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2018 कासगंज ‘तिरंगा यात्रा’ में जान गंवाने वाले एबीवीपी नेता के परिवार ने कहा- सरकार ने निराश किया

साल 2018 में उत्तर प्रदेश के कासगंज में ‘तिरंगा यात्रा’ के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए युवक चंदन गुप्ता के परिजनों ने योगी सरकार पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि उनके परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाए और शहर के एक चौराहे का नाम चंदन के नाम पर रखा जाए.

यूपी प्रेस क्लब में चंदन गुप्ता की मांग (बाएं) और पिता (दाएं). (फोटो: असद रिजवी)

लखनऊ: साल 2018 में उत्तर प्रदेश के कासगंज में दक्षिणपंथी समूहों द्वारा आयोजित ‘तिरंगा यात्रा’ के दौरान भड़की हिंसा में मारे गए युवक चंदन गुप्ता के परिजनों ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती है, वे लखनऊ से वापस नहीं जाएंगे.

चंदन की मां संगीता गुप्ता ने कहा, ‘मेरे जवान बेटे ने राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के लिए अपनी जान दे दी और भारतीय जनता पार्टी ने उसकी हत्या को आए दिन की घटना मानकर चल रही है.’

गुप्ता का परिवार अपने मृत बेटे को न्याय दिलाने के लिए बीते मंगलवार से राज्य की राजधानी लखनऊ में डेरा डाले हुआ है.

उन्होंने कहा कि उनका बेटा भाजपा के राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के एजेंडे का ‘कट्टर समर्थक’ था और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का सदस्य होने के बावजूद परिवार को अब तक दक्षिणपंथी नेताओं से कोई सहायता नहीं मिली है.

वैसे तो सरकार ने परिवार को 20 लाख रुपये की मदद राशि मुहैया करा दी है, लेकिन परिजन अभी एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कासगंज जिले के एक चौक का नाम चंदन के नाम पर रखने की मांग की है.

मालूम हो कि कासगंज में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2018) के मौके पर विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा यात्रा (बाइक से रैली) का आयोजन किया गया था. शहर के बड्डूनगर इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने झंडारोहण कार्यक्रम रखा हुआ था.

इसी दौरान आपत्तिजनक नारों को लेकर दोनों पक्षों के बीच पथराव और गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक युवक (चंदन गुप्ता) की मौत हो गई थी तथा एक अन्य (नौशाद अहमद) जख़्मी हो गए थे. वारदात के दूसरे दिन भी शहर में हिंसा जारी रही. उपद्रवियों ने तीन दुकानों, दो निजी बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया था.

इस मामले की जांच करने के लिए दिल्ली से गई एक फैक्ट फाइंडिंग टीम ने इलाके का दौरा करने के बाद कहा था कि कासगंज हिंसा पूर्व नियोजित थी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंदन गुप्ता के परिवार ने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो वे विधानसभा चुनाव से पहले इसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.

चंदन की मां संगीता गुप्ता ने कहा कि उनका परिवार भाजपा के ‘पाखंड’ को बेनकाब करेगा. चंदन के माता-पिता ने घोषणा की कि वे तब तक लखनऊ में रहेंगे, जब तक कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर निर्देश जारी नहीं करती है.

मृतक के पिता सुशील गुप्ता ने द वायर  से कहा कि कई नेताओं और संगठनों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परिवार की स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की.

उन्होंने कहा, ‘हां, मैं हिंदुत्व की राजनीति में विश्वास करता था. लेकिन अब युवाओं को मेरी सलाह है कि वे राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के नाम पर बयानबाजी के झांसे में न आएं.’

उन्होंने कहा कि अगर किसी युवा के साथ कुछ दुर्भाग्यपूर्ण होता है, तो ‘ये राजनेता, जो आपको भड़काते थे, वे आपके शवों पर राजनीति करेंगे, लेकिन आपके परिवार के काम कभी नहीं आएंगे’.

सुशील और संगीता ने कहा कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह से मुताकात की थी, लेकिन उन्हें उनसे सिर्फ झूठे आश्वासन मिले. संगीता ने कहा कि स्वतंत्र देव ने उनकी दास्तां सुनने के बाद कहा कि ‘यह असामान्य घटना’ नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे के दाह संस्कार में मौजूद मंत्री सुरेश पासी ने वादा किया था कि सरकार न्याय सुनिश्चित करेगी. लेकिन उसके बाद वह उनका समर्थन करने के लिए नहीं आए.

परिवार ने स्थानीय सांसद राजवीर सिंह की भी आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने परिवार का किसी भी तरह से सहयोग नहीं किया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)