कोविड-19

महाराष्ट्र: शराब के तौर पर सैनेटाइज़र पीने से यवतमाल में छह लोगों की मौत

पूर्वी महाराष्ट्र में यवतमाल ज़िले के वाणी गांव का मामला. जिन लोगों की मौत हुई वे सभी मज़दूर बताए जा रहे हैं. यवतमाल ज़िला मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: राॅयटर्स)

(प्रतीकात्मक तस्वीर: राॅयटर्स)

मुंबई: पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के वाणी गांव में शराब नहीं मिलने के बाद एल्कोहल आधारित हैंड सैनेटाइजर पीने से छह लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि मृतकों के परिजन ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के चलते शराब नहीं मिलने पर इन लोगों ने सैनेटाइजर पी लिया था.

कोविड-19 की रोकथाम के लिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए हैंड सैनेटाइजर में 70 प्रतिशत से अधिक एल्कोहल होता है. ये केवल बाहरी उपयोग के लिए होते हैं और अगर इन्हें पी लिया जाए तो ये विषाक्त होते हैं.

कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में इसकी रोकथाम के लिए लागू किए गए कड़े प्रतिबंध की वजह से शराब लोगों की पहुंच से दूर हो गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों की पहचान सुनील धेंगले (32 वर्ष), दत्ता लंजेवार (57 वर्ष), भारत रुईकर (38 वर्ष), गणेश शेलार (45 वर्ष), संतोष मेहरे (35 वर्ष) और राहुल परथत्कर (35 वर्ष) के रूप में हुई है. ये सभी वाणी के रहने वाले हैं.

यवतमाल जिले के पुलिस अधीक्षक दिलीप भुजबल ने बताया, ‘उन्होंने विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित सैनेटाइटर की बोतलें खरीदी थीं और कई दिनों से चार से पांच या दो से तीन बोतलें पी रहे थे. शुक्रवार को इनमें से तीन को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद वाणी ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. भर्ती के दो-तीन घंटे के भीतर तीनों की मौत हो गई.’

उन्होंने बताया, ‘हमें तीन अन्य लोगों के बारे में भी पता चला, जिनकी मृत्यु इसी तरह के लक्षणों के विकसित होने के बाद हुई थी, लेकिन उनके मामलों की सूचना परिजनों द्वारा नहीं दी गई थी. परिजनों ने पहले ही अपना अंतिम संस्कार कर दिया था, इसलिए हमने सभी छह मामलों में आकस्मिक मौत को मामला दर्ज किया है.’

भुजबल ने कहा, ‘हमने लोगों से अपील की है कि वे सैनेटाइटर का सेवन करने से परहेज करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि यह हालिया मामले से स्पष्ट है.’

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यवतमाल जिला मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.

पिछले साल जुलाई महीने में आंध्र प्रदेश में हैंड सैनेटाइजर पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी. राज्य के प्रकाशम जिले के करिचेड़ु इलाके में यह घटना हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)