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बाल संरक्षण आयोग ने नेटफ्लिक्स से ‘बॉम्बे बेगम्स’ की स्ट्रीमिंग रोकने के लिए कहा

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास शिकायत आई थी कि नेटफ्लिक्स पर प्रसारित वेब सीरीज बॉम्बे बेगम्स में दिखाया गया है कि नाबालिगों का यौन गतिविधि और मादक पदार्थों के सेवन में संलिप्त होना आम बात है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने नेटफ्लिक्स से कहा है कि वह अपनी वेब सीरीज ‘बॉम्बे बेगम्स’ की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाए, क्योंकि इसमें बच्चों को गलत ढंग से दिखाया गया है.

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को भेजे नोटिस में एनसीपीसीआर ने कहा कि वह 24 घंटे के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट दे और ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

आयोग ने कहा कि वेब सीरीज में बच्चों को गलत ढंग से दिखाया गया है तथा ऐसी सामग्री से न सिर्फ युवाओं की सोच दूषित होगी बल्कि बच्चों का उत्पीड़न बढ़ेगा.

दरअसल, आयोग के पास एक शिकायत आई थी कि इस वेब सीरीज में दिखाया गया है कि नाबालिगों का यौन गतिविधि और मादक पदार्थों के सेवन में संलिप्त होना आम बात है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अपने नोटिस में एनसीपीसीआर ने कहा है कि दो ट्विटर एकाउंट की ओर से की गई शिकायत के आधार पर यह कदम उठाया गया है.

इनमें से एक शिकायती ट्वीट में कहा गया है, ‘नाबालिगों के यौन संबंध बनाने का सामान्यीकरण करने के बाद अब एक नई वेब सीरीज आई है, जिसमें उन्हें कोकीन का सेवन करते हुए दिखाया गया है. बॉम्बे बेगम्स वेब सीरीज का एक दृश्य जिसमें 13 साल की लड़की एक पार्टी में कोकीन का लेती हुई, क्योंकि वह पार्टी सिर्फ शराब और ड्रग्स के बारे में है.’

एनसीपीसीआर ने कहा है कि इस प्रकार की सामग्री के साथ प्रसारित वेब सीरीज न सिर्फ युवा दिमागों को प्रदूषित करेगी, बल्कि इससे अपराधियों के हाथों बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और उनका शोषण भी हो सकता है.

बॉम्बे बेगम्स विभिन्न क्षेत्रों की पांच महिलाओं की कहानी है, जो मुंबई में रहती हैं. इसका पहला सीजन बीते दिनों नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ है. इसकी लेखक और निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव हैं. इसमें पूजा भट्ट, शहाना गोस्वामी, अमृता सुभाष, प्लबिता बोरठाकुर आदि मुख्य भूमिकाओं में हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)