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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुझे डांटकर भगा देते हैं: दलित सांसद छोटेलाल खरवार

अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज से सांसद छोटेलाल खरवार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय और संगठन मंत्री सुनील बंसल की भी शिकायत की है.

राबर्ट्सगंज से भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार (फोटो: National Portal of India)

राबर्ट्सगंज से भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार (फोटो: National Portal of India)

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के रॉबर्ट्सगंज से सांसद छोटेलाल खरवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ शिकायत की है. पत्र में खरवार ने कहा है कि योगी उन्हें डांट कर भगा देते हैं.

एनडीटीवी की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने खरवार की शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. खरवार ने यह भी शिकायत की है कि प्रशासन और जिला अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते और उनके साथ भेदभाव करते हैं. अपने शिकायत पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय और संगठन मंत्री सुनील बंसल का जिक्र किया है. इसके अलावा उन्होंने अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग में भी शिकायत की है.

अपने पत्र में सांसद ने कहा है कि वो पिछले तीन साल से चंदौली जिला प्रशासन और वन विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, जो उनके संसदीय क्षेत्र से लगा हुआ इलाका है. जब योगी मुख्यमंत्री बने तो लगा था मामला हल होगा लेकिन उल्टा उनकी जमीन को ही वन विभाग की जमीन बता दी गई. खरवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ पार्टी के क्षेत्रीय नेता साजिश कर रहे हैं और विपक्षी दलों के साथ मिलकर उनके खिलाफ काम कर रहे हैं.

आज तक की खबर के अनुसार मोदी को लिखे पत्र में भाजपा सांसद ने कहा है कि जिले के आला अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं. मामले में भाजपा सांसद ने दो बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, लेकिन सीएम ने उन्हें डांटकर भगा दिया.

आजतक से बातचीत में सांसद ने कहा कि पार्टी के कुछ लोग उनके खिलाफ टिकट काटने की साजिश भी रच सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘हां, मैं पार्टी से नाराज हूं. प्रधानमंत्री को लिखकर दिया है, क्योंकि मेरे खिलाफ साजिश की गई है. सपा-बसपा के साथ-साथ भाजपा के लोगों ने मिलकर मेरे भाई को ब्लॉक प्रमुख के पद से हटवाया है, हमारे ऊपर हमले हुए हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘विरोधियों ने मेरे कान पर पिस्टल लगाया, लेकिन पुलिसवालों ने कोई सुनवाई नहीं की, हम थानेदार से लेकर डीजीपी तक से मिल चुके हैं, हमारी बात किसी ने नहीं सुनी.’

खरवार ने शिकायत में कहा है कि प्रदेश में जब अखिलेश सरकार थी, उस समय 2015 में नौगढ़ वन क्षेत्र में अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री समेत कई लोगों से की, लेकिन कार्रवाई की बजाय अधिकारियों ने मेरे घर को ही वन क्षेत्र में डाल दिया. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेश पर दोबारा पैमाईश में सच सामने आया कि मेरा घर वन क्षेत्र में नहीं है.

खरवार ने कहा,‘मैं पार्टी क्यों छोडूंगा? भाजपा किसी की बपौती नहीं है, मेरी भी पार्टी है. मैं अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हूं, मेरे साथ ऐसा सुलूक हो सकता है, तो किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है.’

दलित समाज में पार्टी के प्रति असंतोष पर रॉबर्ट्सगंज सांसद ने कहा,‘मुझे लगता है कि दलितों में आरक्षण को लेकर असंतोष बढ़ा है. हाल के दिनों में जिस तरीके का फैसला, सुप्रीम कोर्ट में आया है, उसके बाद से दलितों के बीच चिंता बढ़ गई है. मुझे प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष पर पूरा भरोसा है, जल्दी ही सब ठीक होगा.’

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