कोविड-19

‘कांग्रेस टूलकिट’ संबंधी संबित के ट्वीट को ट्विटर ने ‘तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया’ क़रार दिया

बीते 18 मई को एक कथित टूलकिट के माध्यम से भाजपा ने कांग्रेस पर कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों में भ्रम फैलाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया था. कांग्रेस ने इस टूलकिट को फ़र्ज़ी बताते हुए ट्विटर से कहा था कि वह भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई भाजपा नेताओं के अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दे. कांग्रेस ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी.

New Delhi: BJP National Spokesperson Sambit Patra addresses a press conference, at BJP HQ in New Delhi, Saturday, July 18, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI18-07-2020 000003B)

संबित पात्रा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के उस ट्वीट को ‘तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया’ करार दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए एक ‘टूलकिट’ तैयार किया था.

ट्विटर का कहना है, ‘वह ऐसे ट्वीट को इस श्रेणी में डालता है, जिनसे ऐसा मीडिया (वीडियो, ऑडियो और तस्वीरें) जुड़ा होता है जिसे छलपूर्वक तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया हो.’

ट्विटर में अपनी नीति में ये भी कहा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर ऐसी चीजें शेयर नहीं की जा सकती हैं, जो जनता को भ्रमित करती हो और गलत जानकारी प्रसारित करती हो.

कांग्रेस ने बीते गुरुवार को ट्विटर से लिखित तौर पर कहा था कि वह ‘समाज में गलत जानकारी और अशांति फैलाने’ के लिए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई भाजपा नेताओं के अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दे.

sambit patra tweet

संबित पात्रा का वो ट्वीट जिसे ट्विटर ने ‘Manipulated Media’ कहा है.

मुख्य विपक्षी पार्टी का कहना है कि भाजपा ने जिस कथित टूलकिट के दस्तावेज जारी किए हैं वो ‘फर्जी’ हैं. उसने कई प्रमुख भाजपा नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है. छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में संबित पात्रा और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भाजपा नेता रमन सिंह के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की है.

भाजपा तथाकथित टूलकिट की कुछ विवादित सामग्री को लेकर कांग्रेस पर हमला कर रही है. पात्रा सहित भाजपा नेताओं ने टूलकिट को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कई ट्वीट किए हैं.

ट्विटर ने पात्रा के जिस ट्वीट को ‘तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया’ बताया है उसमें एक दस्तावेज पोस्ट करते हुए कहा गया है, ‘मित्रों, महामारी के दौरान जरूरतमंदों की मदद करने से संबंधित कांग्रेस के इस टूलकिट पर नजर डालिए. यह एक ठोस प्रयास की बजाय कुछ ‘मित्र पत्रकारों’ और ‘असर डालने वालों’ की मदद से प्रचार की कवायद भर है. आप कांग्रेस के एजेंडा के बारे में खुद पढ़िए.’

मालूम हो कि ट्विटर ने इस तरह की कई चेतावनी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी दी थी, जब कथित तौर पर ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए उकसाया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी.

पात्रा और भाजपा के कई नेताओं द्वारा तथाकथित फर्जी टूलकिट शेयर करने को लेकर बीते गुरुवार को कांग्रेस ने ट्विटर से शिकायत की थी और ऐसे नेताओं के अकाउंट बंद करने की मांग की थी.

इससे पहले फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया था कि भाजपा के बड़े नेता जिस टूलकिट को शेयर कर रहे हैं, उसे कांग्रेस के जाली लेटरहेड पर बनाया गया है.

कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम की एक सदस्य ने द वायर को बताया, ‘भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि हम लोगों के दुखों के साथ खेल रहे हैं, जबकि राहत कार्यों को बढ़ाने के लिए पार्टी हरसंभव कदम उठा रही है. केवल भाजपा जैसी पार्टी ही इतना नीचे गिर सकती है.’

मालूम हो कि बीते 18 मई को उस समय विवाद खड़ा हो गया था जब भाजपा ने कांग्रेस पर कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों में भ्रम फैलाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया और कहा कि इस संकट काल में विपक्षी दल की ‘गिद्धों की राजनीति’ उजागर हुई है.

एक ‘कोविड-19 टूलकिट’ का हवाला देते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कोरोना के समय जब पूरा देश महामारी से लड़ रहा है तो कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए भारत को पूरे विश्व में ‘अपमानित और बदनाम’ करने की कोशिश की है.

उन्होंने आरोप लगाया था, ‘राहुल गांधी (पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष) ने महामारी को प्रधानमंत्री मोदी की छवि धूमिल करने के मौके के रूप में इस्तेमाल किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कोरोना के नए स्ट्रेन को ‘मोदी स्ट्रेन’ का नाम देने का निर्देश दिया. विदेशी पत्रकारों की मदद से भारत को बदनाम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी गई.’

पात्रा ने कहा कि कोरोना का जो नया स्ट्रेन आया है, उसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी भारतीय स्ट्रेन कहने से मना कर दिया है, लेकिन कांग्रेस इसे ‘इंडियन स्ट्रेन’ और उससे भी आगे बढ़कर ‘मोदी स्ट्रेन’ के नाम से प्रसारित करने में लगी है.

उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि कुंभ को सुप्रर स्प्रेडर (बड़े स्तर पर संक्रमण फैलाने का माध्यम) के रूप में प्रचारित करने की बात की गई है. ईद और कुंभ की तुलना कर धर्म को बदनाम करने की कोशिश कांग्रेस ने की है. आप कुंभ को बदनाम करिए और ईद के विषय में कुछ मत कहिए. इस प्रकार की सोच भी हो सकती है, क्या किसी की?.’

इसी तरह के आरोप भाजपा नेता जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी और बीएल संतोष ने भी कांग्रेस पर लगाए थे. इसके अलावा इसमें केंद्रीय मंत्रियों- पीयूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी, किरन रिजिजू, अनुराग ठाकुर, प्रह्लाद जोशी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, भाजपा सांसदों- राज्यवर्धन सिंह राठौड़, तेजस्वी सूर्या, पीसी मोहन, मनोज कोटक, विनय सहस्त्रबुद्धे जैसे लोग भी शामिल हैं.

भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि टूलकिट में ‘लापता अमित शाह’, ‘क्वारंटीन जयशंकर’, ‘साइडलाइन राजनाथ सिंह’ और ‘असंवेदनशील निर्मला सीतारमण’ जैसे शब्द इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. भाजपा नेता #CongressToolkitExposed नाम से ट्विटर टैग वायरल करा रहे थे.

बता दें कि टूलकिट एक प्रकार का दस्तावेज होता है, जिसमें अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए बिंदुवार मुद्दे होते हैं. अभियान को धार देने के लिए इन्हीं मुद्दों पर विरोधियों को घेरने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है.

किसान आंदोलन के दौरान भी एक टूलकिट सामने आया था, जिसकी काफी चर्चा भी हुई थी.

इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा पर कोरोना महामारी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि बचाने एवं लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ‘फर्जी टूलकिट’ तैयार करने का आरोप लगाया और सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा, उसके वरिष्ठ नेताओं- बीएल संतोष, स्मृति ईरानी, संबित पात्रा तथा कई अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस में ‘जालसाजी’ की शिकायत दर्ज कराई.

इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक सिर्फ पात्रा के ही ट्वीट को ट्विटर ने ‘तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया’ करार दिया है. इसलिए अभी ये स्पष्ट नहीं है कि क्या अन्य नेताओं के खिलाफ भी ट्विटर ये कदम उठाएगा या फिर ये पात्रा जैसे नेताओं पर कार्रवाई कर मंत्रियों को बचाने की कोशिश है, ताकि ट्विटर के खिलाफ आलोचनाओं को शांत किया जा सके.

पात्रा के अलावा दक्षिणपंथी शेफाली वैद्य के ट्वीट को भी ट्विटर ने इसी श्रेणी में डाला है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)