नई दिल्ली: बिहार के लखीसराय ज़िले के अशोक धाम मंदिर में सोमवार (17 अगस्त) को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और करीब एक दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि श्रद्धालुओं से भरी दो ट्रेनें लखीसराय रेलवे स्टेशन पहुंची थीं. इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं थीं, सावन के तीसरे सोमवार पर भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए मंदिर की ओर बढ़े. इसी दौरान बांस की बैरिकेडिंग टूट गई और मौके पर बिजली का खंभा भी टूट गया, जिसके बाद भगदड़ मच गई.
इस संबंध में लखीसराय के ज़िलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि घटना सुबह करीब 6:40 बजे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हुई. उन्होंने कहा कि बैरिकेडिंग टूटने से अचानक भगदड़ मच गई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ज़िला प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद थे.
मालूम हो कि शैलेंद्र कुमार ने अप्रैल 2026 में लखीसराय के ज़िलाधिकारी का पदभार संभाला था.
शैलेंद्र कुमार के अनुसार, ‘अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के ठीक सामने से मंदिर तक लंबी लाइन लगी थी. स्टेशन पर तभी दो ट्रेनें भी आ गईं. इस बीच एक बिजली का खंबा गिरने की अफ़वाह फैली, जबकि सिर्फ़ बिजली का तार टूटा था. बाईं तरफ लगी महिलाओं की लाइन पर दबाव बना और महिलाएं एक के ऊपर एक गिरती चली गईं.’
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक चश्मदीद के हवाले से कहा, ‘हम महिलाएं लाइन में खड़ी थीं. हम गिर गए और करीब 20-25 महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं. भीड़ के नीचे दबने से कई महिलाएं बेहोश हो गईं. मैं भी बेहोश हो गई थी. यह सब बहुत ज्यादा भीड़ होने की वजह से हुआ.’
VIDEO | Lakhisarai, Bihar: 7 women devotees killed, several injured in stampede at Ashok Dham temple; victims recount ordeal.
Visuals from Sadar Hospital.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/ScKY8nxrD6
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
उल्लेखनीय है कि अशोक धाम मंदिर लखीसराय रेलवे स्टेशन के पास स्थित है. बताया गया है कि घायलों को इलाज के लिए सदर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है.
मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा और पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) राकेश कुमार ने मुंगेर के सदर अस्पताल का दौरा किया, जहां घायलों का इलाज चल रहा है.
मीडिया से बातचीत में मीणा ने कहा कि भगदड़ की जांच की जाएगी और घटना के वास्तविक कारण सामने आएंगे.
मुख्यमंत्री ने मुआवज़े की घोषणा की
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि लखीसराय के अशोक धाम में हुई घटना ‘दुखद और हृदयविदारक’ है.
लखीसराय के अशोकधाम की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है.
हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.
घायलों के समुचित एवं त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 17, 2026
उन्होंने कहा कि घायलों को उचित और तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दिवंगत श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी घटना पर शोक जताया. उन्होंने राज्य की एनडीए सरकार पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतज़ाम नहीं करने का आरोप लगाया और इसे प्रशासनिक कुप्रबंधन बताया.
सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम (इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में जलाभिषेक के दौरान बिजली का तार गिरने से फैले करंट, मची अफरा तफरी और भगदड़ से हुए दुखद हादसे में अनेक श्रद्धालुओं के घायल होने व 7 की असामयिक मृत्यु के समाचार से मर्माहत हूँ.
मंदिर परिसर…
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 17, 2026
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है.
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ की घटना अत्यंत दुःखद है. हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मर्माहत हूं. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है.
— Nitish Kumar (@NitishKumar) August 17, 2026
वहीं, बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणबीर नंदन ने कहा कि बोर्ड घटना की जांच करेगा और जल्द ही एक टीम मंदिर परिसर का दौरा करेगी.
राष्ट्रपति ने जताया शोक
इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लखीसराय ज़िले में भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत की खबर बेहद पीड़ादायक है. उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की.
बिहार के लखीसराय जिले में भगदड़ की दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ. मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूँ.
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 17, 2026
इस घटना के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘बिहार के लखीसराय में भगदड़ के कारण हुई जनहानि से दुखी हूं. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है.’
Office of the Prime Minister of India (@PMOIndia) posts, “Pained by the loss of lives due to a stampede in Lakhisarai, Bihar. My thoughts are with the bereaved families in this hour of grief. May the injured recover at the earliest. The local administration is assisting those… pic.twitter.com/7yymlNjJ7D
— Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च महीने में नालंदा ज़िले में स्थित शीतला माता मंदिर में भगदड़ जैसी घटना सामने आई थी, जहां चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार (31 मार्च) को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी. इस दौरान किसी बात को लेकर अचानक अफ़वाह फैली और भगदड़ की स्थिति बन गई थी. भीड़ के दबाव में कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और कुचल गए थे.
इस हादसे में कम से कम आठ लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई थी, जिनमें अधिकांश महिलाएं थी.
