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जर्मन प्रसारण कंपनी कंपनी डॉयचे वेले के 10 संवाददाताओं को अफ़ग़ानिस्तान से निकाला गया

जर्मन प्रसारण कंपनी ‘डॉयचे वेले’ ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में उसके नौ संवाददाता और एकमात्र महिला संवाददाता शुक्रवार को अपने परिवार के साथ देश छोड़कर निकलने में सफल रहे. इन संवाददाताओं को जर्मनी के बॉन शहर ले जाया जाना है.

अफगानिस्तान के गजनी शहर में हथियारबंद तालिबान आतंकी. (फोटोः रॉयटर्स)

बर्लिन: जर्मन प्रसारण कंपनी ‘डॉयचे वेले’ (डीडब्ल्यू) ने कहा है कि उसके 10 संवाददाता अफगानिस्तान छोड़कर पाकिस्तान की ओर रवाना हो गए हैं. इससे पहले कंपनी अपने संवाददाताओं को हवाई मार्ग से काबुल से बाहर निकालने असफल रही थी.

डॉयचे वेले ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि अफगानिस्तान में डीडब्ल्यू की नौ संवाददाता और एकमात्र महिला संवाददाता शुक्रवार को अपने परिवार के साथ देश छोड़कर निकलने में सफल रहे. कुल मिलाकर 72 लोगों को अब तक पाकिस्तान सीमा के पार निकाला गया है.

कंपनी की ओर से यह नहीं बताया गया कि संवाददाता कैसे निकले, लेकिन यह स्पष्ट किया गया कि बहुत से कारणों की वजह से हवाई मार्ग से उन्हें निकालना संभव नहीं हो सका था.

पत्रकारों का समूह कई दिन तक काबुल हवाई अड्डे के बाहर इंतजार कर रहा था. डॉयचे वेले के महानिदेशक पीटर लिम्बर्ग ने इसके लिए जर्मन और कतर सरकार को धन्यवाद दिया है.

डीडब्ल्यू के महानिदेशक पीटर लिम्बर्ग ने उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने संवाददाताओं को अफगानिस्तान से बाहर निकालने में मदद की. उन्होंने कहा, ‘मैं जर्मन सरकार, विदेश मंत्री, साथ ही पाकिस्तान में जर्मन दूतावास और कई राजनीतिक नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिनके बिना यह निकासी संभव नहीं होती.’

उन्होंने कहा, ‘हम कतर की सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता की भी बहुत सराहना करते हैं, जिसने हमारे सहयोगियों की ओर से एक बड़ा प्रयास किया है. इस्लामाबाद में अधिकारियों को विशेष धन्यवाद दिया जाता है, जिन्होंने हमारे कर्मचारियों और उनके परिवारों को मानवीय आधार पर निकालने की अनुमति दी. एक गंभीर आपात स्थिति में यह समर्थन महत्वपूर्ण था.’

72 लोगों के इस समूह को निकालने के साथ ही डीडब्ल्यू ने पहला लक्ष्य हासिल कर लिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, निकाले गए संवाददाताओं को जर्मनी के बॉन शहर ले जाया जाना है. प्रसारक ने कहा कि वह दारी और पश्तो भाषा की अपनी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के रिश्तेदारों के साथ-साथ दो संवाददाताओं और उनके परिवारों को जर्मनी लाने के लिए अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है, जो काबुल में हफ्तों के इंतजार के बाद अपने गृहनगर लौट आए थे.

मालूम हो कि पिछले महीने अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों ने जर्मनी के पब्लिक ब्रॉडकास्टर डॉयचे वेले (डीडब्ल्यू) के पत्रकार के एक रिश्तेदार की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

डॉयचे वेले (डीडब्ल्यू) ने कहा था कि इसके अलावा पत्रकार के एक अन्य रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि अन्य बचकर निकलने में कामयाब रहे.

डॉयचे वेले सहित जर्मनी के मीडिया संगठनों ने खुला पत्र लिखकर जर्मनी सरकार से अफगान कर्मचारियों के लिए आपात वीजा योजना शुरू करने का अनुरोध किया था.

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का आह्वान कर उनसे अफगानिस्तान में खतरनाक परिस्थितियों का सामना कर रहे पत्रकारों को इस संकट से निकालने के लिए त्वरित प्रभाव से एक बैठक करने का अनुरोध किया था.

बीते दिनों तालिबान ने महिलाओं के प्रदर्शन को कवर कर रहे अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित एक अखबार के दो अफगान पत्रकारों सहित कई अन्य पत्रकारों को हिरासत में बुरी तरह प्रताड़ित किया. जानकारी के अनुसार, तालिबान द्वारा पत्रकारों से कहा गया कि महिलाओं की तस्वीरें लेना ग़ैर-इस्लामिक है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)