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उत्तराखंड: लॉकडाउन उल्लंघन पर भाजपा विधायक का चालान काटने वाले पुलिसकर्मी का तबादला

बीते दिनों सामने आए एक वीडियो में दरोगा नीरज कठैत मसूरी में कथित तौर पर कोविड कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए रुड़की के भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा का चालान काटते नज़र आ रहे थे और बत्रा जुर्माने की राशि फेंककर जाते दिखते हैं. कठैत के तबादले को ‘दंडात्मक कार्रवाई’ कहा जा रहा है.

रूड़की से भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा. (फोटो: ट्विटर/@ThePradeepBatra)

रुड़की से भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा. (फोटो: ट्विटर/@ThePradeepBatra)

देहरादून: उत्तराखंड के मसूरी में कुछ ही दिनों पहले कथित तौर पर कोविड कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए एक विधायक का चालान करने वाले दरोगा का गुरुवार को तबादला कर दिया गया, जिसने इन आरोपों को जन्म दे दिया कि उसे विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दंडित किया गया है.

सोशल मीडिया पर रविवार को एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ जिसमें रुड़की के भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा मसूरी में मास्क ठीक तरह से न पहनने और वहां जारी कर्फ्यू के दौरान घूमने के लिए एक पुलिस उपनिरीक्षक द्वारा चालान किए जाने पर उस पर जुर्माने की राशि फेंककर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.

मसूरी के सर्किल अधिकारी नरेंद्र पंत ने बताया कि उप निरीक्षक नीरज कठैत का स्थानांतरण देहरादून से 40 किलोमीटर दूर कालसी में कर दिया गया है.

संभवत: विधायक को पहचान नहीं पाए उप निरीक्षक वीडियो में उन्हें मास्क ठीक तरह से न पहनने और कर्फ्यू के दौरान परिवार के लोगों के साथ घूमने के लिए लताड़ते नजर आ रहे हैं. वीडियो में वे यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि बत्रा को 500 रुपये का जुर्माना देना होगा.

इस पर नाराज होते हुए विधायक वीडियो में अधिकारी पर चालान की राशि फेंकते हुए वहां से जाते दिख रहे हैं.

उपनिरीक्षक के स्थानांतरण का समाचार फैलते ही स्थानीय लोग उनके समर्थन में आगे आ गए और उन्होंने कहा है कि उनका तबादला दंडस्वरूप किया गया है जबकि वे सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे थे.

मसूरी व्यापार संघ ने इस मामले में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को एक ज्ञापन सौंपा है और उनसे मामले में दखल देने तथा उनका तबादला रोकने को कहा है.

व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा, ‘ विधायक ने कानून तोड़ा. उपनिरीक्षक ने कार्रवाई की और इसके लिए उन्हें दंड देने की बजाय उनकी प्रशंसा की जानी चाहिए.’

कांग्रेस की मसूरी इकाई के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने राज्य सरकार से कठैत का तबादला आदेश रद्द करने की मांग की है तथा कहा है कि ऐसा न होने पर आंदोलन की धमकी दी है.

हालांकि, इस बारे में पूछे जाने पर सर्किल अधिकारी पंत ने कहा कि कठैत मसूरी में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और इसलिए उनका तबादला होना तय था.