसद टीवी में दो चैनल होंगे, जिनमें से प्रत्येक पर लोकसभा और राज्यसभा सत्र का लाइव प्रसारण किया जाएगा.

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू और लोकसभा के स्पीकर ने संभवतया यह फैसला प्रशासनिक दृष्टिकोष से लिया है.

इससे पहले जून 2020 में खबर आई थी कि दोनों चैनलों के एकीकरण को देखने के लिए गठित एक समिति ने एक अधिक मजबूत संपादकीय नीति का प्रस्ताव किया था, ताकि दर्शकों को संसदीय संस्थानों और लोकतंत्र के कामकाज के बारे में विस्तार से पता चल सके.

सूत्रों ने कहा था कि जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होगा, तब दोनों चैनलों पर काफी हद तक सामान्य सामग्री दिखाई जाएगी.

राज्यसभा टीवी एक टीवी चैनल है, जिसका स्वामित्व और संचालन राज्यसभा द्वारा किया जाता है. राज्यसभा की कवरेज का सीधा प्रसारण करने के अलावा यह चैनल संसदीय मामलों का विश्लेषण भी पेश करता है. इसकी शुरुआत 2011 में हुई थी.

लोकसभा टीवी भारत सरकार का टीवी चैनल है, जो केंद्र सरकार की कार्रवाइयों का प्रसारण करता है. यह चैनल लोकसभा की कार्रवाइयों का लाइव और रिकॉर्ड किए गए कार्यक्रमों की कवरेज करता है. 1989 में इसकी शुरुआत हो चुकी थी, लेकिन इसे 2004 में लोकसभा नाम दिया गया.