कोविड-19

कोविड-19: देश में फ़िर एक दिन में सर्वाधिक 386,452 मामले आए, 3,498 लोगों की मौत

भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल 18,762,976 मामले सामने आ चुके हैं और अब तक 208,330 लोगों की जान जा चुकी है. विश्व में संक्रमण के मामले 15.05 करोड़ से ज़्यादा हो गए हैं और 31.66 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है. सर्वाधिक प्रभावित तीसरे देश ब्राज़ील में एक महीने में एक लाख लोगों की मौत हुई है. मरने वालों की संख्या के लिहाज़ से यह अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस का संक्रमण रौद्र रूप लेता हुआ नजर आ रहा है. हर दिन के साथ संक्रमण के नए मामलों में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ोतरी देखी जा रही है. 22 अप्रैल के बाद से ये लगातार नौवां दिन है, जब देश में तीन लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 386,452 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 18,762,976 हो गई. इसके साथ ही देश में उपचाराधीन मरीजों यानी सक्रिय मामलों की संख्या 31 लाख को पार कर गयी है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 3,498 और मरीजों की मौत हो जाने से संक्रमण के कारण अब तक दम तोड़ चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 208,330 हो गई.

यह लगातार तीसरा दिन है, जब एक दिन में तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है. साथ ही 21 अप्रैल के बाद से लगातार 10वां दिन है, जब एक दिन में मरने वालों की संख्या दो हजार का आंकड़ा पार गई.

आंकड़ों पर गौर करें तो देश में 15 अप्रैल से लगातार 16वें दिन संक्रमण के दो लाख से अधिक दैनिक मामले सामने आए हैं. इसके अलावा सात अप्रैल के बाद यह लगातार 23वां दिन है, जब एक लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए गए हैं.

उपचाराधीन मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और अब यह बढ़कर 3,170,228 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.90 प्रतिशत है. लोगों के ठीक होने की दर गिरकर 81.99 प्रतिशत हो गई है.

आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक 15,384,418 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि, मृत्यु दर 1.11 प्रतिशत है.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक 29 अप्रैल तक 286,392,086 नमूनों की जांच की गई है, जिनमें से 1,920,107 नमूनों की बृहस्पतिवार को जांच की गई.

पिछले 24 घंटे में जिन 3,498 और लोगों की मौत हुई है, उनमें से महाराष्ट्र में 771, दिल्ली में 395, उत्तर प्रदेश में 295, कर्नाटक में 270, छत्तीसगढ़ में 251, गुजरात में 180, राजस्थान में 158, झारखंड में 145, पंजाब में 137 और तमिलनाडु में 107 लोगों की मौत हुई है.

देश में संक्रमण के कारण अब तक कुल 208,330 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 67,985, दिल्ली में 15,772, कर्नाटक में 15,306, तमिलनाडु में 13,933, उत्तर प्रदेश में 12,238, पश्चिम बंगाल में 11,248, पंजाब में 8,909 और छत्तीसगढ़ में 8,312 लोगों की मौत हुई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मृतकों में से 70 प्रतिशत से अधिक लोग किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित थे.

आंकड़ों के मुताबिक, देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख (7 अगस्त 2020 को) तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख (23 अगस्त 2020) की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख (5 सितंबर 2020) तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा है.

वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख (16 सितंबर 2020) की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख (28 सितंबर 2020 को) होने में 12 दिन लगे थे. 60 से 70 लाख (11 अक्टूबर 2020) होने में इसे 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख (29 अक्टूबर को 2020) होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख (20 नवंबर 2020 को) होने में 13 दिन लगे. 90 लाख से एक करोड़ (19 दिसंबर 2020 को) होने में 29 दिन लगे.

इसके 107 दिन बाद यानी पांच अप्रैल को मामले सवा करोड़ से अधिक हो गए, लेकिन संक्रमण के मामले डेढ़ करोड़ से अधिक होने में महज 15 दिन (19 अप्रैल को) का वक्त लगा.

वायरस के मामले और मौतें

24 घंटे में सामने आए संक्रमण के नए मामलों की बात करें तो 29 अप्रैल को 379,257, 28 अप्रैल को 360,960, 27 अप्रैल को 323,144, 26 अप्रैल को 352,991, 25 अप्रैल को 349,691, 24 अप्रैल को 346,786, 23 अप्रैल को 332,730, 22 अप्रैल को 314,835, 21 अप्रैल को 295,041, 20 अप्रैल को 259,170, 19 अप्रैल को 273,810, 18 अप्रैल को 261,500, 17 अप्रैल को 234,692, 16 अप्रैल को 217,353, 15 अप्रैल को 200,739, 14 अप्रैल को 184,372, 13 अप्रैल को 161,736, 12 मार्च को 168,912, 11 अप्रैल को 152,879, 10 अप्रैल को 145,384, नौ अप्रैल को 131,968, आठ अप्रैल को 126,789, सात अप्रैल को 115,736, छह अप्रैल को 96,982, पांच अप्रैल को 103,558, चार अप्रैल को 93,249, तीन अप्रैल को 89,129, दो अप्रैल को 81,466 और एक अप्रैल को 72,330 नए मामले सामने आए थे.

इसी तरह 24 घंटे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 29 अप्रैल को अब तक की सर्वाधिक 3,645 रही. 28 अप्रैल को 3,293, 27 अप्रैल को 2,771, 26 अप्रैल को 2,812, 25 अप्रैल को 2,767, 24 अप्रैल को 2,624, 23 अप्रैल को 2,263,  22 अप्रैल को 2,104, 21 अप्रैल को 2,023, 20 अप्रैल को 1,761, 19 अप्रैल को 1,619, 18 अप्रैल को 1,501, 17 अप्रैल 1,341, 16 अप्रैल को 1,185, 15 अप्रैल को 1,038, 14 अप्रैल को 1,027, 13 अप्रैल 879, 12 मार्च को 904, 11 अप्रैल को 839, 10 अप्रैल को 794, नौ अप्रैल को 780, आठ अप्रैल को 685, सात अप्रैल को 630, छह अप्रैल को 446, पांच अप्रैल को 478, चार अप्रैल को 513, तीन अप्रैल को 714, दो अप्रैल को 469 और एक अप्रैल को 459 रही थी.

मार्च में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक 68,020 मामले 29 मार्च को सामने आए थे और महामारी से जान गंवाने वाले लोगों की सर्वाधिक संख्या 31 मार्च को दर्ज की गई. इस दिन 354 लोगों की मौत हुई थी, जो साल 2021 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) का सर्वाधिक आंकड़ा है.

फरवरी माह में 24 घंटे में संक्रमण के सर्वाधिक 16738 मामले 25 फरवरी को सामने आए थे और इस महीने सर्वाधिक 138 लोगों की मौतें भी इसी तारीख में दर्ज है.

जनवरी में 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 20,346 मामले बीते सात जनवरी को दर्ज किए गए थे. वहीं इस अवधि में सबसे अधिक 264 लोगों की मौत छह जनवरी को हुई थी.

इससे पहले दिसंबर महीने में 24 घंटे के दौरान पांच दिसंबर को संक्रमण के अधिकतम 36,652 मामले सामने आए थे और चार दिसंबर को संक्रमण से अधिकतम 540 लोगों की मौत हुई थी.

नवंबर महीने 24 घंटे के दौरान सात नवंबर को संक्रमण के अधिकतम 50,356 मामले सामने आए थे और पांच नवंबर को संक्रमण से अधिकतम 704 लोगों की मौत हुई थी.

अक्टूबर महीने की बात करें तो एक तारीख को अधिकतम 86,821 और 28 अक्टूबर को न्यूनतम 43,893 मामले 24 घंटे के दौरान सामने आए थे. अक्टूबर में 24 घंटे में मरने वालों की अधिकतम संख्या 1 अक्टूबर को 1,181 थी.

सात सितंबर को 90,802 और 30 सितंबर को 80,472 नए मामले दर्ज किए गए थे. सात से 30 सितंबर के बीच नए मामलों की संख्या घटती बढ़ती रही. इस अवधि में 22 सितंबर को 75,083 (न्यूनतम) और 17 सितंबर को 97,894 (अधिकतम) मामले दर्ज किए गए थे.

छह सितंबर को संक्रमण के नए मामले पहली बार 90 हजार (90,632) के पार हो गए थे. 28 अगस्त को पहली बार 70 हजार (75,760) के पार, सात अगस्त को पहली बार 60 हजार (62,538) के पार, 30 जुलाई को पहली बार 50 हजार के पार हो गए थे.

इसी तरह 20 जुलाई को यह पहली बार 40 हजार के पार, 16 जुलाई को पहली बार 30 हजार के पार, 10 जुलाई को पहली बार 25 हजार (26,506) के पार, तीन जुलाई को पहली बार 20 हजार के पार, 21 जून को पहली बार 15 हजार के पार और 20 जून को संक्रमण के नए मामलों की संख्या पहली बार 14 हजार के पार हुई थी.

सितंबर महीने में एक दिन में मरने वालों की बात करें तो एक सितंबर को इनकी संख्या 819 और 29 सितंबर को न्यूनतम 776 थी. इन दो तारीखों के अलावा पूरे महीने हर दिन मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक रही है. 16 सितंबर को 1290 लोगों की जान गई, जो बीते साल को सर्वाधिक आंकड़ा है.

10 अगस्त से 31 अगस्त तक बीते 24 घंटे या एक दिन में मरने वालों की संख्या 1007 से अधिकतम 1,092 (19 अगस्त का आंकड़ा) के बीच रही. 24 जुलाई से नौ अगस्त के बीच एक दिन या 24 घंटे में मौत का आंकड़ा 700 से लेकर 933 (आठ अगस्त का आंकड़ा) के बीच रहा है. एक जुलाई से 23 जुलाई के बीच यह आंकड़ा 507 से 1,129 के बीच रहा.

11 जून से 30 जून के बीच मरने वालों की संख्या 300 से 500 के अंदर रही है. 22 जून को एक दिन में मरने वालों की संख्या पहली बार 400 से अधिक रही थी. और 11 जून को पहली बार मरने वालों की संख्या 300 के आंकड़े को पार कर गई थी.

दुनियाभर में मामले 15.05 करोड़ से ज़्यादा, 31.66 लाख से अधिक लोगों की मौत

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 150,536,843 हो गए हैं और अब तक 3,166,029 लोगों की जान जा चुकी है.

दुनियाभर में महामारी से अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित देश है. यहां संक्रमण के अब तक 32,289,255 मामले सामने आए हैं, जबकि मरने वालों की संख्या 575,194 हो चुकी है.

संक्रमण से दूसरा प्रभावित देश भारत है. भारत के बाद तीसरे संक्रमण प्रभावित देश ब्राजील में संक्रमण के अब तक 14,590,678 मामले मिले हैं और 401,186 लोग दम तोड़ चुके हैं.

ब्राजील के बाद चौथे सर्वाधिक प्रभावित देश फ्रांस में संक्रमण के 5,653,533 मामले आए हैं और 104,385 लोगों ने जान गंवा दी है. फ्रांस के बाद पांचवें सर्वाधिक प्रभावित देश तुर्की में संक्रमण के 4,788,700 मामले आए हैं, जबकि 39,737 मरीजों की मौत दर्ज की जा चुकी है.

तुर्की के बाद छठे सर्वाधिक प्रभावित देश रूस में संक्रमण 4,742,142 के नए मामले दर्ज हुए हैं और 107,902 लोग जान गंवा चुके हैं.

रूस बाद सातवें सर्वाधिक प्रभावित देश ब्रिटेन में संक्रमण के 4,429,851 मामले सामने आए हैं और 127,759 मौतें हुई हैं. ब्रिटेन के बाद आठवें सर्वाधिक प्रभावित देश इटली में संक्रमण 4,009,208 मामले दर्ज हुए हैं जबकि 120,544 मौतें हुई हैं.

इटली के बाद नौवें प्रभावित देश स्पेन में संक्रमण के 3,514,942 मामले सामने आए हैं और 78,080 मौतें हुई हैं. स्पेन के बाद 10वें सर्वाधिक प्रभावित देश जर्मनी में संक्रमण के 3,391,039 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 82,868 लोगों की यह महामारी जान ले चुकी है.

ब्राजील में महज एक महीने में एक लाख लोगों की मौत

साओ पाउलो: ब्राजील में महज एक महीने में कोविड-19 से 100,000 लोगों के जान गंवाने के कारण संक्रमण से मरने वाले लोगों की कुल संख्या 400,000 पहुंच गई है और अब वह मौत के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर है.

कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश में हालात और बिगड़ने को लेकर आगाह किया है.

ब्राजील में इस वैश्विक महामारी से अप्रैल में सबसे अधिक मौत हुई हैं.

देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस महीने के पहले दो दिनों में 4,000 से अधिक लोगों की मौत हुई. पिछले दो हफ्तों में हर दिन करीब 2,400 लोगों की मौत हुई और स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को 3,001 और लोगों के मरने की जानकारी दी, जिससे देश में मृतकों की संख्या 401,186 पर पहुंच गई.

स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संक्रमण के मामले और मौत की संख्या घटने पर थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन उन्हें बीमारी की एक अन्य लहर आने की आशंका है जैसा कि कुछ यूरोपीय देशों में देखा गया.

ऑनलाइन रिसर्च वेबसाइट ‘आवर वर्ल्ड इन डेटा’ के अनुसार छह प्रतिशत से भी कम ब्राजीलियाई नागरिकों को कोविड-19 का टीका लगा है.

देश के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने दोहराया कि वह सबसे आखिर में टीका लगवाएंगे और उन्होंने महामारी को फैलने से रोकने के लिए पाबंदियों लगाने के लिए देशभर के मेयर और गवर्नर पर निशाना साधा.

स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों में से एक महामारी विशेषज्ञ वेंडरसन ओलिविरा ने कहा कि उन्हें जून के मध्य तक तीसरी लहर आने की आशंका है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)