राजनीति

राज्यों से ईंधन उपकर कम करने के लिए कहने का केंद्र को नैतिक अधिकार नहीं है: तेलंगाना के सीएम

कहा कि हम भारत सरकार से पेट्रोल और डीज़ल पर लगाए गए कुल उपकर को हटाने की मांग कर रहे हैं. यह संभव है और यह देश के हित के लिए है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में बिना किसी बढ़ोतरी के केंद्र ने पेट्रोल-डीज़ल पर बेवजह सेस लगाया है, जिसका बोझ ग़रीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है.

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (फोटो: फेसबुक)

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने रविवार को मांग की कि केंद्र में सत्तासीन राजग सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाला उपकर समाप्त कर देना चाहिए. उन्होंने यह भी जिक्र किया कि भारतीय जनता पार्टी को राज्यों से पेट्रोल, डीजल पर वैट कम करने के लिए कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

रबी के सीजन में किसानों को धान बोने से हतोत्साहित करने का राज्य की टीआरएस सरकार पर आरोप लगाने वाले भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए राव ने कहा कि केंद्र राज्य से धान नहीं खरीदना चाहता है.

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि राज्य की टीआरएस सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर वैट नहीं बढ़ाया है और उसमें कमी करने का कोई सवाल पैदा नहीं होता.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने वैट नहीं बढ़ाया है. हमने एक पैसा भी नहीं बढ़ाया, इसलिए कटौती का सवाल ही नहीं उठता. जब से टीआरएस की सरकार बनी है, वैट नहीं बढ़ाया गया है. कौन सा मूर्ख हमसे (वैट) घटाने को कहेगा? मूर्ख वह है जिसने इसे बढ़ाया है, उसे कम करना होगा.’

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी तब तक विरोध प्रदर्शन करेगी, जब तक कि केंद्र पेट्रोल और डीजल पर उपकर वापस नहीं ले लेता.

उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल और डीजल पर सेस वापस लिया जाना चाहिए. हम आपको आराम नहीं करने देंगे (जब तक एनडीए सरकार ऐसा नहीं करती है).’

केसीआर ने कहा, ‘मैं भारत सरकार से पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए कुल उपकर को हटाने की मांग कर रहा हूं. यह संभव है और यह देश के हित के लिए है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बिना किसी बढ़ोतरी के सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर बेवजह सेस लगाया है, जिसका बोझ गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है. अब, अगर सरकार देश के गरीब लोगों के प्रति ईमानदार है, तो उसे कुल उपकर वापस लेना चाहिए.’

उन्होंने आगे  कहा, ‘ये लोग अंतरराष्ट्रीय (कच्चे तेल की) कीमतों के बारे में झूठ बोल रहे हैं. वे उपकर लगा रहे हैं, ताकि यह विभाज्य पूल के अंतर्गत न आए. इससे आम लोगों पर बोझ पड़ रहा है. वे राज्यों के हस्तांतरण से बच रहे हैं.’

दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के विरोध के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन का समर्थन करेगी और केंद्र को तब तक आराम नहीं करने देगी, जब तक कि कृषि विरोधी कानून वापस नहीं ले लिए जाते.

इस रबी सीजन में धान की खेती नहीं करने के लिए किसानों को हतोत्साहित करने के लिए टीआरएस सरकार के खिलाफ आंदोलनकारी कार्यक्रमों की घोषणा करने वाले तेलंगाना भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए केसीआर ने कहा कि यह केंद्र है, जो राज्य से धान की खरीदने को तैयार नहीं है.

तेलंगाना भाजपा प्रमुख बंदी संजय कुमार ने शनिवार (6 नवंबर) को घोषणा की थी कि पार्टी राज्य सरकार को पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने के लिए आंदोलनकारी कार्यक्रम चलाएगी. उन्होंने यह भी मांग की कि राज्य सरकार किसानों से धान खरीदे.

पिछले कई दिनों से तेलंगाना सरकार किसानों से इस मौसम में धान की खेती के लिए नहीं जाने का अनुरोध कर रही है क्योंकि केंद्र धान खरीदने के लिए अनिच्छुक है.

उन्होंने कहा, ‘हम इस मुद्दे (धान खरीद) को संसद में उठाएंगे. हम जिलों में धरना भी देंगे. अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री सहित तेलंगाना के सांसद, विधायक, एमएलसी दिल्ली में धरना देंगे.’

यह आरोप लगाते हुए कि तेलंगाना के भाजपा नेता दावा कर रहे हैं कि वे उनके खिलाफ मामले दर्ज करेंगे और उन्हें जेल भेजेंगे, केसीआर ने उनके नेताओं को उन्हें छूने की चुनौती दी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)